फिल्म का नाम: निल बट्टे सन्नाटा
डायरेक्टर: अश्विनी अय्यर तिवारी
स्टार कास्ट: स्वरा भास्कर, रिया शुक्ला, पंकज त्रिपाठी, रत्ना पाठक शाह
अवधि: 1 घंटा 40 मिनट
सर्टिफिकेट: U
रेटिंग: 3.5 स्टार
निर्देशक अश्विनी अय्यर तिवारी ने अपने जीवन में बहुत सी एड फिल्में बनाई हैं. और अब पहली बार फिल्म 'निल बट्टे सन्नाटा' डायरेक्ट करती हुई नजर आई हैं. कैसी है यह फिल्म आइए जानते हैं.
कहानी
यहां कहानी उत्तर प्रदेश के 'आगरा शहर' की है जहां एक कामवाली बाई चंदा सहाय (स्वरा भास्कर) अपनी बेटी अपेक्षा सहाय (रिया शुक्ला) के साथ रहती
है. जब अपेक्षा दसवीं क्लास में पहुंचती है तो चंदा को उसकी काफी चिंता होने लगती है क्योंकि अपेक्षा की गणित काफी कमजोर होती है. फिर चंदा जिनके
घर काम करती है उनकी सलाह लेकर उसी स्कूल में दाखिला लेती है जहां अपेक्षा पढ़ती है. फिर एक ही क्लास में पढ़ते हुए मां और बेटी के बीच
कॉम्पिटिशन भी शुरू हो जाता है जिसका अंजाम काफी अनोखा होता है. और यह अंजाम क्या होता है इसे जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी.
स्क्रिप्ट
फिल्म की कहानी काफी सिंपल है जिसे बड़े ही अच्छे ढंग से डायरेक्टर ने दर्शाया है. मां-बेटी, उनकी गरीबी और सपने को पूरा करने की
चाह को फिल्म के दौरान दिखाया गया है. स्क्रिप्ट लेवल पर कहानी 100 मिनट में पूरी हो जाती है. आपसी झगड़ों, स्कूल में बर्ताव और निजी जिंदगी की
झलकियों को कैमरे में बखूबी कैद किया गया है.
अभिनय
लीड रोल में स्वरा भास्कर और उनकी बेटी बनी रिया शुक्ला ने कहानी के मुताबिक अपनी अदायगी का बेहतरीन प्रदर्शन किया है जिससे आप खुद को
किरदार से कनेक्ट होता हुआ पाते हैं. कुछ ऐसे पल भी आते हैं जो आपको इमोशनल बनाते हैं. साथ ही मालकिन के किरदार में रत्ना पाठक शाह का
अच्छा रोल है. स्कूल के प्रिंसिपल का किरदार अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने बड़ी ही सहजता के साथ निभाया है.
संगीत
फिल्म का गाना 'डब्बा गुल' अच्छा है, साथ ही फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर भी कहानी के साथ सटीक चलता है.
क्यों देखें
अगर आपको लीक से हटकर फिल्में देखना पसंद है, तो पूरे परिवार के साथ आप 'नील बट्टे सन्नाटा' फिल्म देख सकते हैं.