म्यूजिक कंपोजर ए आर रहमान एक बार फिर विवाद से घिर चुके हैं. कुछ समय पहले वो 'सांप्रदायिक भेदभाव' वाला कमेंट करके फंसे थे. अब रहमान पर गाना चोरी का आरोप लगा है. ये आरोप ध्रुपद शैली के भारतीय शास्त्रीय गायक उस्ताद फैय्याज वासिफुद्दीन डागर ने लगाया है, जिसमें उन्होंने कंपोजर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की है.
फिर क्यों कॉन्ट्रोवर्सी में फंसे रहमान?
उस्ताद फैय्याज वासिफुद्दीन डागर ने आरोप लगाया है कि ए आर रहमान ने मणि रत्नम की तमिल फिल्म 'पोन्नियन सेल्वन 2' के गाने 'वीरा राजा वीरा' में उनके परिवार की पुरानी रचना 'शिव स्तुति' का कुछ हिस्सा चुराया था. ये फिल्म साल 2023 में आई थी, जिसे काफी पसंद भी किया गया.
उनका दावा ध्रुपद गायकी या पूरी बंदिश पर नहीं है. लेकिन उसे जिस सूल ताल (जो एक खास किस्म की ताल है) में इसे बांधा गया है, वो उनकी अपनी चीज है. आमतौर पर इसे चौताल में गाते हैं, जो अमीर खुसरो ने लगभग 800 साल पहले बनाई थी. लेकिन डागर शैली में इसे सूल ताल में गाया जाता है.
सुप्रीम कोर्ट में क्या हुई सुनवाई?
सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉय माल्य बागची की बेंच ने इस केस की सुनवाई की. जिसमें चीफ जस्टिस ने कहा कि डागर वाणी को किसी परिचय की जरूरत नहीं. पूरी दुनिया डागर परिवार और उनके ध्रुपद संगीत को जानती है. ये लोग पीढ़ियों से बहुत ऊंचे दर्जे के कलाकार हैं. उन्होंने आगे ए आर रहमान के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से कहा कि आप भी तो मशहूर संगीतकार हैं.
जस्टिस बागची ने कहा, 'हम ये जांचना चाहते हैं कि असली लेखक कौन है. पहले गाना गा देने से लेखक नहीं बन जाते. आपको ये साबित करना होगा कि ऐसी धुन पहले किसी और के पास नहीं थी. आप मान चुके हैं कि प्रतिवादी (रहमान वाली टीम) डागर परंपरा का हिस्सा हैं.' चीफ जस्टिस ने कहा, 'अगर डागर परिवार ने भारतीय संगीत में इतना बड़ा योगदान ना दिया होता, तो क्या आज के मॉडर्न गायक बाजार में टिक पाते?'
रहमान के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दोनों जस्टिस से कहा, 'हम कभी किसी के अधिकार पर दावा नहीं करते. लेकिन जब मेरे क्लाइंट (रहमान) कुछ करते हैं, तो दावा करते हैं.' जस्टिस बागची ने कहा, 'वो (रहमान) पारंपरिक शास्त्रीय संगीत के भक्त रहे हैं. सिंघवी ने कहा, 'मैंने ऐसी धुन एक फिल्म में इस्तेमाल की है, किसी दूसरी में नहीं. चीफ जस्टिस ने कहा, 'ये ऐसा केस नहीं जहां जज को बचना चाहिए था. ये सम्मानित संगीतकारों का मामला है.'
रहमान के वकील ने आगे की सुनवाई के लिए अपने क्लाइंट रहमान से निर्देश लेने के लिए सुनवाई टालने का आग्रह किया तो अदालत ने आगामी शुक्रवार यानी 20 फरवरी तक सुनवाई को टाल दिया है.
हाई कोर्ट के आदेश को दी चुनौती
उस्ताद फैय्याज वासिफुद्दीन डागर ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी, जिसकी अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. हाईकोर्ट ने पहले जो रोक लगाई थी, उसे रद्द कर दिया था. उसमें आरोप था कि ए आर रहमान और फिल्म 'पोन्नियन सेल्वन 2' के गाने 'वीरा राजा वीरा' में उनकी 'शिव स्तुति' रचना के कुछ सुर बदलकर दरबारी कान्हड़ा जैसा बनाया गया और ये कॉपीराइट तोड़ने जैसा है.
हाईकोर्ट में कहा गया था कि रहमान की टीम में दो कलाकार ऐसे थे जो पहले उस्ताद वासिफुद्दीन डागर के स्टूडेंट्स रह चुके थे और वो इस रचना और गायकी से अच्छे से वाकिफ थे. उस्ताद डागर का दावा है कि किसी किताब या रचना पर लेखक का नाम ना लिखा हो, तो भी लेखक होने का दावा नहीं मिटता और सेक्शन 55(2) सिर्फ एक अनुमान लगाती है, कोई सख्त नियम नहीं.
उनका यह भी दावा है कि उनके पिता नासिर फैयाजुद्दीन डागर और चाचा जहीरुद्दीन डागर ने 'शिव स्तुति' की रचना की थी, जिसका इस्तेमाल रहमान ने बिना इजाजत के किया है. उन्होंने दावा किया कि 'वीरा राजा वीरा' के बोल भले ही अलग हों, लेकिन इसकी ताल, बीट और संगीत की बनावट 'शिव स्तुति' के जैसी ही है.