ना उम्र की सीमा हो, जागृति जैसे हिट शोज कर चुकीं टीवी एक्ट्रेस रचना मिस्त्री ने इंडस्ट्री में होने वाले भेदभाव और कास्टिंग काउच पर अपने अनुभव शेयर किए हैं.
रचना ने बताया कि उन्हें भी लोगों से हीन भावना का शिकार होना पड़ा है, लेकिन इस इंडस्ट्री में अच्छे लोग भी हैं. टेली मसाला से बातचीत में उन्होंने बताया कि पीरियड्स के दौरान उन्हें बाथरूम तक जाने का टाइम नहीं दिया गया था. साथ ही कास्टिंग काउच पर भी बात की.
रचना ने कहा कि मैं मानती हूं कि अगर आपको दिक्कत है तो बोल दो डायरेक्टर को खुलके कि दिक्कत है. अपने साथ हुए इंसीडेंट को याद करते हुए वो बोलीं- एक बार मुझे रूम से बाहर आने में थोड़ा टाइम लग गया.
'क्योंकि मुझे पीरियड्स आ गए थे. लेकिन इतने में बाहर हंगामा शुरू हो गया कि- अरे क्या है इतना टाइम क्यों लग रहा है. फिर वो बिना नाम लिए कॉरिडोर में चिल्लाने लग गए कि क्या हो रहा है सबको बुलाओ बाहर.'
रचना ने आगे कहा कि- फिर मैं रूम से बाहर निकली और चिल्ला दिया कि- मुझे पीरियड्स हो गए हैं. इसिलए लेट हुआ मुझे, अब चल सकते हैं. सब चुप हो गए. मैं पहले ही एक असिस्टेंट को बता चुकी थी तो अच्छा नहीं लगा.
इसी के साथ रचना ने बताया कि वो कास्टिंग काउच का शिकार हो चुकी हैं. वो बोलीं- शुरू शुरू में बहुत मिले हैं. अक्सर बड़े चैनल का नाम लेकर ठगा जाता है.
'एक ने मुझसे कहा कि एमटीवी का शो है, तो मैंने कहा कि हां मैं भी इसका हिस्सा बनना चाहूंगी. तो फिर उसने कहा लेकिन आपको कॉम्प्रोमाइज करना होगा.'
रचना ने बताया कि मैंने उसको कहा कि ठीक है आगे से मुझे कॉन्टैक्ट मत करना. इसके अलावा भी कई बार उन्हें ऐसे लोग मिले जिन्होंने अलग-अलग तरह से कॉम्प्रोमाइज की बात करने की कोशिश की.
रचना का मानना है कि लड़कियां अक्सर इन बातों को खुद पर ले लेती है. किसी ने कुछ कह दिया, कोई इंसीडेंट हो गया तो मत सोचो. आप सही हो. वो गलत है. उसे बुरा फील करने दो, खुद जैसे हो वैसे ही रहो.