रणवीर सिंह और फरहान अख्तर की फिल्म डॉन 3 को लेकर चल रहा विवाद अब नया मोड़ ले चुका है. दोनों के बीच चल रही तकरार अब FWICE और CINTAA के बीच भी अनबन पैदा कर चुका है. हाल ही में आए बयान से तो यही समझा जा सकता है. दरअसल, FWICE की रणवीर के साथ काम न किए जाने की अपील पर CINTAA की अध्यक्ष पूनम ढिल्लों ने दूसरी फिल्म बॉडी की गलती ठहराते हुए कहा कि उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी पहले नहीं दी गई थी.
गहराया बैन विवाद!
रिपोर्ट्स हैं कि, रणवीर सिंह ने फिल्म की शूटिंग शुरू होने से कुछ हफ्ते पहले ही डॉन 3 छोड़ दी थी. इससे फिल्म के प्रोड्यूसर्स को भारी आर्थिक नुकसान हुआ. विवाद तब और बढ़ गया जब 25 मई 2026 को FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज) ने रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन यानी सहयोग न करने का फैसला लिया. संगठन ने कहा कि जब तक मामला सुलझ नहीं जाता, उनके सदस्य रणवीर के साथ काम नहीं करेंगे.
हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में पूनम ढिल्लों ने कहा- मुझे इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है, इसलिए मैं बिना पूरी बात जाने कोई राय नहीं देना चाहती. लेकिन FWICE को हमें भरोसे में लेना चाहिए था. हम भी उनसे जुड़े हुए हैं. अगर वे हमसे बात करते, तो हम इस मामले को सुलझाने की कोशिश करते. हम रिसर्च करते और ज्यादा शामिल रहते.
उन्होंने आगे कहा- किसी भी कलाकार के लिए ‘बैन’ जैसा शब्द बहुत बड़ा होता है, खासकर ऐसे मेहनती कलाकार के लिए जिसने अपने दम पर नाम कमाया हो. आमतौर पर कलाकार खुद हमारे पास आते हैं और विवाद सुलझाने में मदद मांगते हैं. लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ. हमें इसकी जानकारी मीडिया से मिली, जो सही तरीका नहीं है.
पूनम को FWICE का जवाब
इस पर FWICE के बीएन तिवारी ने जवाब देते हुए कहा- मैंने पूनम जी को चिट्ठी लिखी थी कि अगर वे रणवीर को अच्छी तरह जानती हैं, तो इस मामले को सुलझाने में मदद करें. हालांकि ये उनका विभाग नहीं है. हमें डायरेक्टर्स एसोसिएशन और अशोक पंडित की तरफ से पत्र मिला था कि फरहान की मदद की जाए. हर एसोसिएशन को मीटिंग में बुलाना संभव नहीं होता. अगर पूनम जी आकर साथ जुड़ना चाहें तो हम उनका स्वागत करेंगे.
उन्होंने आगे कहा- हम किसी को नीचा दिखाना नहीं चाहते और न ही अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं. मैंने इस मुद्दे के बाद उन्हें दो बार फोन भी किया, लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाया. हमारा मकसद सिर्फ इस मामले को सुलझाना है, ये कोई अहंकार की लड़ाई नहीं है.
बीएन तिवारी ने साफ किया- हमने सिर्फ इतना कहा है कि जब तक रणवीर सिंह अपना पक्ष नहीं रखते, तब तक हम उनके साथ काम नहीं करेंगे. हमारा इरादा उन्हें बैन करने का नहीं है. जो भी इस मामले को सुलझाने में मदद करना चाहता है, उसका स्वागत है.