यूपी में बीजेपी के सामने एक एकजुट विपक्ष खड़ा होगा या फिर सभी अलग-अलग चुनाव लड़ वोट का बंटवारा करेंगे. ये एक ऐसा सवाल है जो राजनीतिक गलियारों में लगातार जोर पकड़ रहा है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव से भी पूछा जा रहा है कि वे किससे गठबंधन करने जा रहे हैं. अब आजतक पंचायत में अखिलेश ने इस गठबंधन पॉलिटिक्स पर जवाब दिया है.
सपा का चुनाव में किससे गठबंधन?
अखिलेश यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि वे किसी भी बड़े दल से गठबंधन नहीं करने जा रहे हैं. उनकी नजरों में जिनसे पहले गठबंधन किया है, इसबार उनसे गठबंधन नहीं होगा. उनकी तरफ से कांग्रेस को भी एक छोटा दल बता दिया गया है. हालांकि, उन्होंने ऐसा यूपी के संदर्भ में कहा है.
अब बता दें कि 2017 के विधानसभा में सपा ने कांग्रेस संग गठबंधन किया था, लेकिन तब करारी हार हुई थी. इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में अखिलेश ने दोनों बसपा और कांग्रेस को साथ शामिल किया था, लेकिन तब भी बीजेपी ने आसान जीत दर्ज की थी.
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चाचा शिवपाल पर क्या कहा?
यही वजह है कि इस बार अखिलेश यादव किसी भी बड़े दल से गठबंधन करने नहीं जा रहे हैं. वे कहते हैं कि छोटे दलों के लिए उनके दरवाजे खुले हुए हैं,लेकिन बड़े दलों के साथ अनुभव अच्छा नहीं रहा है. वैसे अखिलेश यादव से सवाल तो ये भी पूछा गया कि आगामी चुनाव में चाचा शिवपाल की क्या भूमिका रहने वाली है. क्या चुनाव में उनकी पार्टी का सहयोग लिया जाएगा? इस पर अखिलेश ने कहा है कि आपने उनसे सवाल कर लिया और आपको अगर उनका जवाब नहीं समझ में आया तो इसका मतलब वो हमारी मदद कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि शिवपाल चाचा साथ आएं, सरकार बनाएं और सम्मान पाएं.
400 पार का नारा
जब पूछा गया कि वे शिवपाल यादव को समय नहीं देते हैं, उनसे बात नहीं की जाती है, इस सवाल पर जवाब मिला कि वे फोन के जरिए शिवपाल यादव से बात कर लेंगे. उन्होंने पूरा भरोसा जताया है कि इस बार छोटे दलों के साथ गठबंधन कर भी प्रचंड बहुमत वाली सरकार बनाई जाएगी. उन्होंने 400 पार का नारा भी दे दिया है. उनकी नजरों में इस बार जनता सिर्फ और सिर्फ सपा पर विश्वास करने जा रही है.