दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के विवाद के चलते सोशल मीडिया पर इससे जुड़े कई फर्जी खबरें वायरल हो रही हैं. अब सोशल मीडिया पर एक विचलित कर देने वाली तस्वीर खूब वायरल है, जिसमें एक आदमी की पीठ पर गहरे चोट के निशान देखे जा सकते हैं. तस्वीर के साथ दावा किया गया है कि यह आदमी जेएनयू का एक विद्यार्थी है, जिसे मनुवादी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने की सजा मिली है. तस्वीर को देखकर ऐसा लगता है कि आदमी को बुरी तरह से पीटा गया है.
इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने अपनी पड़ताल में पाया कि इस तस्वीर का जेएनयू से कोई लेना-देना नहीं. यह तस्वीर लगभग तीन साल पुरानी है और श्रीनगर, कश्मीर की है.
नाम के एक फेसबुक यूजर ने इस भ्रामक पोस्ट को शेयर किया है. कुछ और से भी इस पोस्ट को साझा किया गया है.
वायरल तस्वीर को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये तस्वीर न्यूज एजेंसी के एक न्यूज आर्टिकल में मिली. इस आर्टिकल के मुताबिक, यह तस्वीर श्रीनगर के एक अस्पताल की है जिसे रॉयटर्स के एक फोटोग्राफर Cathal McNaughton ने अगस्त 2016 में खींचा था. आर्टिकल में तस्वीर में दिख रहे आदमी का हवाला देते हुए कहा गया है कि उसका ये हाल कश्मीर में तैनात सुरक्षा बल के जवानों की पिटाई से हुआ है.
वायरल तस्वीर हमें की वेबसाइट पर भी मिली. यहां पर भी तस्वीर को श्रीनगर का बताया गया है.
ये तस्वीर इस साल फरवरी में भी वायरल हुई थी जब लोगों ने इसे पुलवामा आतंकी हमले से जोड़कर शेयर कर दिया था. उस समय भी ने इसका सच सामने रखा था.
हालांकि, कुछ दिनों पहले ये खबर भी आई थी कि ने दिल्ली पुलिस पर छात्रों पर बेरहमी से लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया है. फीस बढ़ोतरी को लेकर जेएनयू के छात्र कई दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं जिसको लेकर पुलिस और छात्रों के बीच झड़प देखने को मिल चुकी है.