लोकसभा चुनाव 2019 के तहत तेलंगाना की नालगोंडा लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है. कांग्रेस प्रत्याशी के उत्तम कुमार 25682 वोटों के अंतर से अपने नजदीकी प्रतिद्वंदी को शिकस्त देने में कामयाब रहे.
2019 का जनादेश
कांग्रेस प्रत्याशी के उत्तम कुमार को 526028 वोट मिले. हीं टीआरएस नरसिम्हा रेड्डी 500346 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे. बीजेपी के गर्लापति जितेंद्र कुमार 52709 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर हैं. . बता दें कि इस सीट पर पहले चरण में 11 अप्रैल को वोट डाले गए थे.
2014 का जनादेश
पिछले लोकसभा चुनाव में नालगोंडा सीट पर कांग्रेस के गुथा सुकेंदर रेड्डी को 39.69 फीसदी यानी 4,72,093 वोट मिले थे. उन्होंने टीडीपी के टी. चिनप्पा रेड्डी को करीब 2 लाख वोटों के अंतर से हराया था. चिनप्पा रेड्डी को 23.45 फीसदी यानी 2,78,937 वोट मिले थे. तीसरे नंबर पर टीआरएस के डॉ. पी. राजेश्वर रेड्डी रहे थे, उन्हें 21.92 फीसदी यानी 2,60,677 वोट मिले थे. इससे पहले, 2009 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के गुथा सुकेंदर रेड्डी करीब 1.50 लाख वोटों के अंतर से जीते थे. दूसरे नंबर पर सीपीआई के एस. सुधाकर रेड्डी रहे थे.
सामाजिक ताना-बाना
साल 2011 की जनगणना के अनुसार नालगोंडा की करीब 76 फीसदी आबादी ग्रामीण और करीब 24 फीसदी आबादी शहरी है. यहां पर अनुसूचित जाति की आबादी यहां की कुल आबादी का 17.55 फीसदी है तो अनुसूचित जनजाति की आबादी कुल आबादी का 15.36 फीसदी है. यह जिला देश के 250 सबसे पिछड़े और तेलंगाना के 9 सबसे पिछड़े जिलों में से एक है. नालगोंडा लोकसभा सीट में सात विधानसभा सीटें आती हैं.
यहां पुरुषों के मुकाबले महिला मतदाताओं की संख्या ज्यादा है. इस लोकसभा सीट पर 7,47,281 पुरुष और 7,48,299 महिला यानी कुल 14,95,580 मतदाता हैं. यहां पर 2014 में हुए आम चुनावों में करीब 80 फीसदी मततादातओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
नालगोंडा लोकसभा सीट अपने अस्तित्व से लेकर अब तक कई दलों के पास रही है. सबसे ज्यादा बार यहां से लेफ्ट के नेता लोकसभा में पहुंचते रहे हैं. 16 लोकसभा चुनाव में से यहां 6 बार सीपीआई और एक बार सीपीएम के सांसद चुने गए हैं. इसके बाद यहां से छह बार कांग्रेस को जीत मिली है. इनके अलावा एक बार तेलंगाना प्रजा समिति और दो बार तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के उम्मीदवारों को जीत मिली है. कांग्रेस के गुथा सुकेंदर रेड्डी इस सीट से तीन बार सांसद चुने गए हैं. वह यहां से वह पहली बार 1999 में सीपीआई के एस. सुधाकर रेड्डी को हराकर जीते थे. अगले चुनावों में सुधाकर रेड्डी ने उन्हें हराया था. इसके बाद 2009 और 2014 में सुकेंदर रेड्डी को ही जीत मिली थी.
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