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UP Chunav 2022: अपर्णा यादव बोलीं- पीएम मोदी की तरफ उम्मीद से देख रहे रूस-यूक्रेन, यही हमारी ताकत

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव भाजपा के लिए समर्थन जुटा रही हैं. उनकी जनसभाओं में जबरदस्त भीड़ भी देखने को मिल रही है. 19 जनवरी को अपर्णा ने दिल्ली में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में भाजपा ज्वाइन की थी.

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अपर्णा यादव
अपर्णा यादव
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मुलायम की बहू बोलीं, मैं नेशन फर्स्ट के मंत्र को मानती हूं
  • सपा के 1% लोग भी नहीं जानते समाजवाद का मतलब

यूपी में जैसे-जैसे चुनावी चरण गुजरते जा रहे हैं, चुनाव प्रचार तेज होता जा रहा है. इस बार भाजपा के लिए मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव प्रचार कर रही हैं. यही वजह है कि घर छोड़कर विरोधी खेमे में जाने को लेकर अकसर उनसे सवाल पूछे जाते हैं. इसी मुद्दे पर शुक्रवार को भाजपा नेता अर्पणा यादव ने आजतक से कहा कि मैंने पार्टी छोड़ी है, परिवार नहीं. मैं परिवार से अलग नहीं हूं. इस दौरान उन्होंने खुद को सच्चा समाजवादी कहने वालों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी में 1% लोगों को भी समाजवाद का मतलब नहीं पता है.

'मैं परिवारवादी नहीं हो सकती'
अपर्णा यादव ने एक सवाल के जवाब में कहा कि राष्ट्र मेरे लिए पहले हैं. मैं परिवारवादी नहीं हो सकती. मैं परिवारवादी पॉलिटिक्स नहीं कर सकती हूं और न ही परिवारवादी विचारधारा आगे बढ़ा सकती हूं. मैं राष्ट्र चेतना के लिए काम करना चाहती हूं और बीजेपी में इन सभी के लिए मौका हैं.

नेताजी ने पूछा था- भाजपा में खुश रहोगी
अपर्णा यादव ने बताया कि बीजेपी ज्वाइन करने पर नेताजी (मुलायम सिंह यादव) ने एक ही बात पूछी थी कि क्या मैं वहां खुश रहूंगी और अगर वहां खुश रहेंगी तो मेरा आशीर्वाद आपके साथ है. वह कभी किसी को रोकते नहीं और उन्होंने मुझे भी नहीं रोका. मैं आज भी परिवार का हिस्सा हूं कल भी परिवार का हिस्सा रहूंगी. बीजेपी की सदस्य हूं, कल भी रहूंगी.

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पीएम के राष्ट्र चेतना विजन को बढ़ाऊंगी
भाजपा नेता ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी से प्रभावित हूं. मैं हमेशा से राष्ट्रवादी थी. मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र चेतना के विजन को आगे बढ़ाऊंगी. मुझे अपने शीर्ष नेतृत्व पर विश्वास है. वहीं उन्होंने पीएम मोदी की वैश्विक छवि को लेकर कहा कि जिस तरह से रूस और यूक्रेन दोनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ देख रहे हैं, यह विश्व में हमारी ताकत को दिखाता है.

मुझे चुनाव नहीं लड़ना था
मेरे चुनाव लड़ने को लेकर चर्चा का बाजार जरूर गर्म रहता था लेकिन मैं चुनाव नहीं लड़ना चाहती थी. इस बार मैं प्रचार-प्रसार में शामिल होना चाहती थी. मुझे लगता है कि पहले अपनी मैं पार्टी के लिए काम करूंगी और मेरे काम की काबिलियत को देखकर कोई फैसला हो.

 

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