सेंसर बोर्ड के चीफ पहलाज निहलानी को हटा दिया गया है. उनके बदले गीतकार प्रसून जोशी को चेयरमैन बनाया गया है. एक्ट्रेस विद्या बालन को सेंसर बोर्ड का सदस्य बनाया गया है.
Shri Prasoon Joshi appointed Chairperson of Central Board of Film Certification
— MIB India (@MIB_India)
बता दें कि हाल के दिनों में बतौर सेंसर बोर्ड चीफ निहलानी के कुछ फैसलों पर सवाल उठा था. खासकर फिल्मों को सर्टिफिकेट देने और उनमें कट्स के सुझाव के कारण वे अक्सर चर्चाओं में रहे हैं.
निहलानी के इन फैसलों पर उठे सवाल
मोदी सरकार के आने के बाद सेंसर बोर्ड के चीफ के तौर पर निहलानी की नियुक्ति हुई थी. इसके बाद वे लगातार विवादों में रहे. फिल्मों में सीन काटने को लेकर अक्सर वे बॉलीवुड सितारों के निशाने पर रहे. यहीं कुछ विवाद हैं, जिनके कारण वे चर्चा में रहे.
1. उड़ता पंजाबः शाहिद कपूर की इस फिल्म को लेकर सबसे ज्यादा पहलाज निहलानी विवादों में रहे. इस फिल्म में निहलानी और उनकी कमेटी की ओर से करीब 42 कट्स लगाने के सुझाव दिए थे. मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा था और आखिरकार फैसले फिल्म निर्माता के पक्ष में आया था.
2. बॉन्ड के बनाया संस्कारी
निहलाज की टीम ने अंग्रेजी फिल्मों की सीरीज जेम्स बॉन्ड के भी कई सीन को कटवा दिए थे. सोशल मीडिया में इस बात की चर्चा हो चली थी कि उन्होंने बॉन्ड को संस्कारी बना दिया था.
3. लिपिस्टक अंडर माय बुर्का
हालिया विवाद लिपिस्टक अंडर माय बुर्का को लेकर था. इस फिल्म को सेंसर बोर्ड ने पास करने से मना कर दिया था.
4. इंटरकोर्स शब्द पर भी आपत्ति
'जब हैरी मेट सेजल' के ट्रेलर में इंटरकोर्स शब्द पर निहलानी ने आपत्ति जताई थी.
आइफा में उड़ा था मजाक
सीबीएफसी चीफ पहलाज निहलानी का हाल में ही IIFA के कार्यक्रम में जमकर मजाक उड़ा था. मजाक बनाने के लिए उन्होंने आयोजकों को कानूनी नोटिस भेजा था. निहलानी ने आरोप लगाया था कि एक्ट के दौरान रितेश देशमुख और मनीष पॉल ने उनकी तस्वीरों का दुरुपयोग किया है और उन्हें वॉचमैन भी कहा है.
परेश रावल ने ट्वीट कर प्रसून जोशी का स्वागत किया और स्मृति ईरानी को धन्यवाद दिया.
Welcome Prasoon ji n thanks Smriti Irani ji .
— Paresh Rawal (@SirPareshRawal)
कौन हैं सेंसर बोर्ड के नए चीफ
प्रसून जोशी मोदी सरकार के करीबी माने जाते हैं. केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के नये अध्यक्ष गीतकार प्रसून जोशी होंगे. निहलानी 2015 से सेंसर बोर्ड चीफ के पद पर थे. जोशी गीतकार के अलावा मशहूर ऐडमैन रह चुके हैं. जोशी ने मौला, कैसे मुझे तू मिल गई, तू बिन बताए, खलबली है खलबली, सांसों को सांसों में जैसे मशहूर गाने लिखे हैं.
प्रसून जोशी का जन्म 1971 में हुआ था. जोशी के पिता उत्तराखंड के पीसीएस अधिकारी थे. जोशी ने पहले एमबीए की पढ़ाई की फिर एक कंपनी से जुड़ गए. वहां उन्होंने दस साल काम किया. राजकुमार संतोषी की फिल्म लज्जा ने उन्हें फिल्मों में एंट्री दिलवा दी. उसके बाद से वो लगातार फिल्मों से जुड़े हैं.