Bad Cholesterol Pills: दुनियाभर में हार्ट अटैक और स्ट्रोक के मामलों में सबसे बड़ा कारण नसों में जमा 'बैड कोलेस्ट्रॉल' माना जाता है. अब तक इसे कंट्रोल करने के लिए स्टेटिन और इंजेक्शन का सहारा लिया जाता था, लेकिन अब इन मरीजों के लिए खुशखबरी आ गई है. दरअसल, वैज्ञानिकों ने 'एनलिसिटाइड' (Enlicitide) नाम की एक ऐसी गोली तैयार की है जो न केवल सुरक्षित मानी जा रही है बल्कि शरीर से 60 प्रतिशत तक कोलेस्ट्रॉल कम करने में भी मदद करती है. हाल ही में हुए ट्रायल में इसके नतीजे इतने अच्छे वाले रहे हैं कि इसे दिल की सेहत के लिए 'गेम-चेंजर' माना जा रहा है.
एनलिसिटाइड एक ओरल पिल है जिसे विशेष रूप से उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है जिनका कोलेस्ट्रॉल लेवल लाइफस्टाइल में बदलाव और सामान्य दवाओं के बाद भी कम नहीं हो रहा था. इस दवा का काम शरीर में LDL (Low-density lipoprotein) लेवल को कम करना है.
इस गोली के ट्रायल में देखा गया कि जिन मरीजों को यह दवा दी गई, उनके शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर तेजी से नीचे आया था.
बुरे कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए सबसे पहले स्टैटिन दिए जाते हैं जो लिवर में कोलेस्ट्रॉल उत्पादन को कम करके LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल) घटाते थे. वहीं जब स्टैनिन बेअसर हो जाते थे तो PCSK9i जैसी महंगी इंजेक्शन थेरेपी दी जाती थी जो खून से LDL को हटाने की प्रक्रिया बढ़ाती हैं.
स्टैटिन आमतौर पर पहली पसंद वाली सस्ती गोली है जबकि PCSK9i इंजेक्शन थेरेपी है जो स्टैटिन के बेअसर होने या सहन न होने पर इस्तेमाल होती है.
PCSK9 इंजेक्शन न केवल महंगे होते हैं बल्कि कई मरीजों के लिए इन्हें नियमित लेना मुश्किल होता है. एनलिसिटाइड गोली इसी तकनीक पर आधारित है लेकिन इसे अब गोली के रूप में लिया जा सकेगा. मानना है कि इस दवा के आने से इलाज का खर्च कम होगा और मरीजों के लिए दवा लेना भी काफी आसान हो जाएगा.
क्लिनिकल ट्रायल में कई लोग शामिल हुए जिसमें पाया गया कि जिन लोगों ने एनलिसिटाइड की खुराक ली थी, उनमें बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर में भारी गिरावट दर्ज की गई. सबसे अच्छी बात यह रही कि इस दवा का कोई गंभीर साइड इफेक्ट देखने को नहीं मिला. यह दवा शरीर में जाकर उन प्रोटीन्स को ब्लॉक करती है जो लिवर को कोलेस्ट्रॉल साफ करने से रोकते हैं.
जब खून की धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा होता है, तो ब्लड फ्लो रुक जाता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. अगर यह गोली मार्केट में आती है तो लाखों लोगों को समय रहते दिल की बीमारियों से बचाया जा सकेगा.
डॉक्टर इसे कोलेस्ट्रॉल के इलाज में अच्छा कदम मान रहे हैं. हालांकि, अभी इसके बड़े स्तर पर और भी ट्रायल होने बाकी हैं, जिसके बाद में ये आम लोगों के लिए उपलब्ध हो पाएगी.