ईद-उल-अजहा (बकरीद) के त्योहार से ठीक पहले सोशल मीडिया पर शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास के हवाले से एक विवादास्पद बयान वायरल हो गया है कि अगर भारत में मुसलमानों की सरकार होती तो मुस्लिम बकरे की नहीं, हिंदुओं की बलि देते. मौलाना यासूब ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव हैं.
ये बयान एक पोस्टकार्ड के जरिये शेयर हो रहा है जिस पर लिखा है, "अगर पूरे भारत मे मुसलमानो की सरकार होती तो खुदा कसम ईद के दिन हम अल्ला ताला को खुश करने के लिए बकरे की नही हिन्दुओ की बली देते लेकिन अफ़सोस सरकार हिन्दुओ की हे जभी हमे डर कर जीना पर रहा हे. मौलाना यासूब अब्बास, इस्लामी धर्मगुरु" साथ ही, इसमें मौलाना यासूब की एक तस्वीर भी लगी है.
एक फेसबुक यूजर ने इस पोस्टकार्ड को शेयर करते हुए लिखा, "सैकुलर हिंदुओं देख लो और ध्यान से पढ़ लो कि तुम्हारे भाई क्या लिख रहे हैं तुम्हारे प्रति". एक्स पर भी ये पोस्टकार्ड खूब शेयर हो रहा है.

ऐसे ही एक पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कई लोग मुस्लिमों को बुरा-भला कह रहे हैं और मौलाना यासूब को भी अपशब्द कह रहे हैं.
लेकिन आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है. ये पूरी तरह फर्जी है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
सबसे पहली बात, अगर बकरीद जैसे प्रमुख मुस्लिम त्योहार से ठीक पहले कोई मुस्लिम धर्मगुरू इस तरह का विवादित बयान देता, तो सभी जगह इसके बारे में खबरें छपतीं. लेकिन हमें ऐसी कोई भी खबर नहीं मिली.
मौलाना यासूब अब्बास के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी हमें ऐसा कोई बयान नहीं मिला.
पोस्टकार्ड वाली तस्वीर है एडिटेड
वायरल पोस्टकार्ड पर मौजूद मौलाना यासूब अब्बास की फोटो को रिवर्स सर्च करने से ये हमें नवंबर, 2024 की दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट में मिली. जहां, यहां मौजूद फोटो में मौलाना यासूब ने स्लेटी रंग का कोट पहना हुआ है, वहीं, वायरल तस्वीर में इसे एडिट करके हरा कर दिया गया है.

यासूब अब्बास ने आजतक से बातचीत के दौरान इस पोस्टकार्ड को फर्जी बताया और कहा कि वो इस बाबत लखनऊ के चौक थाने में एफआईआर करवा रहे हैं.
यासूब ने इस संबंध में अपने फेसबुक अकाउंट से एक स्पष्टीकरण भी जारी किया जिसे नीचे देखा जा सकता है.
बकरीद पर कुर्बानी के बारे में यासूब अब्बास ने क्या कहा?
यासूब अब्बास ने हाल ही में कहा कि केवल उन्हीं जानवरों की कुर्बानी देनी चाहिए जिनकी कानून में अनुमति है. उन्होंने ये भी कहा कि मुस्लिमों को गाय की तरफ नजर उठाकर भी नहीं देखना चाहिए, क्योंकि हिंदू उसकी पूजा करते हैं.
साफ है, यासूब अब्बास के नाम पर एक मनगढ़ंत बयान शेयर करके भ्रम फैलाया जा रहा है.