बॉलीवुड के खलनायक संजय दत्त का स्क्रीन प्रेजेंस के मामले में कोई तोड़ नहीं है. उनकी एक झलक बड़े पर्दे पर आग लगाने के लिए काफी रहती है. संजय दत्त ने पिछले 40 सालों में इंडस्ट्री के अंदर काफी नाम बनाया है. हालांकि वो अपनी बेटी त्रिशाला दत्त को फिल्मों में नहीं आने देना चाहते हैं.
संजय दत्त ने कई सालों पहले खुद बताया था कि वो अपनी बेटी त्रिशाला को एक्टर नहीं बनने देना चाहते. उनका कहना था कि त्रिशाला एक समझदार लड़की है, जो पढ़ाई-लिखाई में अच्छा कर सकती हैं. वो एक्ट्रेस इसलिए भी नहीं बन सकतीं क्योंकि उसके लिए उन्हें एक्टर की भाषा सीखनी पड़ेगी, जो काफी मुश्किल काम है. संजय दत्त ने कहा था कि उनकी बेटी के सिर से एक्टिंग का भूत उतर चुका है, वो अब पढ़ाई में अपना ध्यान लगाती हैं. अब त्रिशाला ने खुद एक्टर बनने के पीछे का कारण साझा किया है.
क्यों एक्ट्रेस बनना चाहती थी संजय दत्त की बेटी?
त्रिशाला दत्त ने एक पॉडकास्ट में बताया कि वो एक्टर इसलिए बनना चाहती थीं ताकि अपने पिता के पास रह सकें. उन्हें एक्टिंग में खुद से कोई दिलचस्पी नहीं थी. संजय दत्त की बेटी का कहना है, 'जब मैं छोटी थी तब मैंने इस बारे में सोचा था. मैं ये नहीं सोच रही थी कि मुझे एक्टर बनना है क्योंकि एक्टिंग मेरा पैशन है. मैं तो बस अपने पापा के करीब रहना चाहती थी. पापा ने बहुत मुश्किलें देखी हैं, बहुत तकलीफें झेली हैं.'
त्रिशाला ने आगे अपने एक्टर बनने पर पिता संजय दत्त का रिएक्शन शेयर किया, 'उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या ये तुम्हारा फैसला है? क्या तुम्हें इसमें खिंचाव महसूस होता है? मैंने कहा कि मुझे तो बस आपके साथ ज्यादा समय बिताना है. तब उन्होंने कहा कि चलो, बात करते हैं कि तुम्हें असल में क्या पसंद है और उसी रास्ते पर तुम्हें ले चलते हैं. क्योंकि तुम किसी की बेटी हो, इसका मतलब ये नहीं कि तुम अपने आप ए-लिस्ट एक्ट्रेस बन जाओगी और सारे ऑफर्स तुम्हारे पास आने लगेंगे.'
त्रिशाला का कहना है कि वो बचपन से कभी अपने पेरेंट्स के पास नहीं रहीं. संजय दत्त की बेटी उनके नाना-नानी के पास यूएस में बड़ी हुई हैं. त्रिशाला, एक्टर की पहली पत्नी ऋचा शर्मा की बेटी हैं जिनका निधन 1996 में हुआ था. संजय दत्त की बेटी 1988 में जन्मी थी. आज त्रिशाला एक थेरेपिस्ट हैं और लोगों को उनकी मुश्किलों से बाहर निकलने में मदद करती हैं.