आज के दौर में अनहेल्दी लाइफस्टाइल, गलत खान-पान, मोटापा और स्ट्रेस की वजह से फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है, खासकर नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD). NAFLD वह स्थिति है जिसमें लिवर में ज्यादा फैट जमा हो जाती है. शुरुआत में इसके कोई खास लक्षण नहीं दिखते लेकिन आगे चलकर यह गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है.
अच्छी बात यह है कि सही खान-पान और हेल्दी लाइफस्टाइल की मदद से फैटी लिवर की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है. ऐसे में आज हम आपको कुछ ड्राई फ्रूट्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो फैटी लिवर को कम करने में मदद कर सकते हैं.
अखरोट
अखरोट में भरपूर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो लिवर को हेल्दी रखने में मदद करते हैं. इनमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण लिवर में जमा फैट को कम करने और लिवर एंजाइम्स को बेहतर करने में मदद करते हैं. अखरोट को आप सुबह नाश्ते में या रात में सोने से पहले खा सकते हैं.
बादाम
बादाम में विटामिन E, फाइबर और हेल्दी फैट होते हैं, जो लिवर में फैट मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाते हैं और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करते हैं. इसे रोजाना खाने से बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) घटता है और ब्लड शुगर लेवल भी बेहतर रहता है जो फैटी लिवर को कम करने में मदद करता है. बादाम आमतौर पर सुबह नाश्ते से पहले या नाश्ते के साथ खाना सबसे अच्छा माना जाता है.
पिस्ता
पिस्ता में एंटीऑक्सीडेंट और हेल्दी फैट भरपूर होते हैं. ये शरीर में फैट मेटाबॉलिज्म से जुड़े जीन को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करते हैं और ऑक्सीडेटिव डैमेज को कम करते हैं. रिसर्च के मुताबिक, पिस्ता खाने से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है और लिवर फैट कम होता है. पिस्ता को आप वर्कआउट से पहले या बाद में खा सकते हैं.
पेकन नट्स
पेकन में हेल्दी फैट, विटामिन E और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं. ये लिवर की सूजन कम करने और लिवर सेल्स को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं. मेडिटेरेनियन डाइट के साथ इन्हें शामिल करने से लिवर फैट घटाने और मेटाबॉलिज्म सुधारने में मदद मिलती है. पेकन को आप दोपहर के खाने में सलाद के ऊपर डालकर या फिर सुबह हल्की भूख लगने पर थोड़ी मात्रा में खा सकते हैं.