राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे एआई इम्पैक्ट समिट को 19 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया. इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस समेत कई बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं. ये समिट 20 फरवरी तक चलेगा. समिट के शुरुआती दिनों में कुछ अव्यवस्था देखी गई थी. इस दौरान दिल्ली की सड़कों पर भारी जाम भी लगा.
अब इसी एआई समिट का बताकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक शख्स, एक रोबोट मशीन से बात करते हुए दिखाई देता है. इस दौरान वो रोबोट को भद्दी गाली दे देता है और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करता है. रोबोट की तरफ से जवाब आता है कि शिष्टता बनाए रखें.
कई लोग इस वीडियो को देखकर आग-बबूला हो रहे हैं. एक्स पर एक व्यक्ति ने लिखा, “AI सम्मिट के दौरान. हमारा भारत देश चीन जैसे देश को टक्कर सिर्फ बच्चा पैदा करने के मामले में ही दे सकता है.” एक व्यक्ति ने तो कमेंट में दिल्ली पुलिस को टैग करते हुए लिखा कि इस व्यक्ति को जेल होनी चाहिए.

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो दुबई के म्यूजियम ऑफ द फ्यूचर का है और इसमें दिखाई दे रहा शख्स पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर काशिफ जमीर है.
कैसे पता की सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें इसका असली सोर्स यानि इसमें दिख रहे व्यक्ति का सोशल मीडिया अकाउंट मिल गया. काशिफ जमीर नाम के व्यक्ति ने 17 फरवरी को ये वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था.
इंस्टाग्राम पेज के बायो सेक्शन में दी गई जानकारी के मुताबिक काशिफ, पाकिस्तान के लाहौर से हैं. वो इंस्टाग्राम के अलावा टिकटॉक पर भी वीडियो बनाते हैं. इस वीडियो के कैप्शन में उन्होंने ‘दुबई’ हैशटैग का इस्तेमाल किया था.

वीडियो में नजर आ रहे रोबोट का नाम Ameca है. ये एक ह्यूमनॉइड ( मानव जैसा ) रोबोट है जो लोगों से बात कर सकता है, उनके सवालों के जवाब दे सकता है. वायरल वीडियो दुबई के म्यूजियम ऑफ द फ्यूचर का है. दुनिया भर से लोग इस म्यूजियम में Ameca रोबोट को देखने और मिलने जाते हैं.
म्यूजियम ऑफ द फ्यूचर में इस रोबोट से बात करते लोगों के ढेरों वीडियो इंटरनेट पर मौजूद हैं. इससे साफ पता चलता है कि वायरल हो रहा वीडियो वहीं का है.
रोबोट से आपत्तिजनक भाषा में बात करता शख्स पाकिस्तान से है और सोशल मीडिया पर इंफ्लुएंसर है. पाकिस्तान में काशिफ कई बार गिरफ्तार भी हो चुके हैं. कभी पुलिस की यूनिफॉर्म को अपमानित करने के आरोप में, तो कभी हथियार लहराने के आरोप में.