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Amethi Assembly Seat: रानियों की चुनावी जंग में जीती थीं गरिमा सिंह, बीजेपी बचा पाएगी सीट?

अमेठी विधानसभा सीट पर साल 2017 के विधानसभा चुनाव में संजय सिंह की पहली पत्नी गरिमा सिंह बीजेपी और दूसरी पत्नी अमिता सिंह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरी थीं. बीजेपी की गरिमा विजयी रही थीं.

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यूपी Assembly Election 2022 अमेठी विधानसभा सीट
यूपी Assembly Election 2022 अमेठी विधानसभा सीट
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अमेठी जिले की सीट है अमेठी विधानसभा सीट
  • 2017 में गरिमा और अमिता सिंह थी आमने-सामने

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले की विधानसभा सीट है अमेठी विधानसभा सीट. नेहरू-गांधी परिवार के गढ़ के रूप में प्रसिद्ध अमेठी की पहचान अमेठी रियासत से भी है जिसकी स्थापना राजा सोढ़ देव ने की थी. अमेठी राज परिवार के राजा रणंजय सिंह ने 1962 में संजय सिंह को दत्तक पुत्र बनाया था. अमेठी रेल और सड़क मार्ग के जरिए देश-प्रदेश के अन्य हिस्सों से जुड़ा हुआ है.

राजनीतिक पृष्ठभूमि

अमेठी विधानसभा सीट से साल 2957 के चुनाव में कांग्रेस के रमाकांत सिंह, 1962 में कांग्रेस के बैजनाथ सिंह, 1967 में जनसंघ के आरपी सिंह, 1969 में जनसंघ के टिकट पर राजा रणंजय सिंह विधायक बने. 1977 के विधानसभा चुनाव में जनता पार्टी के हरिचरण यादव, 1980 और 1985 में कांग्रेस के टिकट पर राज परिवार के संजय सिंह, 1989 और 1991 में कांग्रेस के हरि चरण यादव विधायक निर्वाचित हुए थे. 1993 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के जमुना मिश्रा, 1996 में कांग्रेस के राम हर्ष सिंह, 2002 में बीजेपी और 2007 में कांग्रेस के टिकट पर अमिता सिंह, 2012 में समाजवादी पार्टी (सपा) के गायत्री प्रसाद जीते थे.   

2017 का जनादेश

अमेठी विधानसभा सीट से साल 2017 में अमेठी राजघराने की दो बहुएं आमने-सामने थीं. अमेठी के महाराज संजय सिंह की पहली पत्नी गरिमा सिंह बीजेपी तो दूसरी पत्नी अमिता सिंह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में थीं. बीजेपी की गरिमा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी सपा के गायत्री प्रसाद प्रजापति को 5065 वोट से हरा दिया था. बसपा के रामजी तीसरे और कांग्रेस की अमिता सिंह चौथे स्थान पर रहे थे.

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सामाजिक ताना-बाना

अमेठी विधानसभा सीट के सामाजिक समीकरणों की बात करें तो यहां करीब 3.5 लाख मतदाता हैं. इस विधानसभा सीट का चुनाव परिणाम निर्धारित करने में ब्राह्मण और राजपूत के साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाता भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं. अमेठी विधानसभा क्षेत्र में अनुसूचित जाति के मतदाता भी अच्छी तादाद में हैं.

विधायक का रिपोर्ट कार्ड

अमेठी विधानसभा सीट से विधायक गरिमा सिंह का दावा है कि उनके कार्यकाल में विधानसभा क्षेत्र के हर इलाके का चहुंमुखी विकास हुआ है. विधायक के दावों विपक्षी दलों के नेता गलत बता रहे हैं. संजय सिंह भी अब बीजेपी में हैं. सपा ने इस सीट से विधायक रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति की पत्नी महराजी देवी को उम्मीदवार बनाया है. अमेठी विधानसभा सीट के लिए पांचवे चरण में 27 फरवरी को मतदान होना है. गौरतलब है कि यूपी के चुनाव सात चरणों में हो रहे हैं.

 

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