'भाभीजी घर पर हैं' फेम एक्टर आसिफ शेख (विभूति नारायण मिश्रा) ने 1989 में लेडीलव जेबा से शादी की थी. सालों बाद भी कपल के बीच बेशुमार प्यार है.
हॉटरफ्लाई संग बातचीत में कपल ने अपनी लव स्टोरी और निकाह की कहानी बताई. जेबा ने कहा कि वो शादी से पहले एक्टर को आसिफ भाई बुलाती थीं.
आसिफ ने बताया कि जेबा 8-9वीं क्लास में थीं. जब वो मुंबई में उनके घर में किराए पर रहते थे. जेबा और उनके बीच कम बातचीत होती थी.
जेबा के मुताबिक, निकाह का फैसला उनकी मां ने लिया था. जेबा की दादी और मां को आसिफ पसंद थे. दोनों कहती थीं- लड़का अच्छा है, नमाज पढ़ता है, कुछ खाता-पीता नहीं है. वो चाहते थे जेबा की शादी उनसे हो.
दोनों का परिवार शादी के लिए राजी हो गया था. किसी ने विरोध नहीं किया. जेबा के कुछ दोस्तों को लगा कि उन्हें एक्टर से शादी नहीं करनी चाहिए. हालांकि बाद में वो मान गए थे.
जेबा ने कहा कि आसिफ एक बार उन्हें देखने दिल्ली से मुंबई आए थे. कपल ने बताया कि शादी से पहले उनकी बहुत लड़ाई होती थी. गुस्से में एक्टर अपना बैग पैक कर गाड़ी में रख लेते थे.
लेकिन जुहू का चक्कर काटकर वो वापस घर लौट आते थे. आसिफ ने कहा कि लड़ाई होने पर वो ही हमेशा सॉरी बोलते हैं.
निकाह की तैयारी जेबा के घरवालों ने की थी. उनकी मां ने शादी का जोड़ी लिया था. आसिफ ने बताया कि शादी के दिन वो फिल्म 'सोने की जंजीर' की शूटिंग कर रहे थे.
उन्होंने शूट के बाद गाड़ी में अपनी सेव बनाई. घर पर आकर नहाए, पगड़ी-शेरवानी पहनकर वो वेन्यू में पहुंचे. उनकी मां की ख्वाहिश थी कि वो गुलाब का सेहरा पहनें.
उनका सेहरा 15-20 किलो का था. जो कि काफी भारी था. 45 मिनट तक भारी भरकम, लंबा सेहरा उन्होंने पहना, फिर हटा दिया. दोनों ने निकाह के बाद खाते वक्त एक दूसरे को देखा. जेबा ने घूंघट किया हुआ था.
बिदाई के वक्त जेबा रोने लगी थी. तब आसिफ मजे लेने लगे. उनकी गाड़ी में छोटी मोटी नोकझोंक हुई. जेबा ने कहा- मुझे लगा था इन्हें थोड़ा समझना चाहिए था. लड़किया घर छोड़कर इमोशनल होती हैं.