उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले की एक विधानसभा सीट है यमकेश्वर विधानसभा सीट. ये एक ऐसी विधानसभा सीट है जिसकी सीमा कोटद्वार, लैंसडाउन, चौबट्टाखाल, पौड़ी, नरेंद्रनगर, ऋषिकेश, हरिद्वार, लक्सर समेत कुल आठ विधानसभा क्षेत्रों से लगती है. इस विधानसभा क्षेत्र की सीमा पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से भी लगती है. यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र में ही भैरव गड़ी, यमकेश्वर महादेव, नीलकंठ महादेव के प्रसिद्ध मंदिर हैं. ये सीट सामान्य है.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यमकेश्वर विधानसभा सीट उत्तराखंड राज्य गठन के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का गढ़ रही है. 2002 से लेकर 2017 के बीच कुल चार दफे इस सीट के लिए विधानसभा चुनाव हुए हैं और हर दफे इस सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार काबिज रहे हैं. 2002 से 2012 तक बीजेपी की विजयी बड़थ्वाल इस सीट से लगातार तीन बार विधायक रही थीं.
2017 का जनादेश
यमकेश्वर विधानसभा सीट से 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बीसी खंडूरी की पुत्री ऋतु खंडूरी को उम्मीदवार बनाया. बीजेपी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरी ऋतु के सामने कांग्रेस ने शैलेंद्र सिंह रावत को उम्मीदवार बनाया. कांग्रेस की रेणु बिष्ट ने टिकट ना मिलने पर निर्दलीय ही ताल ठोक दी. इस चुनाव में ऋतु ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी निर्दलीय उम्मीदवार रेणु बिष्ट को 8982 वोट के अंतर से शिकस्त दी. कांग्रेस के शैलेंद्र तीसरे स्थान पर रहे.
सामाजिक ताना-बाना
यमकेश्वर विधानसभा सीट के सामाजिक समीकरणों की बात करें तो यहां हर जाति-वर्ग के लोग रहते हैं. यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र में ब्राह्मण और क्षत्रिय मतदाताओं की तादाद अधिक है. अन्य पिछड़ा वर्ग के साथ ही अनुसूचित जाति और जनजाति के मतदाता भी यमकेश्वर विधानसभा सीट का चुनाव परिणाम निर्धारित करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
यमकेश्वर विधानसभा सीट से विधायक बीजेपी की ऋतु खंडूरी का दावा है कि उनके कार्यकाल में इस विधानसभा क्षेत्र के हर इलाके में विकास कार्य हुए हैं. उनका दावा है कि उन्होंने इलाके में बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया है. दूसरी तरफ, कांग्रेस के नेता विधायक को फेल बताते हुए दावा कर रहे हैं कि इलाके की समस्याएं जस की तस हैं.
(रिपोर्ट- विकास वर्मा)