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CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की तैयारी! विपक्ष के 193 सांसदों ने नोटिस पर किए साइन

विपक्षी गठबंधन INDIA के कुल 193 सांसदों ने उनके खिलाफ हटाने का नोटिस लाने के लिए हस्ताक्षर किए हैं. यह नोटिस शुक्रवार को संसद के किसी एक सदन में पेश किया जा सकता है.

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CEC ज्ञानेश कुमार पर विपक्षी पार्टियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं (File Photo- PTI)
CEC ज्ञानेश कुमार पर विपक्षी पार्टियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं (File Photo- PTI)

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने बड़ा कदम उठाया है. विपक्षी गठबंधन INDIA के कुल 193 सांसदों ने उनके खिलाफ हटाने का नोटिस लाने के लिए हस्ताक्षर किए हैं. यह नोटिस शुक्रवार को संसद के किसी एक सदन में पेश किया जा सकता है.

सूत्रों के मुताबिक, इन 193 सांसदों में से 130 सांसद लोकसभा के हैं, जबकि 63 सांसद राज्यसभा के सदस्य हैं. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह नोटिस सबसे पहले किस सदन में पेश किया जाएगा.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक विपक्ष के एक सांसद ने बताया कि नोटिस पर हस्ताक्षर करने को लेकर सांसदों में काफी उत्साह देखने को मिला. उन्होंने कहा कि जरूरी संख्या पूरी हो जाने के बाद भी गुरुवार को कई सांसद आगे बढ़कर इस नोटिस पर हस्ताक्षर करने पहुंचे.

संसदीय नियमों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के प्रस्ताव के लिए लोकसभा में कम से कम 100 सांसदों और राज्यसभा में कम से कम 50 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं. विपक्ष का दावा है कि यह संख्या पूरी कर ली गई है.

अगर यह नोटिस संसद में पेश होता है, तो यह पहला मौका होगा जब किसी मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए औपचारिक नोटिस दिया जाएगा.

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सूत्रों के अनुसार, इस नोटिस पर विपक्षी गठबंधन के सभी दलों के सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं. वहीं आम आदमी पार्टी के सांसदों ने भी इस नोटिस पर दस्तखत किए हैं, हालांकि पार्टी फिलहाल औपचारिक रूप से इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं है.

रिपोर्ट के मुताबिक, नोटिस में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सात आरोप लगाए गए हैं. इनमें पद पर रहते हुए पक्षपातपूर्ण और भेदभावपूर्ण व्यवहार, चुनावी गड़बड़ियों की जांच में जानबूझकर बाधा डालना और बड़ी संख्या में मतदाताओं को मतदान अधिकार से वंचित करने जैसे आरोप शामिल हैं.

इससे पहले भी विपक्षी दल कई मौकों पर चुनाव आयोग पर सत्तारूढ़ बीजेपी को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा चुके हैं. खास तौर पर चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं. विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल केंद्र की सत्ताधारी पार्टी को लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है.

इस मुद्दे पर ममता बनर्जी ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान कई वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चिंता का विषय है.

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