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सूरज, चांद, सितारों से की लता मंगेशकर की तुलना, शब्बीर ने गाए 48 गाने, सिंगर ने याद किया किस्सा

आजतक के शो 'श्रद्धांजलिः तुम मुझे भुला ना पाओगे' में सिंगर शब्बीर कुमार ने लता मंगेशकर से जुड़ी कई यादों को साझा किया. लता दीदी के साथ शब्बीर ने करीब 48 गाने गाए. सभी हिट हुए. शब्बीर जितने अच्छे गायक हैं, उससे कहीं ज्यादा अच्छे वह पेंटर-स्केचर हैं.

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शब्बीर कुमार, लता मंगेशकर
शब्बीर कुमार, लता मंगेशकर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • शब्बीर से पूछती थीं रियाज करने की बात
  • शब्बीर ने किए कई शोज
  • सिंगर का पसंदीदी गाना भी लता दीदी ने गुनगुनाया

म्यूजिक इंडस्ट्री में कई पीढ़ियों तक अगर किसी को याद किया जाएगा तो वह केवल लता मंगेशकर हैं. लता दीदी ने भले ही इस दुनिया को अलविदा कह दिया हो, लेकिन इनकी यादों का पिटारा हर शख्स के जहन में हमेशा रहेगा. आजतक के शो 'श्रद्धांजलिः तुम मुझे भुला ना पाओगे' में सिंगर शब्बीर कुमार ने लता मंगेशकर से जुड़ी कई यादों को साझा किया. लता दीदी के साथ शब्बीर ने करीब 48 गाने गाए. सभी हिट हुए. शब्बीर जितने अच्छे गायक हैं, उससे कहीं ज्यादा अच्छे वह पेंटर-स्केचर हैं. इन्होंने लता दीदी का एक स्केच बनाया था, जिसे स्वर कोकिला ने फेसबुक पर शेयर किया था. सिंगर की तारीफों के पुल बांधे थे. 

शब्बीर ने साझा किया एक्सपीरियंस
शब्बीर कुमार को लता मंगेशकर काफी प्रभावित करती थीं. सिंगर कहते हैं, "ऊपर वाले ने पूरी कायनात बनाई है. हमारे जीने के लिए बहुत से सहारे दिए हैं. इस कायनत में ऊपर वाले ने एक जमीन दी है, एक आसमान, एक चांद, एक सूरज और एक मां सरस्वती लता मंगेशकर को बनाया है. न इनसे पहले कोई, न कोई इनके बाद. जो हैं वह दीदी हैं. संगीत की दुनिया और इसे चाहने वालों पर लता दीदी का बहुत बड़ा अहसान है. रफी साहब और किशोर दा के बाद उस समय जो नए सिंगर्स आए (80 के दशक में), उसमें सबसे ज्यादा खुशनसीब मैं रहा हूं. मुझे दीदी के साथ 48 सॉन्ग्स गाने का मौका मिला."

शब्बीर ने आगे कहा कि दीदी मुझे कई शोज में लेकर जाती थीं. एक दिन किसी शो के दौरान दीदी वड़ा पाव खा रही थीं, उन्होंने मेरे से पूछा कि शब्बीर लोग हमारे डूएट बहुत पसंद करते हैं. मैंने कहा कि दीदी आपकी आवाज की रौशनी मेरी आवाज पर पड़ी और मैं रोशन हो गया. बहुत सारी इस तरह की यादें हैं, बातें हैं. मैंने दीदी के साथ साल 1981 में पहला डूएट गाना गाया, वह था फिल्म 'बेताब' का 'बादल यूं गरजता है'. यह सनी देओल की भी पहली फिल्म थी. यह गाना बहुत पॉपुलर हुआ था.

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जब सोफी चौधरी लेने पहुंची लता मंगेशकर का इंटरव्यू, 15 मिनट की बातचीत डेढ़ घंटे चली

शब्बीर कहते हैं कि लता दीदी ने एक बहुत छोटी सी सीख मुझे दी. बोलीं कि शब्बीर गाने में सच बोलो. लता दीदी ने हर गाने में सच बोला है. आज वह बेशक हमारे बीच न हों, लेकिन उनका हर गाना दिल में बसा है. जानकर हैरानी होगी कि लता दीदी शो के लिए कहीं भी जाती थीं तो वहां भी वह सुबह उठकर डेढ़ या दो घंटा रियाज करती थीं. वह बाकी के सिंगर्स को भी यह करने के लिए कहती थीं. आशा जी की बात करूं तो आज भी वह रियाज करती हैं. काम नहीं करतीं फिर भी रियाज उनका रोज करना तय रहता है. 

 

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