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Exclusive: बॉलीवुड की पार्टियों में मुझे बहुत फेकनेस नजर आती है, बोले Nawazuddin Siddiqui

बॉलीवुड एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी आने वाले साल पांच फिल्मों में नजर आएंगे. इस साल की ही तरह आने वाले साल में भी उनके पास प्रोजेकेट्स की भरमार है. फिल्म इंडस्ट्री का इतना बड़ा नाम होने के बावजूद नवाज हमेशा से ग्लैमरस लाइमलाइट से दूर रहे हैं. आखिर इसकी वजह क्या है, खुद नवाज बता रहे हैं.

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नवाजुद्दीन सिद्दीकी नवाजुद्दीन सिद्दीकी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • इस साल कई इंटरनैशनल फिल्म फेस्टिवल्स में रहा नवाज का जलवा
  • बॉलीवुड पार्टियों से क्यों दूर रहते हैं नवाज

नवाजुद्दीन सिद्दीकी बॉलीवुड की गिनती इंडस्ट्री के उन कलाकारों में होती हैं, जिन्होंने अपनी एक्सपेरिमेंटल किरदारों से एक्टिंग के दायरे को और आगे बढ़ाया है. नवाज मानते हैं 2021 साल उनके लिए बेहतर रहा क्योंकि उनकी फिल्मों को ग्लोबली काफी सराहना मिली है. वहीं आने वाले साल से उन्हें काफी उम्मीदें हैं. पेश है नवाज के साथ यह खास बातचीत... 

यूपी के छोटे कस्बे से इंटरनैशनल फिल्म फेस्टिवल्स तक का जो ये सफर है. इसे कैसे देखते हैं, खासकर 2021 में आपकी फिल्मों ने इंटरनैशनल फिल्म फेस्टिवल्स पर धूम मचाई है? 
- हालांकि जिस गांव बुढ़ाना से मैं आया हूं, वहां तो इस तरह की कोई कल्चर भी नहीं थी. जैसे बिहार, बंगाल व साउथ के छोटे कस्बों में भी एक कल्चर आपको जरूर दिखेगा, कहीं थिएटर है, तो कहीं कुछ न कुछ कल्चरल एक्टिविटी रहेगी. हमारे यहां तो इस तरह का कोई भी एक्सपोजर नहीं था. बचपन से मेरी ख्वाहिश यही थी लेकिन ग्रैजुएशन के बाद मैं अपने फ्यूचर को लेकर चिंतित था. मैं जो कर रहा था, वो पसंद नहीं था. इसी बीच किसी ने मुझे थिएटर का रास्ता दिखा दिया. थिएटर देखकर मुझे एहसास हुआ कि शायद यही चीज है जिसका मुझे मुद्दतों इंतजार था. हालांकि इस चाहत की तस्वीर धुंधली सी थी. एक रास्ता मिला, वहां से शुरूआत हुई, ट्रेनिंग ली और हिंदी थिएटर किया करता था. हिंदी थिएटर में पैसे होते नहीं थे, तो मैं मुंबई आ गया ताकि यहां कुछ न कुछ कर पैसे कमा लूं. बहुत बड़े ख्वाब लेकर तो मैं आया ही नहीं था. मैं कभी करियर ओरिएंटेड नहीं रहा, बस ये था कि एक्टिंग करने का मौका मिल जाए,अब चाहे सड़क पर करूं या ट्रेन में, टीवी-सीरियल, जो मिलेगा वो कर लूंगा. 

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जहां आपकी ख्वाहिश एकदम सीमित थी, वहां एमी अवॉर्ड में नॉमिनेशन, बुसान और कान्स जैसे तमाम फिल्म फेस्टिवल्स में अपनी अदायगी का परचम लहराना एक एक्टर के तौर पर कितना संतुष्ट करता है?
-इंटरनैशनल फेस्विटल्स की शुरूआत 2010 से ही हो गई थी. पहली फिल्म मैंने ऐसी की थी पतंग वहीं से तमाम फेस्टिवल्स का सिलसिला शुरू हो गया था. कान्स में मेरी सबसे ज्यादा फिल्में गई हैं. हालांकि नॉमिनेशन पहली बार हुआ. 2019 में अपने मेक माफिया सीरीज के जरिए मैंने एमी अवॉर्ड अपने हाथों में ले लिया था. खुशी इस बात की होती है कि आप जो सिनेमा की चॉइस करते हैं, वो इंटरनैशनली पहचाना जा रहा है. ग्लोबली आपके काम को सराहना मिलती है. यह चीजें अहसास कराती हैं कि आप एकदम सही दिशा में हैं यह नहीं है कि आपकी चॉइस या एक्टिंग बॉक्स ऑफिस डिसाइड करेगा. मैंने कभी वो ट्रैक पकड़ा ही नहीं. मुझे तो बस यही चाहिए कि भले मेरी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर चले या न चले लेकिन दुनिया का हर इंसान उस फिल्म को देखे. जब इस तरह की पहचान मिलती है, तो आपको एक उम्मीद नजर आती, इसपर मुहर लग जाता है कि आप जो कर रहे हैं, वो सही है. 

इतने अवॉर्ड्स, शौहरत और दौलत के बावजूद आप हमेशा लाइम लाइट से बचते नजर आते हैं. ग्लैमर वर्ल्ड से कहीं न कहीं दूरी सी बना रखी है?
-मैं जैसी फिल्में करता हूं, असल जिंदगी में भी वैसा ही हूं. बहुत ही रियलिस्टिक और कैरेक्टर रहे हैं. वो कहते हैं न इंसान जितना लोकल होता है, उतना ही ग्लोबल होता है. आप अपने रूट्स से अगर जुड़े रहेंगे, तो दुनिया का हर इंसान आपको पसंद करेगा. मैं वैसी ही फिल्में करता हूं और मेरा स्वाभाव भी वैसा ही है. न ही मैं फेक फिल्में करता हूं और न ही मेरा फेक एटीट्यूड है. अलूफ रहने का कारण ही यही कि मुझे स्टारडम और ग्लैमर दुनिया भाती नहीं है. मैं आम आदमियों के बीच ज्यादा रहना पसंद आता है बजाय इसके कि मैं फिल्म इंडस्ट्री की इवेंट्स, पार्टी में जाऊं. मुझे वहां बहुत फेकनेस नजर आती है, जो मुझे पसंद नहीं आती है. 

एक्टर बनने के बाद आम जिंदगी से जुड़ी कुछ चीजें जिन्हें आप बहुत मिस करते हैं?
-हां, पब्लिक प्लेसेज में अब जाना थोड़ा कम हो गया है लेकिन जाता हूं. अब खुद को थोड़ा बदलकर जाना पड़ता है.  साफा लगा लेता हूं और नीचे चश्मा पहन लेता हूं. आजकल तो मास्क ने भी बहुत अच्छा ऑप्शन दे दिया है. पहले बिंदास जिस तरह से घुमा करता था, वो अब नहीं हो पाता है. दूसरा ये है कि अब लोगों के दिमाग या विहेवियर को समझने का मौका नहीं मिल पाता है. मेरे किरदार के ज्यादा सोर्सेज ऐसे ही आम लोग हुआ करते थे. मैं उन्हीं के बीच रहना चाहता हूं. मैं कहीं न कहीं निकल ही जाता हूं. यहां नहीं तो छोटे-छोटे गांव व कस्बों में पहुंच जाता हूं. मैं आम लोगों से ही ज्यादा इंस्पीरेशन लेता हूं. 

अपने गांव में आज भी आप नवाज हैं, या फिर एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी की तरह ट्रीट किए जाते हैं?
- मैं आज भी उनके लिए वैसा ही हूं. देखो वक्त-वक्त की बात है जब मेरा सबकुछ खत्म हो जाएगा. जब मेरे पास काम नहीं होगा और पैसे खत्म हो जाएंगे, तब भी वे लोग मुझे वैसा ही समझेंगे. उनके साथ बैठकर मुझे अपनेपन और रियल फीलिंग ही महसूस होती है. आज भी वहां मुझे एक्टर की तरह ट्रीट नहीं करते, किसी के लिए छोटा भाई किसी के लिए चाचा ही हूं. बहुत से बुजुर्ग लोग हैं, जो मुझसे पानी मंगवाते हैं और काम तक करवाते हैं. न ही मैं उनके सामने विहेव करता हूं कि मैं तो मुंबई से आया हूं और बॉलीवुड में काम करता हूं. 

वैसे तो आप सबके पसंदीदा एक्टर हैं लेकिन आप किन एक्टर्स के फैन हैं?
-मेरे पसंदीदा एक्टर्स एंथमी हॉफकिंग, डेंजर वाशिंगटन, डेनियल डेल्यूज और कमल हासन हैं. इनकी फिल्में मैं मिस नहीं करता हूं. 

ऐसी कोई चाहत, जो कभी पूरी नहीं हो पाई हो?
-मेरी बहुत सारी ख्वाहिशें हैं, जो पूरी नहीं हो पाई हैं. मैं कैरेक्टर ड्रिवन और एक्सपेरिमेंटल फिल्में करना चाहता हूं. लोगों के दिमागों में जो चलती हैं, मुझे वो जानते हुए उस तरह की फिल्में करना चाहता हूं. मैं दूसरे की दिमाग को एक्स्पलोर करना चाहता हूं. यह बाकी है और मैं यह जरूर करूंगा. देखिए लोगों का दिमाग एक बेहद ही कॉम्प्लेक्स है, मैं उसकी गहराई में जाना चाहता हूं. वो कहते हैं न लोग पहले अपने आपको जान लें फिर दूसरों को जानें. मैं खुद को जानने के साथ-साथ दूसरों को भी जानना चाहता हूं. 

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2021 कैसा साल रहा?
इस साल बहुत से अवॉर्ड्स मिले हैं, नॉमिनेशन मिले हैं. तो बहुत ही बेहतरीन रहा है. यह कह सकते हैं कि यह साल मेरे नाम रहा. ग्लोबली मेरी फिल्मों को पहचान मिली है. शुक्र है कि हमारा सिनेमा फेस्टिवल्स के लिए जा रहा है और आगे भी यह सिलसिला चलता रहे. 

रोमांटिक जॉनर को कैसे एक्स्प्लोर कर रहे हैं?
- मेरी चाहत थी कि मैं एक बार रोमांटिक फिल्में करूं लेकिन इतनी सारी रोमांटिक फिल्मों से जुड़ जाऊंगा. भर-भरकर मुझे रोमांटिक फिल्में ही ऑफर हो रहे हैं. यह बहुत ही अमेजिंग है, लगता है मेरी नई शुरूआत हुई है. इसे पूरा बदल लिया है, पता नहीं लोगों को मुझे रोमांस करता देख क्या मजा आ रहा है लेकिन मैं तो बहुत खुश हूं. चैलेंजिंग तो मुझे रोमांटिक फिल्में भी लगती हैं, अब मैं अगर रोमांटिक फिल्म कर रहा हूं, तो वो लीक से हटकर ही होगी. जिसके अंदर एक्सपेरिमेंट करने की खुजली होती है, तो वो रोमांस में भी कुछ करेगा ही. 

2022 से आपको क्या उम्मीदें हैं?
- इस साल मेरी बहुत ही विविधरंगी फिल्में आने वाली हैं. फैंस को हर तरह का फ्लेवर मिलेगा. हर जॉनर की फिल्में की हैं. मैं चाहता हूं कि मैं एक्स्पेरिमेंट करता हूं. सिनेमा में एक्टिंग करना ही मेरा रोमांस है. असल जिदंगी में मैं रोमांस की उम्मीद नहीं करता लेकिन सिनेमा ही मेरा प्यार है. कोरोना वेरियेंट को लेकर लोग सजग रहें और मैं यही दुआ मांगता हूं कि जो पिछले साल त्रासदी देखी है, वो दोबारा न हो. 

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