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'पैसे लौटाने की भीख मांगी' राजपाल यादव को कर्ज देने वाले बिजनेसमैन का छलका दर्द, बताया पूरा सच

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को 9 करोड़ रुपये के पुराने कर्ज विवाद में दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है. 12 दिन जेल में बिताने के बाद उनकी रिहाई हुई. व्यापारी माधव गोपाल अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने राजपाल को फिल्म 'अता पता लापता' के लिए आर्थिक मदद दी थी, जो कर्ज के रूप में थी.

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कैसे कर्ज में डूबे राजपाल यादव (PHOTO: Instagram @rajpalofficial)
कैसे कर्ज में डूबे राजपाल यादव (PHOTO: Instagram @rajpalofficial)

बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव को कर्ज विवाद से जुड़े मामले में अदालत से जमानत मिल गई है. 12 दिन सलाखों के पीछे बिताने के बाद उनकी रिहाई हो गई है. दिल्ली हाईकोर्ट ने 9 करोड़ के पुराने कर्ज के केस में उन्हें अंतरिम जमानत दी है. कोर्ट के फैसले के बाद, व्यापारी माधव गोपाल अग्रवाल ने पहली बार इस झगड़े के बारे में बात की है.

कैसे कर्ज में डूबे राजपाल यादव
माधव गोपाल अग्रवाल ने बताया कि राजपाल से उनकी मुलाकात कैसे हुई, कर्ज कैसे दिया गया. उन्होंने 10 साल से ज्यादा चले केस की पूरी कहानी सुनाई. न्यूज पिंच को दिए इंटरव्यू में मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अग्रवाल ने कहा कि वो पूर्व सांसद मिथिलेश कुमार कठेरिया के जरिए राजपाल से मिले थे.

उनके मुताबिक, एक्टर ने उनसे 2012 की फिल्म 'अता पता लापता' के लिए आर्थिक मदद मांगी. बोले कि फिल्म लगभग पूरी हो चुकी थी, बिना तुरंत फंडिंग के डूब जाएगी. व्यापारी का दावा है कि पैसा सख्ती से कर्ज के तौर पर दिया गया था, न कि निवेश. एग्रीमेंट में साफ लिखा था कि भुगतान फिल्म की कमाई, सेंसर सर्टिफिकेट या रिलीज से जुड़ा नहीं होगा. फिक्स्ड अमाउंट और फिक्स्ड टाइमलाइन थी. राजपाल यादव ने पर्सनल गारंटी भी दी.

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बच्चों की तरह रोया 
अग्रवाल ने कहा कि मैं उनके घर गया और बच्चे की तरह उनके सामने रोया. दूसरों से उधार लेकर उन्हें मदद की थी. कम से कम भुगतान की डेट बता दो या नया एग्रीमेंट फाइनल कर दो, उनसे ऐसी भीख मांगता रहा. वो बताते हैं कि जब शुरू में उन्होंने और फंड देने से मना किया, तो राजपाल की पत्नी राधा ने कई इमोशनल मैसेज भेजे मदद की गुजारिश में, उसके बाद वो राजी हुए.

जब फिल्म का म्यूजिक लॉन्च अमिताभ बच्चन ने किया, तो उन्हें एग्रीमेंट याद आया कि फिल्म की नेगेटिव्स और कमाई पूरी होने पर सौंपनी है. फिर उन्होंने कोर्ट का रुख किया, जिससे फिल्म की रिलीज पर अस्थायी रोक लग गई. बाद में स्टे हटा लिया गया. राजपाल यादव ने उन्हें आश्वासन दिया कि रिलीज के बाद बकाया भुगतान कर दिया जाएगा. लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई और वादा किए गए पैसे कभी नहीं मिले.

2013 में उन्होंने फिर कोर्ट का रुख किया, जिसके बाद 10.40 करोड़ रुपये का सेटलमेंट तय हुआ. कई चेक जारी होने के बावजूद सभी चेक बाउंस हो गए. बार-बार डिफॉल्ट होने से उनके पास कानूनी रास्ता अपनाने के अलावा कोई चारा नहीं बचा था. अग्रवाल ने ये भी कहा कि मैं एक बिजनेसमैन हूं. मुझे किसी के बर्बादी में दिलचस्पी नहीं है. मुझे सिर्फ अपना पैसा वापस चाहिए.

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जेल से रिहाई मिलने के बाद राजपाल यादव ने फैन्स और मदद करने वाले सेलेब्स का शुक्रिया अदा किया है. 

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