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Victoria Secret: मशहूर ब्रांड बनाने वाले ने मौत को चुना, मॉडल्स ने झेला दर्दनाक टॉर्चर

बॉलीवुड एक्ट्रेस तृप्ति डिमरी को लॉन्जरी ब्रांड 'विक्टोरिया सीक्रेट' का पहला इंडियन ब्रांड एंबेसडर बनाया है. भले ही बाहर से यह ब्रांड बेहद ग्लैमरस दिखता हो, लेकिन इसके पीछे कई चौंकाने वाले सच छिपे हैं.

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विक्टोरिया के 'डार्क' सीक्रेट (Photo: ITGD)
विक्टोरिया के 'डार्क' सीक्रेट (Photo: ITGD)

बॉलीवुड एक्ट्रेस तृप्त‍ि डिमरी के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है. उन्हें फैशन इंडस्ट्री की lingerie बनाने वाली सबसे बड़ी ब्रांड में शुमार विक्टोरिया सीक्रेट का पहला भारतीय ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है. बेशक ये गर्व की बात है. तो जानिए विक्टोरिया सीक्रेट ब्रांड की कहानी क्या है, क्यों ये दुनिया का इतना बड़ा नाम है. सबसे जरूरी बात, इसकी मॉडल होना एक अचीवमेंट से कम नहीं, मगर इनके डार्क सीक्रेट आपके होश उड़ा देंगे. मॉडल्स की ज‍िंदगी किसी सजा से कम नहीं है. ये हम नहीं कह रहे खुद कई मॉडल्स ने बताया था. हालांकि, इन खुलासों के बाद मॉडल‍िंग दुनिया के कई नए पैरामीटर बनाए गए हैं. 

शुरूआत करते हैं इसके विक्टोरिया सीक्रेट के स्टोर खुलने की कहानी से विक्टोरिया सीक्रेट के उदय की कहानी भी बहुत दिलचस्प है. 1970 में महिलाओं के लिए ब्रा-पैंटी मात्र जरूरत थी, जिस पर इसे बनाने वाले ज्यादा मेहनत नहीं करते थे. आज की तरह ये फैशनेबल या फिर खुद को आकर्षक बनाने वाले गारमेंट के तौर पर नहीं देखी जाती थी. दूसरी दिक्कत थी खरीदना, मह‍िलाएं चुपके से अंडरगारमेंट खरीदती थीं, लेकिन किसी पुरुष ने सोच ल‍िया तो उसे दुकान पर तिरछी नजरों से देखा जाता था. 

रेमंड नाम का एक शख्स एक दिन अपनी पत्नी गे रेमंड के लिए lingerie खरीदने गया. तब उन्हें अहसास हुआ कि वास्तव में ये कितना कठिन काम है. स्टोर पहुंचते ही उन्हें अटेंडेंट ने मुस्कुरात हुए शक भरी नजरों से देखा. इस नजर ने रेमंड को परेशान कर दिया. इतना ही नहीं यहीं से शुरू हुआ नया सफर. 

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रेमंड उस दिन दुकान से परेशान होकर खाली हाथ लौट गए. वो यही सोचते रहे कि मेरी जगह कोई शर्म‍िला इंसान अगर होता तो उस पर क्या बीतती. पत्नी के ल‍िए कपड़े खरीदना इतना बड़ा जुर्म है. जैसे कोई अपराध करने गया था. वो इन निगाहों को कभी नहीं भूले, ज‍िसने उन्हें एहसास कराया कि वो बस यौन भावना से लबरेज हैं. 

इन्हीं विचारों ने रेमंड को एक ऐसा स्टोर खोलने का आइडिया दिया जहां एक मेल अपनी पत्नी के लिए lingerie खरीदते हुए असहज ना महसूस करें. 1977 में  बैंक लोन, माता-पिता से उधार लेकर, सैन फ्रांसिस्को के पास स्टैनफोर्ड शॉपिंग सेंटर में एक छोटा सा बुटीक खोला और इस तरह जन्म हुआ विक्टोरियाज़ सीक्रेट का. Huffington Post पर पब्लिश Naomi Barr की रिपोर्ट के अनुसार, रेमंड ने विक्टोरियन युग से जुड़ी शालीनता और सम्मान को उजागर करने के लिए अपने स्टोर को 'विक्टोरिया' नाम दिया, वहीं बाहरी रूप से परिष्कृत, विक्टोरिया के 'रहस्य' नीचे छिपे हुए थे. इन दोनों को जोड़ कर Victoria's Secret नाम दिया गया.

विक्टोरिया की सफलता का सफर मगर रेमंड का अंत 
रेमंड ने इस ब्रांड को बनाकर बहुत सफलता हास‍िल की, लेकिन ये बहुत दिन तक ट‍िकी नहीं. आख‍िरकार दिवाल‍िया होने की वजह से वो परेशानी में रहने लगे. निजी जिंदगी में लोग उन्हें आशावादी कहते थे. वक्त की मार और तलाक ने उन्हें तोड़ दिया. यही दौर उन्हें अवसाद से आत्महत्या तक ले आया. 26 अ्गस्त 1993 में वह अपनी गाड़ी लेकर गोल्डन गेट ब्रिज पर चले गए. उन्होंने ब्रिज के बीचों बीच अपनी टोयोटा कार रोकी और गार्ड रेल पर चढ़ गए. जिस शहर में उन्हें इतनी सफलता मिली थी, वहीं उन्होंने 275 फीट नीचे गहरे पानी में कूदकर अपनी जान दे दी. रेमंड का अंत हुआ मगर इसके बाद इसकी कमांड आई लेस्ली वेक्सनर के हाथ. उन्होंने बहुत जल्द इसकी कमी को भांप ल‍िया. वेक्सनर की दूरदर्शिता रंग और विक्टोरिया सीक्रेट दुनियाभर में पहचान बनाने वाला ब्रांड बन गया. इसकी शौहरत आज भी आसमान छूती है. इसके ल‍िए खास मॉडल्स का चुनाव होता है. लेकिन मोटी कमाई, शोहरत देने वाला ये काम किसी सजा से कम नहीं है. 

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विक्टोरिया सीक्रेट की अंधेरी दुनिया 

विक्टोरिया सुपर मॉडल होना एक बड़ा अचीवमेंट है. लेकिन इसके पीछे का सच और मेहनत थोड़ा डराने वाली है. फैशन इंडस्ट्री में मॉडल्स को स्किनी रहने के लिए दिए जाने वाले जबरदस्त प्रेशर होता है. कई मॉडल्स ने खुलकर अपनी कहानी बताई. वजन कम करने के ल‍िए टॉर्चर झेलना पड़ता है. पूर्व विक्टोरिया सीक्रेट मॉडल एरिन हीथर्टन (Erin Heatherton) ने खुलासा किया कि उन्हें आखिरी दो विक्टोरिया सीक्रेट शोज के लिए वजन घटाने का अल्टीमेटम दिया गया था. दिन में दो बार जिम करने के बावजूद जब उनका वजन कंपनी के बताए स्तर पर नहीं पहुंचा तो वे काफी डिप्रेस हो गईं. आख‍िरकार वजन कम नहीं हुआ था तो कुछ समय बाद उन्होंने कंपनी छोड़ दी. 

इसी तरह विल्हेल्मिना मॉडल्स से जुड़ी मॉडल जुजाना बुचवाल्ड (Zuzanna Buchwald) ने बताया था कि उनके एजेंट्स ने उन्हें एक्सरसाइज बंद करने और खाना बंद करने की सलाह दी. इस प्रेशर की वजह से उन्होंने लगभग चार साल तक एनोरेक्सिया (खाने की गंभीर बीमारी) से जूझना पड़ा. उन्होंने बताया कि फैशन इंडस्ट्री में अगर एजेंसी को थोड़ी सी भी वेट गेन की भनक लग जाए, तो आपको मापा जाता है, तुरंत वजन कम करने को कहा जाता है और डांटा जाता है. 

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'मॉडल रोसी नेल्सन (Rosie Nelson) ने भी यही अनुभव साझा करते हुए कहा कि लोग मॉडलिंग को बहुत ग्लैमरस समझते हैं, लेकिन हकीकत बिल्कुल अलग है. उन्होंने कहा, "लोग सोचते हैं कि इसमें करोड़ों रुपये कमाए जाते हैं, लेकिन असलियत यह है कि पतला रहने का लगातार दबाव रहता है. अगर हिप्स थोड़े बड़े हो जाएं तो रिजेक्ट होने का डर सताता रहता है. 

एक मॉडल ने बताया कि उसे तीन दिन तक ब‍िना खाने के रहना पड़ा था. पानी के सहारे रहना इतना दर्द देने वाला था. जब वो 25 कि उम्र में पहुंचीं तो उसके पीरियड भी बंद हो गए. सीढ़‍िया चढ़ना तो पॉसिबल ही नहीं था. कई मामले ऐसे भी आए जब उसे सेक्शुअल असॉल्ट होना पड़ा. कई बार तो मॉडल्स को दर्द भुलाने के ल‍िए ड्रगस भी दिए जाते हैं.

ये सच है कि ऐसा करने को कोई फोर्स नहीं करता, मगर कम उम्र में शोहरत तक पहुंचाने वाला रास्ता काफी कंट्रोल‍िंग होता है. आप खुद तय नहीं कर पाते ही जो दर्द दे रहा है वो गलत है. आख‍िरकार मैंने इस चमकती दुनिया को छोड़ दिया.

विक्टोरिया सीक्रेट ब्रांड आज कामयबाम नामों में से एक है, ल‍ेकिन इस चकाचौंध के पीछे का सच डराने वाला जरूर है.  

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