पंजाब सरकार की सत्ता पर काबिज कैप्टन अमरेंद्र सिंह के नेतृत्व में शनिवार को कैबिनेट की पहली हुई. इस बैठक में किसान कर्ज, राज्य के आर्थिक मामले और नशे सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. बैठक में एक्साइज पॉलिसी की नई नीति को मंजूरी दी गई.
पंजाब में नई एक्साइज पॉलिसी लाई जाएंगी और शराब के ठेकों से मिलने वाले रेवेन्यू में धांधली को रोकने और रेवेन्यू में बढ़ोतरी करने के लिए इस पॉलिसी को लागू किया जाएगा. किसानों के कर्ज माफी को लेकर अगले 2 महीने में पंजाब सरकार एक पॉलिसी तैयार करेगी और ये पॉलिसी लागू होने तक बैंकों के पास गिरवी रखी किसानों की जमीनों को बैंक नीलाम नहीं कर सकेंगे. ड्रग्स को रोकने के लिए एडिशनल डीजीपी की अध्यक्षता में एक स्पेशल टास्क फोर्स बनाई जाएगी. जो पंजाब में ड्रग्स के कारोबार पर लगाम लगाएगी.
We have also decided to set up a Special Task Force to crack down on drugs and wipe them out from Punjab.
— Capt.Amarinder Singh (@capt_amarinder)
लाल बत्ती की गाड़ियों के इस्तेमाल पर रोक
मीटिंग में एक अहम फैसला ये लिया गया कि सीएम तमाम कैबिनेट, राज्य मंत्री और विधायक, ब्यूरोक्रेट्स अपनी सरकारी गाड़ियों पर लाल बत्ती या अन्य कोई बत्ती नहीं लगाएंगे. पंजाब कांग्रेस ने
अपने मेनिफेस्टो में इलेक्शन के दौरान वादा किया था कि पंजाब में सरकार बनने पर लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर खत्म किया जाएगा. इसी कड़ी में ये अहम फैसला कैबिनेट में लिया गया है. ने
ट्वीट करके भी कैबिनेट के फैसले की जानकारी दी.
My cabinet has decided to rid the state of VIP culture. All beacon lights to be removed from vehicles of Ministers, MLAs and bureaucrats.
— Capt.Amarinder Singh (@capt_amarinder)
पंजाब में डीटीओ अफसर का पद समाप्त कर दिया गया है, अब इनकी जगह ट्रांसपोर्ट महकमे का काम स्थानीय एसडीएम संभालेंगे.
No more DTOs, no more Halqa Incharges to harass and bleed my people. My cabinet has decided to abolish both.
— Capt.Amarinder Singh (@capt_amarinder)
आपको बता दें कि चंडीगढ़ के पंजाब राजभवन में आयोजित को भी बहुत ही सादा रखा गया था. कैप्टन के इस सादे शपथ ग्रहण का मकसद जनता के बीच यह संदेश देना था कि कांग्रेस सरकार किसी भी तरह की फिजूलखर्ची नहीं होने देगी.