ठुमरी गायिका गिरिजा देवी का 24 अक्टूबर, मंगलवार रात कोलकाता में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. पिछले कई दिनों से बीएम बिड़ला नर्सिंग होम में उनका इलाज चल रहा था. गिरिजा देवी को ठुमरी क्वीन के नाम से भी जाना जाता है.
पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि क्लासिकल सिंगर का ऐसे जाना भारतीय संगीत के लिए क्षति है. क्लासिकल संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा.
Saddened by demise of Girija Devi ji. Indian classical music has lost one of its most melodious voices. My thoughts are with her admirers.
— Narendra Modi (@narendramodi)
Girija Devi ji's music appealed across generations. Her pioneering efforts to popularise Indian classical music will always be remembered.
— Narendra Modi (@narendramodi)
गिरिजा देवी की नातिन ने अनन्या दत्ता ने एक बयान में कहा कि सुबह वह ठीक थीं और कुछ देर बाद तबियत खराब होने की वजह से उन्हें अस्पताल ले जाया गया. देर शाम हालात में सुधार हुआ लेकिन फिर रात में करीब आठ बजे स्थिति नाजुक हुई और रात को साढ़े नौ बजे उन्होंने अंतिम सांस ली.
पंडित साजन मिश्रा ने कहा कि गिरिजा देवी के साथ एक युग का अंत हो गया, लेकिन उनकी गायिकी जिंदा रहेगी. बहुत बुरी खबर है. भगवान उनकी आत्मा को शांति दें.
बनारस घराने की शास्त्रीय गायिका गिरजिा देवी को शास्त्रीय संगीत के साथ ही ठुमरी गाने में भी महारथ हासिल थी.
1972 में गिरिजा देवी को पद्म श्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था. 1989 में उन्हें पद्म भूषण और 2016 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था.