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Exclusive: सुशांत ट्रीटमेंट के दौरान रोने लगते, आने लगे थे सुसाइड के विचार, डॉक्टर का दावा

सुशांत सिंह राजपूत का इलाज कर रही डॉक्टर सुजैन वॉकर का बयान जो उन्होंने मुंबई पुलिस को दिया था. आज तक के पास 59 वर्षीय डॉक्टर सुजैन का वो बयान है जो उन्होंने 16 जुलाइ को मुंबई पुलिस को दिया था.

सुशांत सिंह राजपूत सुशांत सिंह राजपूत

सुशांत सिंह राजपूत की मौत की वजह क्या है? क्या उन्होंने खुद ही अपनी जान ले ली, या फिर उनकी हत्या की गई थी इस राज से पर्दाफाश होना अभी बाकी है. हालांकि इसी दौरान सुशांत का इलाज करने वाली डॉक्टर सुजैन वॉकर का मुंबई पुलिस को दिया बयान सामने आया है जो सुशांत की मौत से पहले की उनकी मानसिक स्थिति और एक्टर की मौत की वजह से बारे में डॉक्टर का अनुमान बताता है.

सुशांत सिंह राजपूत का इलाज कर रही डॉक्टर सुजैन वॉकर का बयान जो उन्होंने मुंबई पुलिस को दिया था. आज तक के पास 59 वर्षीय डॉक्टर सुजैन का वो बयान है जो उन्होंने 16 जुलाइ को मुंबई पुलिस को दिया था. 

सुशांत को आने लगे थे सुसाइड के विचार 

अक्टूबर और नवंबर के बीच सुशांत सिंह राजपूत की तबीयत बुरी तरह बिगड़ गई थी. रिया ने बताया था कि सुशांत को आत्महत्या करने के विचार आया करते थे. 1 से 10 में अगर सुशांत की बतीयत की बात करें तो ये 9 से 10 के आसपास पहुंच गई थी. सुशांत ने डॉक्टर वॉकर को बताया था कि वह बचपन में शर्मीला था इसलिए उसे बहुत कुछ फेस करना पड़ा था.

बायपोलर डिसऑर्डर से जूझ रहा था सुशांत 

सुशांत ने वॉकर को बताया कि उनकी मां की जान पैनिक अटैक के चलते गई और वह अपनी मां के काफी करीब था. वह अपने पिता के उतना करीब नहीं था. अपनी मां के गुजर जाने के बाद वह अपनी बहनों के करीब हो गया था. एक बात तो साफ है कि वह बायपोलर डिसऑर्डर से जूझ रहा था. वॉकर ने अपने बयान में बताया कि सुशांत अपनी बीमारी के बारे में जानता तो था पर वह उसे स्वीकार नहीं कर पा रहा था. वह दवाइयां और इसका उपचार नहीं ले रहा था. ट्रीटमेंट के दौरान वह कई बार रोने लगता था. वह रोने के दौरान अपने ही बारे में काफी निगेटिव महसूस करने लगता था.

डॉक्टर के बयान के अनुसार सुशांत सिंह राजपूत का बायपोलर डिसऑर्डर बहुत ज्यादा बढ़ चुका था. ये लगातार बढ़ता जा रहा था और सुशांत को लग रहा था कि वह कभी भी ठीक नहीं हो पाएगा. वॉकर ने कहा कि शायद सुशांत को लगा कि वह इससे कभी नहीं उबर पाएगा और उसके परिवार को इसकी वजह से सफर नहीं करना चाहिए. उसने अपने रिजॉर्ट में बैठकर शायद फाइनल डिसीजन लिया होगा.

कैसे डॉक्टर सुजैन के पास पहुंचे सुशांत 

डॉक्टर सुजैन वॉकर को 30 अक्टूबर 2019 को श्रुति नाम की एक महिला का व्हाट्सएप पर मैसेज आया. श्रुति तब सुशांत के लिए काम किया करती थी. श्रुति ने डॉक्टर वॉकर को बताया कि सुशांत को पिछले 10 दिनों से बहुत ज्यादा घबराहट हो रही है और उसे मेडिकल हेल्प की जरूरत है. डॉक्टर सुजैन वॉकर ने सुशांत को 4 नवंबर 2019 का अपॉइंटमेंट दिया. वॉकर ने क्लिनिक पर आकर मिलने के लिए कहा लेकिन श्रुति ने उसी दिन वो अपॉइंटमेंट कैंसिल कर दिया.

रिया चक्रवर्ती ने डॉक्टर सुजैन को कॉन्टैक्ट किया

इसके बाद 7 नवंबर 2019 को रिया चक्रवर्ती ने डॉक्टर सुजैन को व्हाट्सएप पर कॉन्टैक्ट किया और अपने दोस्त सुशांत सिंह राजपूत की सेहत के लिए मदद मांगी. रिया ने कहा कि सुशांत बहुत परेशानी में है. सेक्रेटरी ने अपॉइंटमेंट बुक किया लेकिन उस रोज सुशांत की मानसिक स्थिति बहुत बिगड़ने के चलते वह नहीं पहुंच सका. इसके बाद रिया से दूसरा अपॉइंटमेंट बुक करने के लिए कहा. तब डॉक्टर ने 15 नवंबर 2019 को अपॉइंटमेंट दिया लेकिन रिया ने कहा कि अगर थोड़ा पहले का अपॉइंटमेंट मिल सके तो बेहतर होगा.

डॉक्टर ने रिया से पूछा कि क्या सुशांत को आत्महत्या के विचार आ रहे हैं तो रिया ने कहा- हां. उसने डॉक्टर को बताया कि वह अभी डॉक्टर निकिता शाह से ट्रीटमेंट ले रहा है. ये बात रिया चक्रवर्ती ने डॉक्टर वॉकर से कही.

डॉ. सुजैन वॉकर ने अपने बयान में कहा, "मुझे लगा कि सुशांत सिंह की तबीयत बहुत ज्यादा सीरियस है और उन्हें तत्काल ट्रीटमेंट की जरूरत है, इसलिए मैंने उन्हें 7 नवंबर 2019 को शाम 4.45 बजे आने के लिए कहा. उन्हें मेरे क्लीनिक का पता दिया गया और करीब पौने पांच बजे रिया चक्रवर्ती व सुशांत सिंह राजपूत मेरे पास आए."

डॉ. सुजैन वॉकर संग सुशांत का पहला सेशन 

"उस रोज मैं सुशांत से पहली बार मिली. मैंने रिया से कहा कि वह बाहर इंतजार करें क्योंकि उन्हें सुशांत से कुछ क्लीनिकल डिसकशन करने थे. इस सेशन में, मैं इस नतीजे पह पहुंची, "उसकी घबराहट पिछले 10 दिनों में बहुत ज्यादा बढ़ गई है और ये दवाइयां लेने के बाद भी कम नहीं होगी."  2013-14 में उसकी घबराहट की दिक्कत बहुत ज्यादा बढ़ गई थी. जब वह युवा था तो वह एडेरॉल लिया करता था, हफ्ते में दो बार, ताकि वह अपना फोकस बढ़ा सके. वह बहुत शर्मीला था जिस वजह से उसका सर्किल उसे चिढ़ाया करता था. जब वह 15-16 साल का हुआ तो उसकी मां पैनिक अटैक से गुजर गईं.

सामने आया सुशांत में बायपोलर डिसऑर्डर 

डॉक्टर वॉकर ने कहा कि उसके कहे मुताबिक वह अपनी मां के बहुत ज्यादा करीब था और इसके बाद वह अपनी बहनों के करीब हो गया, लेकिन मुझे नहीं लगा कि वह अपने पिता के करीब है. सुशांत ने स्पेस, खगोल विज्ञान और भौतिक विज्ञान की बातें कीं. उसका बात करने का तरीका और बर्ताव पूरी तरह से अतार्किक और बहुत फास्ट था. जिसकी वजह से मुझे समझ में आया कि वह बायपोलर डिसऑर्डर से जूझ रहा है.

डॉक्टर सुजैन ने कहा कि उन्हें पता चला कि सुशांत पिछले 20 साल से इसके लक्षण से जूझ रहा है. सुशांत ने खुद डॉक्टर वॉकर को बताया कि बहुत युवा उम्र से ही उसे ये दिक्कतें हो रही थीं. यही लक्षण उसने 2013 से 2014 के बीच महसूस किए थे. हर बार ये लक्षण पहले से ज्यादा बढ़ जाते थे.

सुशांत नहीं ले रहे थे रेग्युलर ट्रीटमेंट 

डॉक्टर वॉकर ने बताया कि सुशांत अपनी बीमारी के बारे में जानते थे लेकिन जैसे ही वह थोड़ा बेहतर महसूस करते थे वह दवाइयां लेना बंद कर देते थे. वह रेग्युलर बेसिस पर ट्रीटमेंट नहीं ले रहे थे. वॉकर ने बताया कि जब सुशांत उनके पास आया तब तक उनकी दिक्कत बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी. उन्होंने बताया कि सुशांत को तत्काल इलाज की जरूरत थी. वॉकर ने अपने परिचित डॉक्टर प्रवीण दादाचंदजी को संपर्क किया. वॉकर ने बताया कि बायपोलर डिसऑर्डर एक तरह का रासायनिक असंतुलन है, इसमें बेहिसाब पैसा खर्च करना, 4-4 5-5 दिन तक नींद नहीं ले पाना, सब कुछ खोने और सब कुछ जल्दी जल्दी करने की चाहत होना जैसी चीजें होती हैं. 

वॉकर ने बताया कि ऊपर जिन सेशन्स का जिक्र किया गया है उनमें सुशांत में जल्दी-जल्दी सोचने, जल्दी-जल्दी बातें करने और बैचेनी जैसे लक्षण नजर आए थे. सुशांत ने बताया था कि उसे एक मिनट का समय भी कई दिनों की तरह लगता था इसलिए उसे और ज्यादा डर और घबराहट होने लगती थी.

इसके बाद सुशांत प्रवीण दादाचंदजी के पास गया जिन्हें सुजैन ने 14 नवंबर 2019 को कंसल्ट किया था. अगले दिन जब सुशांत डॉक्टर प्रवीण के पास पहुंचा तो वह भी श्योर थे कि वह बायपोलर डिसऑर्डर से जूझ रहा है.

जब सुशांत को पता चला अपनी बीमारी के बारे में  

15 नवंबर 2019 को सुशांत सिंह राजपूत डॉक्टर सुजैन वॉकर के पास आए और रिया चक्रवर्ती उनके पास थीं. सुजैन ने सुशांत को बताया कि उन्हें बायपोलर डिसऑर्डर है और वह ठीक हो जाएंगे, लेकिन उन्हें प्रॉपर और रेग्युलर ट्रीटमेंट लेना होगा. डॉक्टर सुजैन ने बताया कि सुशांत जल्दी से ठीक हो जाना चाहता था जो कि संभव नहीं था. सुजैन ने सुशांत से 18 नवंबर को दोबारा क्लीनिकल एग्जामिनेशन को आने के लिए कहा. 15 नवंबर को सुशांत रिया के साथ डॉक्टर वॉकर के यहां पहुंच गए.

ट्रीटमेंट के दौरान रोने लगते थे सुशांत

जब सुजैन क्लीनिक पहुंचे तब तक सुजैन बायपोलर डिसऑर्डर के बारे में काफी रिसर्च कर चुकी थीं. सुशांत बिना किसी वजह के उदास था. सुजैन ने एक बड़ी बात ये बताई कि सुशांत कई बार रोया करता था. डॉक्टर वॉकर ने कहा, "वह कई बार मुझसे बात करने के दौरान भी रोने लगता था. इसके अलावा वह अपने बारे में बहुत ज्यादा निगेटिव महसूस किया करता था."

डॉक्टर वॉकर ने बीमारी के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा, "हर इंसान के दिमाग में सेरोटोनिन नाम का कैमिकल रिलीज होता है. अगर ये कैमिकल कम रिलीज होगा तो इंसान दुखी महसूस करेगा और ये कैमिकल अलग ज्यादा रिलीज होगा तो इंसान खुश महसूस करेगा. अन्य शब्दों में कहें तो किसी इंसान का मूड किस वक्त कैसा होगा ये उस इंसान के दिमाग में बहने वाला ये कैमिकल तय करता है.

इस दिक्कत का इलाज करने में जो दवाइयां इस्तेमाल की जाती हैं वो दिमाग में इस रसायन के स्त्राव को नियंत्रित करती हैं. इंसान इसमें इस हद तक उदास होने लगता है कि उसे आत्महत्या के विचार भी आने लगते हैं. इसलिए दवाइयों के अलावा इसमें शख्स पर कड़ी नजर बनाए रखना भी काफी जरूरी होता है. वॉकर ने बताया कि उन्हें लगता था कि इन्हीं वजहों से सुशांत बार-बार रोता रहता था.

सुजैन वॉकर को रिया का मैसेज 

24 नवंबर को सुजैन वॉकर ने सुशांत को कॉल किया कि वह क्लिनिकल एग्जामिनेशन के लिए आए लेकिन रिया ने एक मैसेज करके बताया कि सुशांत की बहन आ रही हैं और वह संभवतः उनके साथ बाहर जाएगा. 4 दिसंबर 2019 को वॉकर ने रिया को मैसेज किया कि सुशांत की सेहत अब कैसी है? जिसका रिया ने कोई जवाब नहीं दिया. इस वजह से वॉकर को फिक्र हुई. उन्होंने 5 दिसंबर को रिया को दोबारा मैसेज करके सुशांत की सेहत के बारे में पूछा. जिसके जवाब में रिया ने कहा कि सुशांत अब ठीक है और दवाइयां बदलने के बाद वह अंधेरे से  रोशनी मेें आ गया हैैै.  

7 दिसंबर 2019 को रिया ने वॉकर को मैसेज किया कि दवाइयां बदलने से सुशांत को लाभ हुआ है. वापस आकर वो उनसे मिलेंगे. 7 जून 2020 को रिया ने फिर से वॉकर को संपर्क किया और बताया कि वह खुद भी ठीक महसूस नहीं कर रही हैं और उन्होंने अगले दिन का अपॉइंटमेंट लिया.

रिया ने बताया सुशांत ने बंद कर दिया दवा लेना 

हालांकि 8 जून को रिया ने डॉक्टर को बताया कि सुशांत ने दवाइयां लेना बंद कर दिया है और उसकी तबीयत फिर से बिगड़ने लगी है और वह अपॉइंटमेंट कैंसिल कर रही हैं. रिया ने ये भी बताया कि सुशांत की तबीयत काफी ज्यादा बिगड़ रही है और संभव है कि उसके परिवार वाले भी घर आएंगे. रिया की बातों से सुजैन को लगा कि रिया सुशांत की बहुत अच्छे से देखभाल कर रही हैं ताकि वह इस समस्या से निकल सकें, लेकिन क्योंकि वह अपनी दिक्कत को नजरअंदाज कर रहे थे तो रिया पर भी इसका काफी फर्क पड़ा था.

अपने बयान में डॉक्टर सुजैन वॉकर ने बताया, "मुझे लगता है कि सुशांत ने दवाइयां लेना बंद कर दिया था, बायपोलर डिसऑर्डर बहुत ज्यादा बढ़ गया था और दवाइयों के बारे में नहीं सोच कर उन्होंने इस दिक्कत को काफी बढ़ा लिया था, दवाएं नहीं लेने के चलते ये दिक्कत मुझे लगता है कि बढ़ती चली गई और काफी ज्यादा बढ़ गई."

क्यों किया सुशांत ने सुसाइड? 

डॉक्टर ने बताया, "इसके बाद 14 जून 2020 को दोपहर 2.40 पर डॉक्टर प्रवीण ने मुझे बताया कि सुशांत ने सुसाइड कर लिया है. मेरे ख्याल से, सुशांत को बायपोलर डिसऑर्डर था और उसने इस बारे में बहुत कुछ पढ़ा था. मैंने उसे कई बार कहा था कि वह ठीक हो जाएगा लेकिन उसे लगता था कि ये सच नहीं है. इसीलिए उसे लगता था कि वह कभी भी इस दिक्कत से नहीं उबर सकेगा." डॉक्टर ने कहा- कुल मिलाकर मुझे लगता है कि इस दिक्कत की वजह से उसका परिवार और बाकी सदस्य परेशान नहीं होते रहें इसलिए उसने खुद ही अपनी जान लेने का फैसला किया होगा.

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