
सोशल मीडिया पर इन दिनों सांप्रदायिक दावों के साथ एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. इसमें एक आदमी, एक बुजुर्ग व्यक्ति को सड़क पर घसीटता हुआ नजर आ रहा है. कुछ लोगों का कहना है कि ये मामला राजस्थान का है, जहां गफ्फार अली नाम के मुस्लिम व्यक्ति ने, एक हिंदू पुजारी को बुरी तरह से पीटा.
वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, 'ये दरिंदा बचना नहीं चाहिए. गिरफ्तारी तक रीपोस्ट करो हिन्दुओं. मंदिर के पुजारी को घसीटता गफ्फार अली. हरियाणा के कुरुक्षेत्र में एक दरगाह के मुल्ले ने नजदीकी मंदिर के पुजारी की टांगे तोड़कर उसके गले में फंदा डाला और घसीट ले गया. क्योंकि मंदिर की वजह से दरगाह पर लोग नहीं आ रहे थे.'

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि हरियाणा के कुरुक्षेत्र में बुजुर्ग पुजारी के साथ मारपीट करने वाला व्यक्ति मुसलमान नहीं, हिंदू है.
कैसे पता की सच्चाई?
वीडियो पर Bee News का लोगो नजर आता है. इसी नाम के यूट्यूब चैनल पर हमें वायरल वीडियो का लंबा वर्जन मिल गया. यहां बताया गया है कि ये घटना हरियाणा के कुरुक्षेत्र के अढ़ोनी गांव की है. इस वीडियो में गांव के सरपंच का बयान भी है, जिसमें उन्होंने आरोपी का नाम पंकज बताया है.
इस घटना से संबंधित पंजाब केसरी, अमर उजाला और जी न्यूज समेत तमाम न्यूज आउटलेट्स की रिपोर्ट्स मौजूद हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंकज नाम के व्यक्ति की पुजारी योगीराज से कुछ कहासुनी हुई. इसके बाद पंकज ने अपनी पत्नी से लाठी मंगाई और बुजुर्ग पुजारी को शिवनाथ मंदिर के पास बुरी तरह पीटा. गंभीर हालत में पुजारी को लोकनायक जयप्रकाश जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया. सरपंच के हवाले से रिपोर्ट्स में बताया गया है कि पंकज इससे पहले भी गांव में और लोगों से झगड़ा कर चुका है.
हमने थानेसर के एसएचओ रणधीर सिंह से बात की. उन्होंने इस घटना में किसी भी सांप्रदायिक एंगल से इनकार किया. उन्होंने बताया कि आरोपी का नाम पंकज सैनी है और इस घटना में कोई भी मुस्लिम शामिल नहीं है. एसएचओ सिंह ने बताया कि पंकज नकोदर पीर दरगाह से जुड़ा हुआ है और अपनी सेवाएं देता है. ये दरगाह, गांव के मंदिर के पास ही है. एसएचओ के मुताबिक वो दरगाह पर कम लोगों के आने से नाखुश था. पुलिस मामले में कार्रवाई कर रही है.
साफ है कि बुजुर्ग पुजारी के साथ बदसलूकी करने वाला शख्स मुसलमान नहीं है.