बिहार की सीतामढ़ी लोकसभा सीट पर 6 मई को पांचवें चरण में वोट डाले गए. इस चरण में सात राज्यों की कुल 51 लोकसभा सीटों पर वोटिंग हुई. इन 51 लोकसभा सीटों पर कुल 674 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. पांचवें चरण में कुल 64.04 फीसदी वोट पड़े, जबकि सीतामढ़ी लोकसभा सीट पर 56.92 फीसदी मतदान दर्ज किया गया.
चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे. भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी. इस सीट पर वोटों की गिनती 23 मई को होगी और इसके बाद चुनाव के नतीजे जारी किए जाएंगे.
सीतामढ़ी लोकसभा सीट से राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने अर्जुन राय और जनता दल यू (जेडीयू) ने सुनील कुमार पिंटू को चुनाव मैदान में उतारा है. इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी के टिकट से जासेम अहमद, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के टिकट से ब्रज किशोर, किसान पार्टी ऑफ इंडिया के टिकट से मोहन शाह, आम आदमी पार्टी के टिकट से रघुनाथ कुमार, भारतीय मित्र पार्टी के टिकट से रविंद्र कुमार चंद्र और बज्जिकांचल विकास पार्टी के टिकट से सुरेंद्र कुमार चुनाव लड़ रहे हैं.
इसके अलावा कई निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में हैं, जिनमें चंद्रिका प्रसाद, डॉ. जुनैद खान, चंदन कुमार सिंह, धर्मेंद्र कुमार, नंद किशोर गुप्ता, महेश नंदन सिंह, रमेश कुमार मिश्रा, लालबाबू पासवान, विनोद साह और शशि कुमार सिंह के नाम शामिल हैं.
इससे पहले साल 2014 के लोकसभा चुनाव में सीतामढ़ी से एनडीए के सहयोगी के रूप में आरएलएसपी के राम कुमार शर्मा विजयी रहे थे. उनको 4 लाख 11 हजार 265 वोट हासिल हुए थे. उन्होंने आरजेडी के सीताराम यादव को शिकस्त दी थी. सीताराम यादव को 2 लाख 63 हजार 300 वोट मिले थे. वहीं, तीसरे नंबर पर जेडीयू के अर्जुन राय रहे थे.ये भी पढ़ें-
सीतामढ़ी सीट का समीकरणसीतामढ़ी लोकसभा सीट के वोटर लगातार बदलावों को पसंद करने वाले हैं. इस इलाके में पिछले कुछ चुनावों में नवल किशोर राय काफी लोकप्रिय नेता के रूप में स्थापित हुए. इस इलाके से वे तीन बार सांसद चुने गए. सीतामढ़ी संसदीय क्षेत्र में मतदाताओं की कुल संख्या 13 लाख 55 हजार 817 है. इसमें से 6 लाख 36 हजार 956 महिला वोटर हैं, जबकि 7 लाख 18 हजार 861 पुरुष वोटर हैं.
सीतामढ़ी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से साल 2014 के चुनाव में एनडीए की जीत हुई और आरएलएसपी के राम कुमार शर्मा सांसद बने. साल 2014 में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएसपी बीजेपी के साथ थे. 2019 में आरएलएसपी आरजेडी-कांग्रेस के साथ महागठबंधन में शामिल हो गई. सीतामढ़ी क्षेत्र नक्सल प्रभावित है और माओवादी रेड कॉरिडोर का हिस्सा होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है.
ये भी पढ़ें-
इस संसदीय क्षेत्र के तहत विधानसभा की 6 सीटें आती हैं, जिनमें सीतामढ़ी, रुन्नी सैदपुर, बाजपट्टी, रीगा, बथनाहा, परिहार और सुरसंड विधानसभा सीट आती हैं. बता दें कि साल 2019 के आम चुनावों के लिए चुनाव आयोग ने देश की 543 सीटों पर 7 चरणों में चुनाव संपन्न कराए जाने का फैसला लिया है. पांचवे चरण के लिए नोटिफिकेशन के लिए 10 अप्रैल और नामांकन के लिए 18 अप्रैल की तारीख तय की गई थी. 20 अप्रैल को स्क्रूटनी के बाद बाकी के छह चरणों समेत 6 मई के मतदान के नतीजे 23 मई को आएंगे.
चुनाव की हर ख़बर मिलेगी सीधे आपके इनबॉक्स में. आम चुनाव की ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए करें आजतक का इलेक्शन स्पेशल न्यूज़लेटर