पाकिस्तान में अवैध रूप से रह रहे लोगों के देश छोड़कर वापस जाने की निकल चुकी है. , पाकिस्तान सरकार ने लगभग 20 लाख अफगान शरणार्थियों को देश छोड़ने के लिए कहा है, जिसके चलते ट्रकों में सामान लाद कर कई लोग पार करते दिखे.
इसी बीच, बुर्का पहने महिलाओं पर लाठियां चलाते हुए एक शख्स का वीडियो हो गया है. किसी बंद कमरे में शूट हुए इस वीडियो में भारी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी हुई है. कुछ की मानें तो ये पाकिस्तान से लौटे अफगानी हैं, जिनके साथ तालिबान इस तरह का बर्बर व्यवहार कर रहा है.
वीडियो शेयर करने वाले एक ने लिखा, “पाकिस्तान से भगाए गए अफगान नागरिकों के साथ तालिबान ऐसा बर्बर व्यवहार कर रहा है.” ऐसे ही एक पोस्ट का देखा जा सकता है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये तालिबान नहीं, बल्कि पाकिस्तान पुलिस की बर्बरता का एक पुराना वीडियो है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये वीडियो एक में मिला. 20 जून को किये गए इस ट्वीट के मुताबिक ये घटना पाकिस्तान के चरसद्दा जिले की है, जहां ‘बेनजीर इंकम सपोर्ट प्रोग्राम’ के लाभार्थियों के साथ पुलिस ने ये सुलूख किया. समेत कई लोगों ने उस वक्त इस जानकारी के साथ किया था.
इसके बाद हमें इस घटना के बारे में छपी कई न्यूज रिपोर्ट्स मिलीं. ‘बेनजीर इंकम सपोर्ट प्रोग्राम’ के लाभार्थी किश्त लेने के लिए चरसद्दा में मौजूद में इकट्ठा हुए थे. सेंटर पर महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ने पर वहां मौजूद पुलिस वालों ने उनके साथ धक्कामुक्की की और उन्हें लाठियों से पीटा. वीडियो वायरल होने के बाद चरसद्दा के डिस्ट्रिक्ट पुलिस ऑफिसर ने इस घटना में शामिल पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की थी.
खराब इंटरनेट और स्टाफ की कमी के चलते लाभार्थियों को भारी समस्या का सामना करना पड़ा था. लाभार्थियों की मानें तो उन्हें सेंटर पर कड़कती धूप में घंटों खड़े रहना पड़ा, जहां उनके लिए पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं की गई थी. साथ ही, रिपोर्ट के मुताबिक सेंटर पर मौजूद सभी फिंगरप्रिंट डिवाइस सही से काम नहीं कर रहे थे.
‘बेनजीर इंकम सपोर्ट प्रोग्राम’ की ( ) ने भी इस वीडियो को लेकर 20 जून को ट्वीट किया था. लाठीचार्ज की निंदा करते हुए उन्होंने बताया कि ‘अलफलह बैंक’ में हुई तकनीकी खराबी के चलते ये घटना हुई थी. इस मामले में कांस्टेबल आयाज और को सस्पेन्ड किया गया था.
साफ है, पाकिस्तान में हुए लाठीचार्ज के पुराने वीडियो को पाकिस्तान से लौटे अफगानियों का बताकर शेयर किया जा रहा है.