ई-एजेंडा आजतक के मंच पर आज देश के 15 राज्यों के मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शिरकत करेंगे. ई-एजेंडा के मंच पर देश में लागू लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण पर अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कई सवालों पर चर्चा होगी. कार्यक्रम में शामिल हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपने राज्य में कोरोना को लेकर किए गए कामों और लॉकडाउन को लेकर बनाई गई रणनीतियों पर चर्चा की. इस दौरान उन्होंने बताया कि किस तरह उन्होंने किसानों की मदद के लिए राज्य में मंडी अधिनियम में बड़े बदलाव किए.
किसानों की समस्या और मंडी अधिनियम पर बात करते हुए शिवराज सिंह ने कहा कि चुनौती को अवसर में बदलने की कोशिश की है. इसे कोई भी पीएम मोदी से सीख सकता है. उन्होंने भारत ही नहीं पूरी दुनिया को दिशा दिखाई है. अमेरिका भी कोरोना के सामने नतमस्तक है. लेकिन हमारी स्थिति बेहतर है. प्रधानमंत्री का कहना था कि चुनौती को अवसर में बदलो तो मेरे मन में भी आया कि चुनौती को अवसर में बदला जाए.
किसानों के हित में उठाए गए कदमों की चर्चा करते हुए शिवराज सिंह ने कहा कि एक तरफ तो हमने किसानों को फसल बीमा का लाभ दिया, लगभग 2990 करोड़ रुपये किसानों के खाते में डाले. जीरो परशेंट ब्याज पर कर्जा दिया. उनकी फसल की कटाई की व्यवस्था की.
किसान की पहले की समस्याएं याद करते हुए उन्होंने कहा कि किसान पहले मंडी में जाकर फसल बेचता था. मंडी में लंबी-लंबी लाइन लगती थी. कई दिन लग जाते थे. कई बार मंडी प्रशासन और वहां के स्थानीय कर्मचारी उनके साथ न्याय नहीं करते थे. उनके साथा ज्यादती होती थी. इसलिए हमने कोरोना का फायदा उठाते हुए मंडी में खरीदी का बाध्यता को समाप्त कर दिया. मध्य प्रदेश में हमने मंडी एक्ट में संशोधन किया.
शिवराज सिंह ने मंडी अधिनियम के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि मंडी तो रहेगी लेकिन अब प्राइवेट मंडी भी खोली जा सकेगी. किसान और व्यापारी में अगर सहमति है तो किसान मंडी में क्यों जाए, लाइन लगाकर क्यों खड़ा रहे, वहां नीलामी क्यों करवाए अपनी फसल की. व्यापारी किसान के घर आए और मोलभाव करके यदि किसान और व्यापारी का सौदा पट जाए तो सीधे घर पर और किसान के खेत से फसल खरीद ले. एक लाइसेंस पर व्यापारी पूरे प्रदेश में कहीं भी फसल खरीद सकेगा. ई-ट्रेडिंग की व्यवस्था भी की है. किसानों को दाम ठीक मिलेंगे. यह एक क्रांतिकारी कदम है.
उद्योगों को लेकर शिवराज सिंह ने किया बड़ा ऐलान
उद्योंगों को लेकर अपनी रणनीति बताते हुए शिवराज ने कहा कि हमने तीन तरह से प्रयास किए. हमने मनरेगा के तहत मजदूरों को पैसा देना शुरू कर दिया है. एक हजार रुपये सबके खाते में डाले जा रहे हैं. निर्माण के काम ग्रीन जोन में शुरू कर चुके हैं. अब ऑरेंज जोन में भी शुरू करेंगे.
इसके साथ ही शिवराज सिंह ने ई-एजेंडा के मंच से इस बात का भी ऐलान किया कि कोई अगर एमपी में नया उद्योग शुरू करेगा तो उस पर एक हजार दिन तक लेबर लॉ नहीं लगाया जाएगा. उसे इससे छूट दी जाएगी. शिवराज सिंह ने कहा कि मैं यहां कहना चाहता हूं कि कोई यदि मध्य प्रदेश में निवेश करता है और उद्योग शुरू करना चाहता है तो एक हजार दिन तक लेबर लॉ लागू नहीं किया जाएगा. मिनिमम वेज देने की व्यवस्था जरूर करेंगे. ताकि लोगों को रोजगार मिले. रेड जोन के बाहर ज्यादातार उद्योग शुरू की जा चुकी हैं. चीन से कई कंपनियां बाहर जाना चाहती हैं. हम कोशिश करेंगे कि लोग यहां आएं.