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UP Congress List: टिकट बांटने में कांग्रेस ने दिखाई सोशल इंजीनियरिंग, बेटे-बेटियों पर भी खेला दांव

यूपी चुनाव में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने 125 में से 50 टिकट महिलाओं को देने के साथ-साथ जातीय और धार्मिक समीकरण साधने का भी दांव चला है. कांग्रेस ने परंपरागत वोट बैंक रहे ब्राह्मण-मुस्लिम-दलितों पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है. इसके अलावा कांग्रेस नेताओं के बेटे-बेटियों को भी चुनावी मैदान में उतारा.

प्रियंका गांधी और अर्चना गौतम प्रियंका गांधी और अर्चना गौतम
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कांग्रेस ने 40 फीसदी महिलाओं को दिए टिकट
  • ब्राह्मण-मुस्लिम-दलित पर चला सियासी दांव
  • दलितों में कांग्रेस का जाटव और पासी पर फोकस

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस महासिचव प्रियंका गांधी ने गुरुवार को पार्टी के 125 उम्मीदवरों के नामों का ऐलान कर दिया. सूबे की सियासत में कुछ अप्रत्याशित करने की कोशिश में जुटीं प्रियंका गांधी ने 125 में से 50 टिकट महिलाओं को देने के साथ-साथ जातीय और धार्मिक समीकरण साधने का भी दांव चला है. इस लिस्ट में कांग्रेस ने परंपरागत वोट बैंक रहे ब्राह्मण-मुस्लिम-दलितों पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया. इसके अलावा कांग्रेस नेताओं के बेटे-बेटियों को भी चुनावी मैदान में उतारा गया है.  

सवर्णों को सबसे टिकट
प्रियंका गांधी ने अपने वादे के मुताबिक 40 फीसदी महिलाओं को टिकट दिए हैं. 125 प्रत्याशियों में 50 महिलाएं और 75 पुरुष हैं. कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 40 टिकट सामान्य वर्ग के नेताओं को दिए हैं. सवर्ण समाज में सबसे ज्यादा तवज्जो ब्राह्मण समाज को दिया है, जिन्हें 18 टिकट दिए हैं. इसके बाद दूसरे नंबर पर ठाकुर समाज के लोगों को 10 टिकट दिए हैं. इसके अलावा 6 वैश्य (बनिया) एक कायस्थ, एक भूमिहार और चार सामान्य वर्ग की अन्य जातियां हैं. 

ओबीसी को 27 टिकट
कांग्रेस ने अपनी पहली लिस्ट में ओबीसी समुदाय के 27 प्रत्याशियों पर दांव चला है, जिसमें सबसे ज्यादा कुर्मी समाज के लोगों को टिकट दिए गए हैं. कुर्मी समाज के 6 प्रत्याशी बनाए हैं तो यादव समाज के 5 उम्मीदवार हैं. निषाद समाज से 3, गुर्जर से 2, जाट समुदाय के 2, शाक्य समाज के 1, जायसवाल एक, पाल समाज से एक और अन्य पिछड़ा वर्ग से 6 प्रत्याशी बनाए गए हैं. 

32 दलित, 1 एसटी कैंडिडेट
कांग्रेस ने अपने पुराने और परंपरागत दलित वोट बैंक को भी साधने का दांव चला है. कांग्रेस ने 125 सीटों में से 32 सीटों पर दलित समाज से जुड़े लोगों को प्रत्याशी बनाया है, जबकि एक सीट पर अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवार को टिकट दिया है. अनुसूचित जाति में कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 15 टिकट जाटव समुदाय के लोगों को दिया है. इसके बाद दूसरे नंबर पर 10 पासी समुदाय के प्रत्याशी हैं. धोबी समुदाय के 4 लोगों को टिकट दिए हैं तो बाल्मिकी समुदाय के दो प्रत्याशियों पर भरोसा जताया है. इसके अलावा तीन अन्य दलित समुदाय के लोगों को टिकट दिए हैं. 

19 मुस्लिम 5 पंजाबी, एक ईसाई
कांग्रेस ने ब्राह्मण और दलितों के साथ-साथ मुस्लिमों पर भी भरोसा जताया है. कांग्रेस ने 19 टिकट मुस्लिमों को दिए हैं, जिनमें दो कुरैशी, तीन अंसारी हैं. इस तरह कांग्रेस ने मुस्लिमों सहित ओबीसी और सामान्य वर्ग दोनों को साधने का दांव चला है.

वहीं, कांग्रेस ने मुस्लिमों के अलावा दूसरे अल्पसंख्यक समुदाय को भी टिकट दिए हैं, जिनमें 3 पंजाबी कैंडिडेट हैं. इनमें अजय कपूर से लेकर संजय कपूर जैसे दिग्गज नेता है. कांग्रेस ने दो सिख समुदाय के भी प्रत्याशी बनाए हैं. इसके अलावा एक ईसाई को टिकट दिया है. 

नेताओं के बेटे-बेटियों को टिकट
कांग्रेस ने अपने दिग्गज नेताओं के बेटे-बेटियों को बड़ी संख्या में टिकट देकर मैदान में उतारा है. सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद को फर्रुखाबाद सीट से प्रत्याशी बनाया है तो प्रमोद तिवारी की बेटी आराधना मिश्रा को रामपुर खास से एक फिर टिकट दिया. कानपुर की आर्यनगर सीट से पूर्व मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल के बेटे प्रमोद जायसवाल को प्रत्याशी बनाया है तो बाराबंकी से पूर्व सांसद रहे पीएल पुनिया के बेटे तनुज पुनिया को जैदपुर सुरक्षित सीट से प्रत्याशी बनाया है. रायबरेली जिले की सलोन सुरक्षित सीट पर पूर्व विधायक शिव बालक पासी के बेटे अर्जुन पासी को प्रत्याशी बनाया है.

 

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