कम लोग होते हैं जो अपने प्रोफेशन को समाज में बदलाव लाने के लिए इस्तेमाल करते हैं. अफगानी एक्ट्रेस फरजाना नवाबी, भी उन्हीं शख्सियतों में से एक हैं. भले ही वो अफगानिस्तान के बाहर जन्मीं और पली बढ़ीं, बावजूद इसके वो अफगानी महिलाओं के हक के लिए सालों से लड़ रही हैं.
फरजाना पेशे से सिंगर, वुमन एंड चाइल्ड राइट एक्टिविस्ट और अबी मीडिया ग्रुप की फाउंडर हैं. फरजाना ईरान में एक रिफ्यूजी (शरणार्थी) बनकर जन्मीं. फ्रांस और कनाडा में जी हुई अपनी रिफ्यूजी लाइफ के एक्सपीरियंस ने उनकी जिंदगी को मकसद दिया.
अफगान की महिलाओं की आवाज को फरजाना अपने गानों के जरिए बुलंद करती हैं. वो अफगानी महिलाओं के संघर्षों के बारे में दुनिया को बताती हैं. उनके बुनियादी अधिकारों की वकालत करती हैं. वो अभी कनाडा के वैंकूवर में रहती हैं. राइट टू लर्न के वैंकूवर चैप्टर के साथ वॉलंटियर करती हैं.
2011 में फरजाना अपने देश अफगानिस्तान वापस लौटीं थीं. तब अफगानिस्तान के हालात उन्हें पहले से सुधरे हुए लगे थे. वो अपने देश के लिए कुछ करना चाहती थीं. वहां काम करने का उनका सपना था, जो पूरा भी हुआ. हालांकि इसके लिए उन्होंने गालियां भी खाईं.
फरजाना 7 साल की उम्र से एक्टिंग करने लगी थीं. एक्टिंग के साथ उन्होंने संगीत की दुनिया में कदम रखा और छा गई. म्यूजिक उनके लिए खास इसलिए भी रहा क्योंकि उन्होंने इसे अपने जज्बातों को जाहिर करने और सामाजिक वकालत का पावफुल टूल बनाया.
फरजाना अपने प्रोजेक्ट्स मीना वॉकिंग, सॉइल एंड रोकल अफ़गानिस्तानी शो 'खत-ए-सेवोम' के लिए फेमस हैं. वो इंटरनेशनली हिट शो होमलैंड में भी नजर आई हैं.
फरजाना अपने संगीत के जरिए अफगानिस्तान की महिलाओं की सच्चाई, उनके संघर्षों को दुनिया के सामने लाती हैं. बीते दिनों उन्होंने एक पावरफुल गाना 'Bezan Zan Ra' रिलीज कर अफगानी महिलाओं को डेडिकेट किया था. इसे जरिए उन्होंने अफगानी महिलाओं और लड़कियों के साथ हुए अन्याय को बताया था.
उनके मुताबिक, अफगानिस्तान में इस वक्त महिलाओं के हालात पहले से ज्यादा बुरे हैं. वो अपने बेसिक अधिकारों से वंचित हैं. आज वो भले ही इन संघर्षों से दूर हैं, लेकिन वो वहां के लोगों का दर्द महसूस कर सकती हैं.
वो चाहती हैं दुनिया अफगानिस्तान की आवाम को ना भूलें. एक वक्त ऐसा आए जब वहां की लड़कियां स्कूल लौटे, महिला और बच्चे आजाद घूमे. सभी अफगानी सम्मान और शांति के साथ अपने देश लौट सकें.
All Photos: Instagram @farzananawabi_official
फरजाना का मानना है उनकी सोसायटी में लड़कियों का सिनेमा करना कई लोगों को नागवार गुजरता है. जो भी महिलाएं सिनेमा में काम करती हैं, उन्हें धमकी मिलती है. अपना एक ऐसा किस्सा फरजाना ने शेयर किया था.
उनका कहना था- एक दफा मैं रोड़ पर खड़ी थी, तभी एक सवारियों से भरी कार आकर रुकी, उन्होंने तीखे शब्दों में कहा- क्या तुम वही हो जो टीवी पर काम करती है? जब मैंने जवाब नहीं दिया तो एक शख्स गाड़ी से उतरा और मुझ पर हमला करने को दौड़ा. मैंने भागकर अस्पताल में शरण ली. क्या होता अगर मैं उस दिन बच नहीं पाती.