जिंदगी का गेम बदलने के लिए एक आदमी का किस्मत की लाइन तोड़कर आगे निकलना और एक साम्राज्य खड़ा करना, हिंदी सिनेमा के प्राचीन काल से ही एक सॉलिड कहानी की नींव बनता आया है. प्राइम वीडियो की नई वेब सीरीज मटका किंग में, विजय वर्मा का ब्रिज भट्टी ऐसा ही एक किरदार है. इस किरदार की कहानी दिलचस्प तो है, मगर एंगेजिंग कितनी है ये एक अलग सवाल है.
मटका किंग टुकड़ों में असरदार है और ये टुकड़े अगर पूरी सीरीज से काटकर अलग कर दिए जाएं तो शायद तीन घंटे की एक टाइट फिल्म भर में सिमट जाते. मटका किंग के बाकी हिस्से किस्मत से सिकंदर बने हीरो के पर्सनल स्ट्रगल का वही टेम्पलेट हैं, जहां कहानी के अंत में वो अकेला खड़ा दिखाई देता है.
ईमानदार जुए वाला!
जुए के खेल को, जिंदगी का जैकपॉट बना देने वाला ब्रिज का गेम मटका, किसी क्रांति से कम नहीं है— पहले के जुएबाज किस्मत के फैसलों में टांग अड़ाकर अपना कद लंबा करते जाते थे. इसमें ब्रिज का पुराना बॉस लालजी भाई (गुलशन ग्रोवर) भी है. मटका किंग की शुरुआत मुंबई के कपास बाजार में लालजी भाई के अड्डे से ही होती है. ईमानदार गुलाम ब्रिज भट्टी हर शाम जुए के विनर्स तय करने वाले पत्ते खोलता है, लेकिन सबसे काम के पत्ते छुपा ले जाता है.
अपनी जरूरत पर उसे एहसास होता है कि ईमानदारी का गहना गुलामों पर ही जंचता है, मालिकों को नहीं. जुए में दुश्मनी और घाटा कमाकर लौटे अपने छोटे भाई लच्छू (भूपेंद्र जाड़ावत) को बचाने के लिए उसे कुछ क्रांतिकारी कदम उठाना पड़ेगा. लालजी भाई से सीखे जुए को ही ब्रिज, ये ईमानदारी देता है कि किस्मत का फैसला सबसे ऊपर है. उसकी ये ईमानदारी उन्हें भी चांस देती है, जिन्हें जिंदगी ने ही कभी चांस नहीं दिया.
कहानी के स्पीड ब्रेकर
मटका किंग जबतक ब्रिज के गेम पर रहती है, कहानी दमदार लगती है. लेकिन आंकड़ों के खेल का बादशाह ब्रिज, अपनी पर्सनल लाइफ की गेम के कंट्रोल में नहीं है. और मटका किंग का कंट्रोल भी इसी हिस्से में कमजोर पड़ता है. ब्रिज को एक खूबसूरत पारसी महिला गुलरुख (कृतिका कामरा) की पार्टनरशिप मिलती है, जो मजदूरों के बीच चल रहे मटके के खेल को मुंबई के रईसों में पहुंचाती है. इस पार्टनरशिप का ड्रॉइंग रूम से, बेडरूम तक पहुंचना एक और बहुत घिसता जा रहा आइडिया है.
ब्रिज के साम्राज्य की नींव में लगे दो मजबूत पिलर उससे तंग आने लगते हैं— उसका छोटा भाई और लालजी भाई की मैनेजरी के दौर से उसके साथ रहा दगड़ू (सिद्धार्थ जाधव). उसका 'मटका किंग' होना, उसके पत्नी बरखा (साई तमहानकर) और बच्चे के लिए हानिकारक साबित हो रहा है. इस पर्सनल जंग के अलावा ब्रिज को एक अक्खड़ जर्नलिस्ट (गिरीश कुलकर्णी), पॉलिटिकल सिस्टम, पुलिस, मुंबई पर राज करने आए एक गैंगस्टर से भी खतरा है. लालजी भाई तो अपने पुराने गुलाम से दुश्मनी पाले हुए हैं ही.
सारी कहानी घूमकर इसी सेंटर पर आ जाती है कि 'दौलत ही सबकुछ नहीं है'. कहानी का ये दूसरा हिस्सा मटका किंग को ऐसा स्लो करता है कि चार एपिसोड के बाद इस वेब सीरीज को अंत तक आते-आते जैसे एक पूरा दौर लग जाता है.
कहां कम रह गई गहराई?
मटका किंग एक बहुत बड़ी पहेली को सुलझाए बिना आगे बढ़ जाती है— बंटवारे में कराची से जान बचाकर मुंबई पहुंचे ब्रिज और उसके भाई की कहानी. बचपन से मजदूरी करने उतरे ब्रिज ने आंकड़ों और ताश के पत्तों के खेल में मास्टरी कैसे हासिल की?
ब्रिज के किरदार की इन पहेलियों को सुलझाना वेब सीरीज को एक अच्छी गहराई दे सकता था. ये मटका किंग के अर्श से फर्श पर पहुंचने के सफर से ज्यादा दिलचस्प होता. डायरेक्टर नागराज मंजुले की कहानियां मुंबई की दुनिया, भाषा, बर्ताव को कैप्चर करने में तो कामयाब हमेशा रहती हैं. मगर 8 एपिसोड की ये सीरीज मटका किंग को कुछ और ऐसे सबप्लॉट चाहिए थे जो दर्शक को बांधे रखते. ब्रिज के पर्सनल स्ट्रगल वाले हिस्से कमजोर होने से शो बहुत खिंच गया.
मंजुले को विजय वर्मा समेत एक ऐसी ड्रीम कास्ट मिली थी जो हर उलझन को स्क्रीन पर पूरी मजबूती से उतार सकती थी. ब्रिज के किरदार में विजय का जानदार काम तो मटका किंग की हाइलाइट है ही. भूपेंद्र, सिद्धार्थ, साई और गिरीश अपने काम को पूरी शिद्दत से निभाते हैं. लेकिन एक्टर्स का दमदार काम, उनके कमजोर कैरेक्टर आर्क की वजह से बहुत चमक नहीं पाता. दोनों फीमेल कैरेक्टर बहुत टिपिकल हैं. 60s के फील को कैप्चर करने में भी मटका किंग की प्रोडक्शन वैल्यू हल्की पड़ती है. खासकर चलती गाड़ी में बात करते किरदारों के पीछे चलते बहुत बेसिक VFX शॉट तो, किरदारों से ध्यान ही हटा देते हैं.
कुल मिलाकर मटका किंग एक ऐसी वेब सीरीज है, जिसमें एक से बढ़कर एक दमदार एक्टर्स मौजूद हैं. भारत में जुए के देसी गेम की ऑरिजिन स्टोरी है. सिस्टम से हताश हुआ क्रांतिकारी नेगेटिव हीरो है. मगर राइटिंग इसका पोटेन्शियल कमजोर कर देती है. फिर भी विजय वर्मा की एक्टिंग, मटके के गेम के गणित और एक दिलचस्प एंटी-हीरो के लिए मटका किंग देखी जा सकती है.