
पुलिस कमिश्नर से बीआरएस लेकर राजनीतिक कैरियर शुरू करने वाले असीम अरुण सोमवार को पहली बार अपने गृह जनपद कन्नौज पहुंचे. जहां उनके समर्थकों और भाजपा नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया. घर पहुंचते ही उन्होंने पहले अपनी चौखट को प्रणाम किया.
असीम अरुण जब अपने गांव पहुंचे तो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेताओं के बीच ना तो सोशल डिस्टेंसिंग दिखाई पड़ी और ना ही कोई मास्क लगाए नजर आए. वहीं चुनाव आयोग द्वारा निर्देशित किए गए नियमों का भी पालन होता नहीं दिखाई पड़ा. खैर असीम अरुण ने राजनीति में आने का श्रेय भाजपा के शीर्ष नेताओं को दिया.
आज अपने ग्राम खैरनगर पहुंचने पर रिश्तेदारों, कार्यकर्ताओं, एवं किशोर समर्थकों ने दिल से स्वागत किया।
— Asim Arun (@asim_arun)
अपने राजनीतिक कैरियर शुरू करने के दूसरे ही दिन कानपुर के पुलिस कमिश्नर रहे असीम अरुण सोमवार को लखनऊ से एक्सप्रेस-वे के रास्ते से पहली बार अपने गृह जनपद कन्नौज पहुंचे. ठठिया कट पर उपस्थित भाजपा नेताओं और उनके समर्थकों ने जयश्रीराम के नारे लगाते हुए गर्मजोशी के साथ फूल मालाओं से उनका जोरदार स्वागत किया.

इस बीच वहां मौजूद लोग कोरोना गाइडलाइन का अनुपालन करते नहीं नजर आए तो वही चुनाव आयोग द्वारा निर्देशित नियमों का भी पालन नहीं किया गया. मीडिया से रूबरू होते हुए असीम अरुण ने बताया कि राजनीति और राजनेताओं से वह बहुत दूर रहते थे, लेकिन भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं का एक बहुत बड़ा विजन है.
असीम अरुण ने कहा कि मेरे जैसे लोगों को जो फील्ड में एक अच्छा काम कर रहे हैं. ऐसे लोगों को लोक सेवा करने के लिए एक अवसर दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जो मेरे मूल विचार हैं, वही भारतीय जनता पार्टी के भी हैं. चुनाव लड़ने को लेकर उन्होंने कहा कि जो भी टास्क भाजपा के शीर्ष नेता उनको देंगे मैं उनको पूरा करूंगा.