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UP Chunav: 67 शक्ति केंद्र, 3500 से अधिक पन्ना प्रमुख... सिराथू में जीत के लिए केशव का 'माइक्रो मैनेजमेंट'

कौशांबी जिले की सिराथू सीट से उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य खुद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के टिकट पर मैदान में हैं. उनके सामने समाजवादी पार्टी (सपा) ने पल्लवी पटेल को मैदान में उतारा है.

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सिराथू में जनसंपर्क करते डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य सिराथू में जनसंपर्क करते डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सिराथू सीट से चुनाव लड़ रहे हैं केशव
  • 432 बूथों पर बीजेपी का माइक्रो मैनेजमेंट

उत्तर प्रदेश में चार चरण का चुनाव खत्म हो चुका है और अब जंग पांचवें चरण की 60 सीटों की लड़ाई लड़ी जा रही है. इस फेस में सबकी नजर सिराथू सीट पर है. कौशांबी जिले की सिराथू सीट से उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य खुद मैदान में हैं, जिन्हें टक्कर देने के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) ने पल्लवी पटेल को मैदान में उतारा है.

2012 में सिराथू से जीतकर पहली बार विधायक बने केशव प्रसाद मौर्य ने 10 साल बाद फिर से इतिहास बनाने की तैयारी कर ली है. केशव प्रसाद मौर्य, केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा कराए गए विकास कार्यों के साथ ही बूथ मैनेजमेंट के जरिए सिराथू फतह करने की कवायद में जुटे हैं. माइक्रो लेवल पर बूथ मैनेजमेंट किया जा रहा है.

सिराथू में 3500 से अधिक पन्ना प्रमुख

दलित बाहुल्य सिराथू विधानसभा में जीत के लिए उपमुख्यंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बीजेपी की उस रणनीति का सहारा लिया, जिसकी चर्चा हर ओर होती है. यह है पन्ना प्रमुख की रणनीति. कौशांबी की तीन विधानसभा सीटों में से एक सिराथू सीट पर बीजेपी ने 3500 से अधिक पन्ना प्रमुखों को बीजेपी को बड़ी जीत दिलाने की जिम्मेदारी है.

हर बूथ पर करीब 8 सक्रिय कार्यकर्ता

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सिराथू को चार मंडल में बांटा है, जो हैं- सिराथू, कसिया, अझुआ और कड़ा. इन चार मंडल में 67 शक्ति केंद्र और 432 बूथ हैं. हर बूथ पर करीब 8 लोग सक्रिय हैं. टीम की संरचना ऐसी बनाई गई है कि स्थानीय पदाधिकारियों को भी उचित महत्व मिले और ऊपर से शीर्ष नेतृत्व के लोगों की देखरेख में काम हो.

पन्ना प्रमुख की क्या होती है जिम्मेदारी?

सिराथू के 432 बूथों पर करीब 3500 से अधिक पन्ना प्रमुख बनाए गए हैं. पन्ना प्रमुख का मतलब होता है कि वोटर लिस्ट के एक पेज का प्रभारी यानी एक पेज में जितने भी वोटर हैं, उनसे संपर्क करने की जिम्मेदारी उस पन्ना प्रमुख की है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पन्ना प्रमुख की रणनीति शुरू की थी, जो आम से लेकर राज्यों के चुनाव में काफी प्रभावी रही थी.

मोदी-योगी के कामों को बता रहे हैं पन्ना प्रमुख

सिराथू के 3500 से अधिक पन्ना प्रमुखों की हर दिन की रिपोर्ट एक टीम लेती है और वह उस हिसाब से रणनीति बनाती है. इन्हीं पन्ना प्रमुखों के जरिए बीजेपी अपने संकल्प पत्र को जनता के बीच ले जा रही है. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा किए गए कामों को बताया जा रहा है.

कई स्तर पर हो रही है मॉनिटरिंग

इसके अलावा माइक्रो लेवल पर टीम बना कर कई स्तर की मॉनिटरिंग हो रही है. बीजेपी की रणनीति है कि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के कद को देखते हुए बड़ी जीत हासिल की जाए. साथ ही संगठन के कई पदाधिकारी, युवा मोर्चा की बड़ी टीम, कुछ विधायक, पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी और राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय मोर्चा संभाले हुए हैं.

पांच साल में हुए कामों का भी जिक्र

मैनेजमेंट के अलावा केशव प्रसाद मौर्य को सिराथू में बड़े अंतर से जीत दिलाने के लिए 'सिराथू की पहचान' मुहिम चलाई जा रही है. इसमें पिछले पांच साल के दौरान सिराथू में किए गए विकास कार्यों का जिक्र है और केशव प्रसाद मौर्य के यहां से जीतने के बाद सिराथू में आने वाले बड़े प्रोजेक्ट का भी जिक्र किया गया है.

'सिराथू का मतलब केशव, केशव का मतलब सिराथू'

केशव प्रसाद मौर्य के समर्थन में सिराथू की गली-गली में प्रचार कर रहे हैं पंकज ने बताया कि यहां लड़ाई किसी पार्टी से नहीं है, बल्कि जीत के अंतर की है, हम चाहते हैं कि सिराथू में केशवजी के जीत का अंतर पूरे प्रदेश में रिकॉर्ड बनाए, क्योंकि सिराथू की पहचान की केशवजी से... यानी सिराथू का केशवजी और केशवजी का मतलब सिराथू.

केशव बोले- 60 फीसदी हमारा, बाकी 40 में भी बंटवारा

सिराथू में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी लगातार नुक्कड़ सभा से लेकर रैली कर रहे हैं. उनका कहना है कि भाजपा ने कोई भी विकास कार्य धर्म या चेहरा देखकर नहीं किया, सभी के लिए कार्य हुए हैं तो जनता भी हमें उसी तरह से बिना भेदभाव के वोट करेगी. उन्होंने कहा कि 100 में 60 हमारा है, बाकी 40 में भी बंटवारा है.

 

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