इंडिया टुडे कॉनक्लेव 2018 के दूसरे दिन 'Life in two acts: The Reel and the real' सत्र में तमिल फिल्मों के मशहूर अभिनेता अरविंद स्वामी ने शिरकत की. इंडिया टुडे की सीनियर जर्नलिस्ट पद्मजा जोशी के साथ बातचीत में अरविंद ने MeToo के बारे में कहा- "मैं MeToo मूवमेंट का स्वागत करता हूं, लेकिन मैं उस स्थिति में कोई स्टैंड नहीं ले सकता जब बात ऐसी शिकायतों की हो जिनमें लोगों ने ज्यादा जानकारी ही नहीं उजागर की हो.हालांकि मैं उन लोगों का समर्थन नहीं करता हूं जो आरोपियों का समर्थन कर रहे हैं."
सिने स्क्रीन पर दूसरी पारी खेलने जा रहे अरविंद ने लिरिसिस्ट वैरामुथु पर लगाए यौन शोषण के आरोपों पर भी विचार व्यक्त किया. उन्होंने कहा, "यदि आप सीधे बात करते हुए आरोप लगा रहे हैं तो मुझे और जानकारी की जरूरत होगी. इससे पहले कि मैं कुछ भी बोल सकूं. जब तक पूरी और ठीक जानकारी सामने नहीं आती, तब तक यह किसी और का ही ओपिनियन रहेगा."
लंबे समय से सिनेमा से दूर चल रहे हैं अरविंद ने यह साफ़ किया कि वह एक्टिंग छोड़ने नहीं जा रहे हैं. उन्होंने यह भी बताया कि वह अगले साल निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखने जा रहे हैं.
Stardom stifled me: to at
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— India Today (@IndiaToday)
मणिरत्नम के पोस्टर बॉय कहलाते हैं अरविंद
रोजा, ध्रुव और बॉम्बे जैसी फिल्मों में काम कर अरविंद को मणिरत्नम का पसंदीदा एक्टर कहा जाता है. पद्मजा से बातचीत में उन्होंने बताया कि वही मुझे मॉडलिंग से निकाल कर फिल्मों में लाए थे. अब फिर दोबारा उन्हीं के कहने पर वापस फिल्मों में आ रहे हैं.
अरविंद ने कहा, "वह महज 20 साल के थे जब उन्होंने मॉडलिंग में काम करना शुरू किया था. बाद में उन्हें फ़िल्में मिलीं और और वे मणि का हाथ पकड़ कर आगे ही बढ़ते चले गए."