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जितिन प्रसाद-संजय निषाद... देखिए योगी सरकार में मंत्री पद के लिए कौन-कौन से नाम हुए फाइनल

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और बीएल संतोष से दिल्ली में गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह व प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल के बीच हुई बैठक में कैबिनेट विस्तार और नए मंत्रियों के नाम को लेकर मुहर लग गई है. 

जेपी नड्डा, अमित शाह, सीएम योगी, संजय निषाद, स्वतंत्र देव सिंह जेपी नड्डा, अमित शाह, सीएम योगी, संजय निषाद, स्वतंत्र देव सिंह
स्टोरी हाइलाइट्स
  • योगी सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार व फेरबदल जल्द
  • संजय निषाद को मंत्री बना सकती है योगी सरकार
  • जितिन प्रसाद और लक्ष्मीकांत वाजपेयी का नाम

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए सियासी और जातीय समीकरण साधने का दांव चल सकती है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और बीएल संतोष से दिल्ली में गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह व प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल के बीच हुई बैठक में कैबिनेट विस्तार और नए मंत्रियों के नाम को लेकर मुहर लग गई है. 

जेपी नड्डा और अमित शाह के साथ हुई बैठक में योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार और एमएलसी बनाए जाने के लिए चार नामों पर सहमति बन गई है. यूपी की योगी सरकार के कैबिनेट विस्तार में पांच से छह मंत्री बनाए जा सकते हैं. बीजेपी 2022 का चुनाव देखते हुए बीजेपी नेताओं के साथ-साथ सहयोगी दलों को भी कैबिनेट में जगह देकर सियासी समीकरण साधने की कवायद में है.  

बीजेपी के केंद्रीय और उत्तर प्रदेश के शीर्ष नेताओं के बीच हुई बैठक में निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद को मंत्रिमंडल में मौका दिए जाने पर मुहर लग गई है. इस बैठक में संजय निषाद खुद भी शामिल थे और लंबे समय से बीजेपी पर दबाव बनाने में जुटे थे. वहीं, सूबे में ब्राह्मण समुदाय की नाराजगी को देखते हुए बीजेपी जितिन प्रसाद और लक्ष्मीकांत वाजपेयी को भी मंत्री बना सकती है. वहीं, कैबिनेट में दलित समुदाय से आने वाले विद्यासागर सोनकर को भी मंत्री बीजेपी बना सकती है.  

बता दें कि जितिन प्रसाद ने हाल ही में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था जबकि लक्ष्मीकांत वाजपेयी 2014 के बाद से पार्टी में साइडलाइन चल रहे थे. लेकिन, बसपा और सपा ब्राह्मण समुदाय की अनदेखी को लेकर योगी सरकार को घेरने में जुट गई है. ऐसे में बीजेपी अपने ब्राह्मण समीकरण को दुरुस्त करने में जुट गई है, जिसके चलते जितिन प्रसाद की पार्टी एंट्री और अब लक्ष्मीकांत वाजपेयी को दोबारा से सियासी अहमियत देने की दिशा में बीजेपी कदम उठा रही है.  

राज्यपाल कोटे से मनोनीत होने वाले एमएलसी के नामों पर भी गुरुवार शाम बीजेपी के शीर्ष नेताओं के बीच चर्चा हुई. मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही एमएलसी मनोनयन की प्रक्रिया भी रुकी है. चर्चा यही है कि नए एमएलसी में से भी एक-दो को मंत्री बनाया जा सकता है. जितिन प्रसाद, लक्ष्मीकांत वाजपेयी और संजय निषाद को बीजेपी राज्यपाल कोटे के जरिए एमएलसी बनाकर मंत्री बनाने का कदम उठा सकती है जबकि विद्यासागर सोनकर पहले से एमएलसी हैं. 

 उत्तर प्रदेश सरकार में अभी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कुल 53 मंत्री हैं. इनमें 23 कैबिनेट, नौ राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 21 राज्यमंत्री हैं. यूपी अधिकतम साठ मंत्री बनाए जा सकते हैं, इसलिए सात और मंत्री बनाए जाने की गुंजाइश योगी कैबिनेट में है. यूपी में अब विधानसभा चुनाव में महज छह महीने का समय बचा है. ऐसे में सरकार और संगठन, दोनों ही जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाने की नीति-रणनीति पर काम कर रहे हैं. 

 

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