
दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक की कहानी तो आपने सुनी ही होगी. ये नाम इस वक्त काफी सुर्खियों में है. मामला 26 जनवरी का है. उत्तराखंड के कोटद्वार में एक मुस्लिम दुकानदार की दुकान के नाम को लेकर हिंदू संगठनों के कुछ लोगों ने आपत्ति की. बढ़ती बहस और बिगड़ते हालात के बीच दीपक वहां पहुंचे, नाम पूछे जाने पर, मोहम्मद दीपक बताया. उन्होंने बुजुर्ग दुकानदार का साथ दिया और हिंदू संगठनों के लोगों से भिड़ गए.
इसके बाद से वो एक हीरो के तौर पर सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गए. वहीं कुछ लोगों ने उन्हें कांग्रेस समर्थक भी बता दिया. इसी बीच इस मामले पर देश के पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी की टिप्पणी बताकर एक पोस्टकार्ड सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है.
पोस्टकार्ड में लिखा है - “मोहम्मद दीपक की तरह हर एक कांग्रेसी को अपने नाम के आगे मोहम्मद लगाना चाहिए. हर हिंदू कांग्रेसी परिवार अपना बड़ा बेटा मुसलमान बनाएं और बड़ी बेटी मुसलमान के घर 66 ही ब्याहे.” इसे हामिद अंसारी का बयान बताया जा रहा है और उनपर तंज भी किया जा रहा है.
एक्स पर एक व्यक्ति ने लिखा, “ये भी देख लो कॉन्ग्रेसी चमचों तुम्हारे भाई जान क्या कह रहा है, बात मानोगे या नहीं.” इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

लेकिन आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये पोस्टकार्ड फर्जी है. उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है.
कैसे पता की सच्चाई?
अगर हामिद अंसारी जैसी बड़ी शख्सियत ने वाकई ऐसा कोई बयान दिया होता तो ये एक बड़ी खबर होती और ज्यादातर न्यूज चैनलों ने इसके बारे में खबरें छापी होतीं, लेकिन हमें ऐसी कोई न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें उनके इस बयान के बारे में बताया गया हो.
वायरल पोस्टकार्ड पर जी न्यूज का लोगो देखा जा सकता है. जी न्यूज के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी हमें ऐसा कोई पोस्टकार्ड नहीं मिला. इसके अलावा जी न्यूज के पोस्टकार्ड में जिन फॉन्ट्स और स्टाइल्स का इस्तेमाल किया जाता है, वो वायरल पोस्टकार्ड से एकदम अलग है और बिल्कुल भी मेल नहीं खाते हैं
हमें जी न्यूज का वो असली पोस्टकार्ड भी मिला जिसमें छेड़छाड़ करके ये फर्जी पोस्टकार्ड बनाया गया है. असली पोस्टकार्ड में, एक पॉडकास्ट में बोले गए हामिद अंसारी के बयान के बारे में लिखा है. इसमें उनके हवाले से लिखा है - “मुस्लिम 10 हजार बार हज करने जाएंगे लेकिन स्कूल के लिए चंदा नहीं देंगे”

इसे लेकर हमने हामिद अंसारी से भी बात की. उन्होंने वायरल हो रहे इस पोस्टकार्ड को पूरी तरह से फर्जी बताया और कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया.