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फिल्‍म समीक्षा: रोमांच जगाती 'एक थी डायन'

एकता कपूर और विशाल भारद्वाज की सुपरनैचुरल थ्रिलर 'एक थी डायन' रिलीज हो गई है. फिल्म को लेकर काफी सरगर्मियां हैं आइए फिल्म समीक्षा में इसकी खासियत और खामियों पर एक नजर डालते हैं.

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'एक थी डायन
'एक थी डायन

कलाकार इमरान हाशमी, कोंकणा सेन शर्मा, हुमा कुरैशी और कल्कि केकलन
डायरेक्टर कन्नन अय्यर

हर किसी के बचपन में डर की एक वजह होती है. कोई बरगद के भूत से डरता है, तो कोई वीरान हवेली की चुड़ैल से. और कोई डरता है लंबी चोटी वाली डायन से. तोते की गर्दन मरोड़ दें तो चुड़ैल मर जाएगी. बचपन की बात करें तो रात होते ही हमारा डर हम पर हावी हो जाता था, दीवारों पर रेंगती छिपकलियां हमे डायनासॉर लगने लगती थीं और हम दुबककर अपनी रजाई में मुंह घुसेड़ लेते थे. बस, ऐसी ही आपके-हमारे डर से बुनी गई कहानी है एक थी डायन. विशाल भारद्वाज अपनी किस्सागोई के लिए फेमस हैं तो एकता कपूर अपनी मार्केटिंग स्ट्रेटजी के लिए. दोनों की जोड़ी ने बखूबी फिल्म को एक मुकाम दिया है. हालांकि फिल्म की सुस्त चाल थोड़ा तंग करती है लेकिन काल्पनिकता बडी मजेदार है. फिल्म में रोमांच का पुट बना रहता है. फिल्म का ऐंड थोड़ा और मजेदार होने की अपेक्षा थी.

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कहानी में कितना दम
बोबो (इमरान हाशमी) एक जादूगर है, और बचपन की एक डायन का डर उसे अचानक सताने लगता है. वह ताम्रा (हुमा कुरैशी) से प्यार करता है. एक दिन मैजिक शो करते समय बोबो पर अपना डर हावी हो जाता है और वह साइकोलॉजिस्ट के पास जाकर अपने बचपन के बारे में जानता है, और अपना भविष्य सुधारने के लिए ताम्रा से शादी कर लेता है. इसके बाद उसके जीवन में डायन का साया फिर गहराने लगता है. उसे हर लंबी चुटिया वाली औरत डायन लगती है. लेकिन असल में डायन होती कौन है, यही सस्पेंस है.
विशाल भारद्वाज की किस्सागोई फिल्म में साफ नजर आती है. जो बचपन से दादा-दादी या नाना-नानी से ऐसे किस्से सुनते आए हैं, वह इस फिल्म को जरूर देखना चाहेंगे. डराने वाले पल कम हैं लेकिन चौंकाने वाले ज्यादा. बीच-बीच में आने वाले मधुर गाने भी काफी अखरते हैं क्योंकि कहानी की कंटिन्युटी बाधित होती है. भूतों से जुड़ा हर पहलू हैः चंद्र ग्रहण, 29 फरवरी. डायनें नरक से आती हैं. उसने क्रॉस क्यों नहीं पहना. इंसानी बच्चों की कुर्बानी से डायन ताकतवर होती है, न जाने कितनी मजेदार बातें. बेशक किस्से-कहानियों में यकीन न करने वालों को यह फिल्म थोड़ी अखर सकती है लेकिन वे इसे एक बार देखना जरूर चाहेंगे.

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स्टार अपील
हर फिल्म में किस करने वाले इमरान हाशमी ने हुमा कुरैशी के साथ अपने रिकॉर्ड को कायम रखा है. लेकिन बोबो के किरदार को उन्होंने बखूबी निभाया है, फिल्म में उनका सबसे मजेदार डायलॉग हैः चोटी काटूंगा. तेरी चोटी काटूंगा...फिल्म में जो फियर फैक्टर है, उसकी असल वजह डायना (कोंकणा सेन शर्मा) हैं, उन्होंने अपने किरदार को बखूबी निभाया है. उनका मजेदार डायलॉग हैः मैं वापस आऊंगी. हुमा कुरैशी ने भी अच्छा काम किया है. कल्कि केकलन सामान्य हैं, क्योंकि उनके पास फिल्म में करने के लिए कुछ खास नहीं है. इमरान हाशमी और कोंकणा सेन शर्मा पूरी फिल्म में छाए रहते हैं.

कमाई की बात
यह कल्पना के पंखें पर उड़ान भरती एक सुपरनैचुरल थ्रिलर है. फिल्म का जबरदस्त प्रचार-प्रसार हुआ है. जिसकी वजह से इसका वीकेंड मजबूत रह सकता है. पिछले हफ्ते दोनों छोटी फिल्मीं नौटंकी साला और कमांडो रिलीज हुई थीं लेकिन इस हफ्ते अकेली एक थी डायन रिलीज हो रही है, जिसका फायदा इसे मिल सकता है. कुल मिलाकर यह लोक कथाओं से निकली मॉडर्न डायन है जो काफी हद तक एंटरटेनिंग है.

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