गोरखपुर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्जमाफी का फैसला नहीं करने का कारण बताया. उन्होंने कहा कि कर्जमाफी का फैसला हमारे लिए भी बहुत आसान था. लेकिन ऐसा करने से सिर्फ ऊपरी स्तर के कुछ ही किसानों का फायदा हो पाता.
पीएम मोदी ने कहा, 'हमारी सरकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना पर ही करीब 1 लाख करोड़ रुपए खर्च कर रही है. इतनी बड़ी राशि हम लगा रहे हैं ताकि देश में जो सिंचाई परियोजनाएं 30-40 साल से अधूरी थीं, लटकी हुई थीं, उन्हें पूरा किया जा सके. हमने देशभर की 99 ऐसी परियोजनाएं चुनीं थीं जिसमें से 70 से ज्यादा अब पूरी होने की स्थिति में आ रही हैं.'
कई पीढ़ियों को मिलेगा लाभ
उन्होंने कहा, 'इन परियोजनाओं की वजह से किसानों को लाखों हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई की सुविधा मिल रही है. ये वो काम है जो किसानों की आने वाली कई पीढ़ियों तक को लाभ देगा. सिंचाई परियोजनाओं को पूरा न करके, कर्जमाफी करना आसान रास्ता था. लेकिन कि कर्जमाफी से सिर्फ ऊपरी स्तर के कुछ किसानों का ही फायदा हो पाता. वो भी ऐसे किसान जिन्होंने बैंक से लोन लिया है, उन करोड़ों किसानों के बारे में कौन सोचता, जो बैंक के बजाय किसी दूसरे से कर्ज लेते हैं.'
PM मोदी ने कहा, 'इन सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए कहीं कोई प्रदर्शन नहीं हुआ था, कोई दबाव नहीं था. सिंचाई परियोजनाओं को पूरा न करके, कर्जमाफी करना बहुत आसान रास्ता था. लेकिन सच्चाई यही है कि कर्जमाफी से सिर्फ ऊपरी स्तर के कुछ किसानों का ही फायदा हो पाता.'
सूची तो हम पैस भेजेंगे...
पीएम ने कहा कि देश के 12 करोड़ किसानों को किसान योजना का सीधा लाभ मिलेगा. अब किसानों को बीज, खाद और दवा खरीदने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा. केंद्र सरकार सीधे आपके खाते में 6 हजार रुपये ट्रांसफर करेगी. इसी के तहत दो हजार रुपये की पहली किस्त किसानों के खाते में जमा की गई है. जिन किसानों को पहली किस्त की राशि नहीं मिली है उन्हें कुछ ही समय में मिल जाएगी. इसके लिए राज्य सरकारों को कुछ नहीं करना है बस ईमानदारी से किसानों की सही सूची बनानी है. हमारे पास जैसे ही सूची आएगी, हम पैसा ट्रांसफर कर देंगे.
उन्होंने कहा, 'कई राज्य सरकारों ने इसके लिए पहल कर दी है. लेकिन कुछ अभी भी राज्य सरकारें हैं जो इसके लिए पहल नहीं कर रही हैं. मैं कहना चाहता हूं कि अगर आपने किसानों की सूची नहीं बनाई तो किसानों की बद-दुआएं आपकी राजनीति को तहस-नहस कर देंगी. आपका विरोधाभास हमारी पार्टी और हमारे साथ हो सकती है लेकिन किसानों के साथ क्यों. विपक्ष ने अफवाह फैलाई है कि मोदी अभी तो 6 हजार रुपये दे देगा और एक साल बाद फिर वाफिस ले लेगा. लेकिन मैं आप सभी को कहता हूं कि यह पैसा आपका है और इसे मोदी तो क्या कोई भी आपसे वापस नहीं ले सकता.'