चुनावी मौसम में कई नेता धार्मिक भाषणबाजी करने से नहीं चूकते. चुनाव आयोग द्वारा नियम तय किए जाने के बाद भी नेता अपने बोल काबू में नहीं रखते और वोटरों को धर्म के आधार पर बांटने की कोशिश करते हैं. धर्म के आधार पर अगर वोटरों से वोट मांगा जाता है या फिर किसी धर्म विशेष की धार्मिक आस्था को चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशी आहत करने की कोशिश करता है तो चुनाव आयोग उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है. ऐसे व्यक्ति की उम्मीदवारी चुनाव आयोग खारिज कर सकता है यानी उसे चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है. चुनाव आयोग धर्म के आधार पर दिए गए विवादित भाषणों पर संज्ञान लेकर उम्मीदवार के चुनाव प्रचार करने पर ही रोक लगा सकता है. देखें वीडियो.
Voting for the fourth phase of 2019 Lok Sabha Elections will be held on April 29. Election season is on and religious based controversial remarks can be heard by different politicians. A few days ago Election Commission had banned Yogi Adityanath, Azam Khan and Mayawati for their controversial statements. Watch this special episode on politicians controversial remarks.