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फैक्ट चेक: अफरातफरी में इधर-उधर भागते लोगों का ये वीडियो उत्तम नगर का नहीं है, ये है इसकी सच्चाई

दिल्ली के उत्तम नगर का बताकर वायरल हो रहा अफरातफरी का वीडियो भ्रामक निकला. सोशल मीडिया पर इसे ईद और सांप्रदायिक तनाव से जोड़कर फैलाया गया, जबकि फैक्ट चेक में सामने आया कि वीडियो फरवरी का है और राजस्थान के बारां में पुलिस लाठीचार्ज से जुड़ा है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
अफरातफरी का ये वीडियो दिल्ली के उत्तम नगर है जहां तरुण की मौत के बाद से हालत नाजुक हैं.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
ये वीडियो राजस्थान के बारां का है जहां बछड़े का शव मिलने के बाद वहां प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था.

दिल्ली के उत्तम नगर का बताकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में सैकड़ों लोगों की भीड़ इधर-उधर भागती नजर आती रही है. चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल है.

होली के दिन तरुण कुमार नाम के एक शख्स की हत्या के बाद से इस इलाके में काफी तनाव देखा गया. नाजुक स्थिति को देखते हुए ईद के दिन इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी. ईद के बाद भी पुलिस की सख्ती बनी हुई है.

अब अफरातफरी के इस वीडियो को उत्तम नगर में हुए बवाल का बताकर शेयर किया जा रहा है. कुछ लोग तंज करते हुए लिख रहे हैं कि भागते हुए ये लोग मुस्लिम समुदाय के हैं.

एक्स पर एक व्यक्ति ने लिखा, “15 मिनट वाले उत्तमनगर में 5 मिनट में भाग गए अब्दुल शांतिदूतो को सलाह दे रहा सब घर में छुपकर रहे यह है हमारे हिंदुओं के एकता की ताक़त” इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

वीडियो में घर पर रहने की सलाह दे रहा शख्स साहिब कुरैशी है. कुरैशी ने भी वीडियो को दिल्ली का बताकर शेयर किया था.

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Fact Check Image 1

इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है. 

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये फरवरी का वीडियो राजस्थान के बारां का है.

कैसे पता की सच्चाई?

वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये 9 फरवरी के एक फेसबुक पोस्ट में मिला. इस पोस्ट के मुताबिक ये घटना राजस्थान के बारां की है और गौ-सेवकों पर पुलिस लाठीचार्ज से संबंधित है.

बेहतर क्वालिटी वाले इस वीडियो में एक पुलिस स्टेशन भी साफ नजर आ रहा है. पुलिस स्टेशन पर पता लिखा है -भीमगंज वार्ड, प्रताप चौक, बारां. यानि साफ है वीडियो दिल्ली का नहीं, राजस्थान का है.

इस जानकारी के साथ हमें कई न्यूज रिपोर्ट्स मिलीं जिनमें इस घटना के बारे में बताया गया है. अमर उजाला की 9 फरवरी की रिपोर्ट के मुताबिक बारां में बछड़े का शव मिलने के बाद गौ-सेवक और हिंदू संगठन आक्रोशित हो गए थे.

हिंदू संगठनों ने गोवंश की बेकद्री का आरोप लगाया. वासुदेव गौ सेवा समिति ने ‘बारां बंद’ का आह्वान किया. प्रदर्शन के दौरान प्रताप चौक पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव देखने को मिला. पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया था. लाठीचार्ज के कुछ दिन बाद तीन पुलिसकर्मियों को लाइनहाजिर भी किया गया था.

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