गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों की घोषणा कर दी गई है. राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि इस बार चुनाव ओबीसी आरक्षण के नए नियमों के तहत कराए जाएंगे, जिससे चुनाव प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.
घोषित कार्यक्रम के अनुसार, राज्य में 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाओं, 260 तालुका पंचायतों और 34 जिला पंचायतों के लिए चुनाव होंगे. कुल 9992 सीटों पर मतदान कराया जाएगा. सभी चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के जरिए कराए जाएंगे.
चुनाव प्रक्रिया एक ही चरण में पूरी होगी. इसके तहत 26 अप्रैल को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा. अगर किसी वजह से जरूरत पड़ी तो 27 अप्रैल को पुनर्मतदान कराया जाएगा. मतगणना 28 अप्रैल को होगी और उसी दिन नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे. पूरी चुनावी प्रक्रिया 30 अप्रैल तक समाप्त कर ली जाएगी.
नामांकन प्रक्रिया 6 अप्रैल से शुरू होगी, जबकि 11 अप्रैल नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख होगी. इसके बाद 13 अप्रैल को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी (जांच) की जाएगी. उम्मीदवार 15 अप्रैल तक अपने नामांकन वापस ले सकेंगे.
मतदाता संख्या की बात करें तो इस चुनाव में 4.18 करोड़ से ज्यादा मतदाता हिस्सा लेंगे. इनमें करीब 2.16 करोड़ पुरुष और 2.02 करोड़ महिला मतदाता शामिल हैं. इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के चलते चुनाव को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं.
ओबीसी आरक्षण के नए नियमों के साथ हो रहे इन चुनावों को राज्य की राजनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है. यह चुनाव न केवल स्थानीय स्तर पर सत्ता का फैसला करेंगे, बल्कि आने वाले बड़े चुनावों के लिए भी राजनीतिक माहौल तय करेंगे.