उत्तराखंड के चमोली जिले की एक विधानसभा सीट है थराली विधानसभा सीट. चमोली जिले की थराली विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है. इस विधानसभा क्षेत्र में पांच विकासखंड- नंदा नगर घाट, नारायण बगड़, थराली और देवाल विकासखंड आते हैं. इस विधानसभा सीट के तहत दशोली विकासखंड के कुछ गांव और नंदप्रयाग नगर क्षेत्र भी आता है. थराली विधानसभा क्षेत्र की चमोली जिला मुख्यालय से दूरी 85 किलोमीटर है.
थराली विधानसभा क्षेत्र पिंडर नदी के तट पर स्थित है. इसी विधानसभा क्षेत्र में नंदा देवी राज जात यात्रा का मुख्य पड़ाव है तो अंतिम पड़ाव भी. ट्रैकिंग के लिए प्रसिद्ध बेदनी बुग्याल भी इसी विधानसभा में है. थराली विधानसभा सीट कुमाऊं से सटी हुई है. यहां दुर्गम और सुगम, दोनों ही क्षेत्र पड़ते हैं. जहां थराली में घेस सबसे दुर्गम क्षेत्र हैं जिसे लेकर कहा जाता है कि घेस से आगे नहीं कोई देश. वहीं, सवाड़ गांव भी इसी विधानसभा क्षेत्र में है जहां के कई सैनिक द्वितीय विश्व युद्ध में शहीद हुए थे. आज भी यहां सबसे अधिक सैनिक हैं और इसकी पहचान सैनिकों के गांव के रूप में है.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
थराली विधानसभा सीट की राजनीतिक पृष्ठभूमि की चर्चा करें तो साल 2008 के परिसीमन से पहले इस क्षेत्र का नाम पिण्डर विधानसभा सीट था. 2002 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के गोविंद लाल, 2007 के चुनाव में बीजेपी के जीएल शाह विधानसभा का चुनाव जीते. परिसीमन के बाद 2012 के चुनाव में इस विधानसभा सीट से कांग्रेस के डॉक्टर जीतराम टम्टा विधायक निर्वाचित हुए थे.
2017 का जनादेश
थराली विधानसभा सीट से 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने मगन लाल शाह को उम्मीदवार बनाया था. बीजेपी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे मगन लाल शाह चुनावी बाजी जीतकर विधानसभा पहुंचने में भी सफल रहे लेकिन साल 2018 में उनका निधन हो गया. विधायक मगन लाल शाह के निधन के बाद बीजेपी ने उनकी धर्मपत्नी मुन्नी देवी को उपचुनाव में टिकट दिया. मुन्नी देवी ने इस सीट पर बीजेपी का कब्जा बरकरार रखा.
सामाजिक ताना-बाना
थराली विधानसभा क्षेत्र के सामाजिक समीकरणों की बात करें तो इस विधानसभा क्षेत्र में करीब एक लाख मतदाता हैं. इस विधानसभा क्षेत्र के जातिगत समीकरणों की बात करें तो अनुमानों के मुताबिक इस विधानसभा क्षेत्र में अनुसूचित जाति और जनजाति के मतदाताओं की तादाद अधिक है. सामान्य वर्ग के मतदाता भी इस विधानसभा सीट का चुनाव परिणाम निर्धारित करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
थराली विधानसभा सीट से विधायक बीजेपी की मुन्नी देवी का जन्म 1 जुलाई 1971 को हुआ था. 10वीं पास मुन्नी देवी महिला मंगल दल की अध्यक्ष रहीं और 2014 में पहली दफे जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीतीं. कोठली से जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित होने के बाद मुन्नी देवी चमोली जिले की जिला पंचायत अध्यक्ष भी रहीं.
थराली विधानसभा सीट से विधायक मुन्नी देवी का दावा है कि उनके कार्यकाल में इलाके का विकास हुआ है. उन्होंने विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर देने का दावा किया और कहा कि सड़कों के साथ ही पानी, बिजली के लिए भी कार्य किया है. विपक्षी कांग्रेस के नेता विधायक के दावे को हवा-हवाई बता रहे हैं.