बॉलीवुड की लेजेंडरी सिंगर आशा भोसले का निधन हो गया है. वो मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती थीं. उन्हें 11 अप्रैल की शाम हार्ट अटैक आया था. देशभर में मौजूद उनके लाखों-करोड़ों फैंस को झटका लगा है.
आशा भोसले 92 साल की हैं. वो लेजेंडरी दिवंगत सिंगर लता मंगेशकर की छोटी बहन हैं. अपनी बड़ी बहन की तरह, आशा का करियर भी ऐतिहासिक रहा है. उन्हें अपनी पहचान बनाने के लिए स्ट्रगल तो करना पड़ा, मगर वो स्ट्रगल आगे जाकर कारगर साबित हुआ. आशा भोसले ने अपने 80 साल के सिंगिंग करियर में करीब 12,000 से ज्यादा गाने 20 से ज्यादा भाषाओं में गाए. इसके लिए उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है.
आशा भोसले का आइकॉनिक करियर
आशा भोसले ने अपने करियर में हर तरह के गाने गाए. फिर चाहे वो पार्टी में बजने वाला 'पिया तू अब तो आजा' हो, या कव्वाली 'दिल चीज क्या है'. आशा भोसले का हर गाना अपने आप में आइकॉनिक है. सिंगर ने अपने करियर की शुरुआत साल 1943 में की थी, जब उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर का निधन हुआ. अपने परिवार को संभालने के लिए, आशा जी अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर के साथ गाना गाने लगीं.
आशा भोसले का पहला गाना साल 1943 में एक मराठी फिल्म में आया. तब वो सिर्फ 10 साल की थीं. सिंगर ने एक न्यूज चैनल से भी अपने पहले गाने के एक्सपीरियंस के बारे में बात की थी. उन्होंने कहा था, 'मेरा पहला गाना मुझे माइक के सामने खड़े होकर रिकॉर्ड करना था. तब मैं बहुत कांप रही थी. मुझे पता नहीं था कि माइक क्या होता है, ये सब मेरे मन में नहीं आया था. हमारे पिताजी ने अपने गाने रिकॉर्ड करके रखे हुए थे. जब मैंने अपना पहला गाना गया, तब मुझे एहसास हुआ कि मैं भी गा सकती हूं. सिर्फ दीदी (लता मंगेशकर) नहीं, मैं भी गाना गा सकती हूं. वहां से जिंदगी शुरू हुई और अभी तक खड़ी हूं.'
10 साल की उम्र से शुरू हुआ सिंगिंग करियर
आशा भोसले का पहला बॉलीवुड गाना साल 1948 में फिल्म चुनरिया में आया था. इसके बाद उन्होंने कई छोटी फिल्मों में गाना गाकर अपना घर चलाया. सिंगर ने अपनी बहन लता मंगेशकर के सेक्रेटरी गणपतराव भोसले से अचानक शादी रचा ली थी. तब उनकी उम्र सिर्फ 16 साल थी, ऐसे में उनका परिवार इस फैसले से काफी नाराज हुआ था.
आशा भोसले को अपने प्रोफेशनल करियर में सफलता मिलनी साल 1957 से शुरू हुई. उनका गाना 'उड़े जब जब जुल्फें तेरी' काफी बड़ा हिट हुआ था, जिसे उन्होंने मोहम्मद रफी साहब के साथ गाया. सिंगर को इसके बाद अच्छी पहचान मिलने लगी. मगर उनकी पर्सनल जिंदगी काफी उथल-पुथल हो गई थी. आशा भोसले और उनके पति के बीच सबकुछ ठीक नहीं रहता था. कुछ सालों बाद सिंगर ने अपने बच्चों के साथ पति का घर भी छोड़ दिया. 1950s-1980s तक आशा भोसले ने खूब नाम कमाया. फिर आया 90s का दौर, जहां उन्हें ए.आर.रहमान ने 'रंगीला' फिल्म के टाइटल-ट्रैक के लिए चुना. इस गाने को आज भी कहीं ना कहीं सुना और पसंद किया जाता है.
आशा भोसले ने मोहम्मद रफी, किशोर कुमार, मन्ना डे, जैसे महान गायकों के साथ कई बेहतरीन गाने गाए. सिंगर ने उस दौर के लेजेंडरी संगीतकारों रोशन, ओ.पी.नैय्यर, एस.डी.बर्मन, आर.डी.बर्मन के साथ भी कोलैब किया. आशा भोसले ने संगीतकार आर.डी.बर्मन से दूसरी शादी भी रचाई थी. 1980 की शुरुआत में दोनों एक हुए, मगर 80 का दशक खत्म होने तक वो अलग भी हो गए. इसकी वजह संगीतकार के नशे की लत बताई जाती है. हालांकि अलग होने के बावजूद, दोनों के बीच की दोस्ती में कोई कमी नहीं आई.
बहन लता मंगेशकर संग कैसा था रिश्ता?
आशा भोसले और लता मंगेशकर दोनों बॉलीवुड इंडस्ट्री की 'सुरों की मल्लिका' कही जाती हैं. एक भारत रत्न से सम्मानित, तो दूसरी पद्म विभूषण से सम्मानित. आशा भोसले का अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर संग रिश्ता हमेशा काफी अच्छा रहा. उनके बीच मुश्किलें तभी पैदा हुईं, जब आशा भोसले ने अचानक 16 साल की उम्र में शादी का फैसला लिया.
लेकिन जब सिंगर ने अपने बेटे हेमंत भोसले को जन्म दिया, तब परिवार के बीच हुए सभी झगड़े सुलझ गए. आशा भोसले और उनकी बहन लता मंगेशकर पर्सनली काफी अच्छा रिश्ता शेयर करती थीं. मगर प्रोफेशनली, दोनों में एक किस्म की राइवलरी भी थी. हालांकि उनके गाने हमेशा एक-दूसरे से अलग रहे.