क्या यूपी को वाकई राहुल गांधी और अखिलेश यादव का साथ पसंद है? इस बात का सबसे सही जवाब उन सीटों के नतीजों से होगा जहां दोनों नेता एक साथ प्रचार के मैदान में उतरे थे. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के 7 चरणों में राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने कुल चार साझा रोड शो किये थे.
यहां की 9 विधानसभा सीटों पर कुल 121 प्रत्याशी मैदान में हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में यहां बीएसपी का वर्चस्व दिखा था. पार्टी ने कुल छह सीटों पर कब्जा जमाया था. समाजवादी पार्टी को उम्मीद है कि अखिलेश और राहुल गांधी के साझा प्रचार की बदौलत इस बार गठबंधन ताज की नगरी में बेहतर प्रदर्शन करेगा.
वाराणसी
देश के सबसे हाई प्रोफाइल सियासी इलाके में तब्दील हुआ ये इलाका इस दफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए नाक का सवाल है. साल 2014 के आम चुनाव के नतीजों के मुताबिक बीजेपी को यहां की सभी 8 सीटों पर बढ़त मिली थी. फिलहाल इनमें से 3 सीटें बीजेपी के पास हैं जबकि 2 पर समाजवादी पार्टी का कब्जा है. इन आंकड़ों में बेहतरी के इरादे से आखिरी चरण में राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने यहां प्रचार के मैदान मे पीएम मोदी को टक्कर दी थी. उनके साथ डिंपल यादव भी साझा रोड शो में उतरी थीं.
इलाहाबाद में राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने 21 फरवरी को साझा रोड शो किया था. इस जिले की कुल 12 सीटों पर कुल 181 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में यहां 9 सीटों पर कांग्रेस-समाजवादी पार्टी गठबंधन का कब्जा था.
लखनऊ
साल 2012 में समाजवादी पार्टी को यहां की 9 में से 7 सीटें मिली थीं. लेकिन इस बार बीजेपी और बीएसपी भी कड़ी टक्कर दे रही हैं. नतीजे साफ करेंगे कि लखनऊ की जनता का दिल राहुल और अखिलेश मिलकर जीत पाए या नहीं.