फिल्म का नाम: इन्फर्नो
डायरेक्टर: रॉन हॉवर्ड
स्टार कास्ट: टॉम हैंक्स, फेलिसिटी जॉन्स, इरफान खान
अवधि: 2 घंटा 2 मिनट
सर्टिफिकेट: U/A
रेटिंग: 2 स्टार
एकेडमी अवॉर्ड विनिंग डायरेक्टर रॉन हॉवर्ड ने राइटर डॉन ब्राउन की लिखी हुई नॉवेल 'इन्फर्नो' पर आधारित यह थ्रिलर फिल्म बनाई है, फिल्म की कास्टिंग काफी दिलचस्प लगती है, आइए फिल्म की समीक्षा करते हैं.
कहानी
फिल्म की कहानी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के सिम्बोलॉजिस्ट रॉबर्ट लैंगडॉन (टॉम हैंक्स) की है जो एक्सीडेंट के बाद इटली के एक हॉस्पिटल में पाया जाता है
, रॉबर्ट की मेमोरी चली जाती है और उसका साथ वहाँ मौजूद डॉक्टर सिएना ब्रुक्स (फेलिसिटी जॉन्स ) देती है. सिएना के साथ मिलकर रॉबर्ट यूरोप में घूम
घूम कर कई सारे सुरागों के साथ एक वायरस को नष्ट करने का भरपूर प्रयास करता है. इस बीच हैरी सिम्स (इरफान खान) ,एलिजाबेथ और वयेथा जैसे
किरदारों की एंट्री होती , और आखिरकार फिल्म को अंजाम मिलता है.
कमजोर कड़ियां
1. फिल्म को देखते हुए आपको थ्रिलर एलिमेंट की सुगंध तो आती है लेकिन खोदा पहाड़ निकली चुहिया जैसी बात सामने आती
है.
2. फिल्म का स्क्रीनप्ले काफी कमजोर है और देखते हुए आपके जहन में एक ही सवाल चलता रहता है की आखिरकार ऐसा क्यों हो रहा है? जिसका
जवाब आपको और भी निराश करता है.
3. हाल ही में रिलीज हुयी फिल्म 'सली' में बेहतरीन भूमिका निभाने के बाद अब एक्टर टॉम हैंक्स 'इन्फर्नो' में
दिखाई तो देते हैं लेकिन उनका किरदार सिर्फ लिखावट में ही अच्छा लगता है, फिल्मांकन के दौरान हैंक्स का किरदार बहुत बड़ा प्रभाव नहीं छोड़
पाता.
4. फिल्म में बहुत बडे बड़े चेसिंग सिक्वेंस हैं जो काफी बोर करते हैं और उनकी वजह से फिल्म की लेंथ भी बड़ी लगती है.
5. फिल्म का
क्लाइमेक्स काफी कमजोर है, जिसे और भी इंटरेस्टिंग बनाया जा सकता था.
क्यों देखें
अगर आपको टॉम हैंक्स और इरफ़ान खान काफी पसंद हैं , या इटली और इस्तानबुल को पर्दे पर कभी नहीं देखा है तो यह फिल्म एक बार जरूर देख
सकते हैं.
बॉक्स ऑफिस
फिल्म को सबसे पहले भारत में रिलीज किया गया है और इसके एक हफ्ते बाद बाद यू एस और 'यू के' के देशों में रिलीज किया जाएगा. फिल्म को बड़े
पैमाने पर शूट किया गया है , देखना ये खास होगा की कमाई कितनी हो पाती है.