लोकसभा चुनाव से ठीक पहले रोजगार को लेकर एक सरकारी आंकड़ा सामने आया है जिसके अनुसार पिछले 17 महीनों में देशभर में 76.48 लाख लोगों को रोजगार मिला. वहीं पिछले साल के मुकाबले इसे साल जनवरी में रोजगार को लेकर 131 फीसदी इजाफा देखने को मिला. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 17 महीनों में सबसे ज्यादा नौकरियां लोगों को इस साल जनवरी में मिली.
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने सितंबर 2017 से उन लोगों के आंकड़े जारी कर रहा है, जिनके नाम उसके यहां पर जुड़े हुए हैं. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से इस साल जनवरी में करीब 3.87 लाख नए अंशधारक ईपीएफओ से जुड़े. पिछले साल जनवरी की तुलना में इस आंकड़े में 131 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई. सितंबर 2017 में 2,07,609 लोग नौकरी से जुड़े थे. यह आंकड़े सिर्फ संगठित क्षेत्र से जुड़े लोगों का है.
बड़ी संख्या में बनी नौकरियां
सितंबर, 2017 में कुल 2,75,609 रोजगार क्रिएट किए गए. करीब 76.48 लाख नए लोग सितंबर 2017 से लेकर जनवरी 2019 के बीच इस सामाजिक सुरक्षा योजना कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में शामिल हुए. इस तरह से आंकड़ा यह दर्शाता है कि संगठित क्षेत्र में पिछले 17 महीनों में बड़ी संख्या में नौकरियां बनी.
ईपीएफओ के कंपनियों में कर्मचारियों की संख्या और उन्हें दिए जाने वाले पेरोल (वेतन) के आंकड़े से यह पता चला है. जनवरी 2019 में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में 8,96,516 लोग शामिल हुए जो सितंबर 2017 के बाद से यह सबसे बड़ी संख्या है.
ईपीएफओ के आंकड़ों के अनुसार ईपीएफओ की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से सितंबर, 2017 से जनवरी 2019 के दौरान 76.48 लाख नए अंशधारक इससे जुड़े. जो बताता है कि विगत 17 महीनों में संगठित क्षेत्र में कई रोजगार सृजित हुए. ईपीएफओ से जुड़े वाले अंशधारकों की संख्या जनवरी 2019 में 8,96,516 रही जो सितंबर, 2017 के बाद सर्वाधिक है.
इस बीच, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने दिसंबर, 2018 के आंकड़ों को संशोधित किया है. इस संशोधित आंकड़े के अनुसार पिछले साल दिसंबर में 7.03 लाख रोजगार सृजित हुए जबकि पूर्व में इसके 7.16 लाख रोजगार सृजित होने की बात कही गई थी. ईपीएफओ ने सितंबर, 2017 से दिसंबर, 2018 की अवधि के दौरान संचयी आधार पर रोजगार के आंकड़े को भी संशोधित किया है.
युवाओं में बढ़ा रोजगार
संशोधित आंकड़े के अनुसार इस दौरान 67.52 लाख रोजगार सृजित हुए जबकि पूर्व में इसके 72.32 लाख रहने का अनुमान जताया गया था. इस साल जनवरी के दौरान 2.44 लाख रोजगार 22 से 25 साल के आयु वर्ग में सृजित हुए. उसके बाद 18 से 21 साल के आयु वर्ग में 2.24 लाख रोजगार सृजित हुए.
ईपीएफओ ने यह भी कहा कि आंकड़े अस्थायी हैं क्योंकि कर्मचारियों का रिकार्ड अद्यतन करना एक सतत प्रक्रिया है और जरूरत के मुताबिक उसे आने वाले महीनों में संशोधन किया जाएगा. इस अनुमान में वे कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं जिनका योगदान पूरे वर्ष जारी नहीं रहे. अंशधारकों का आंकड़ा आधार से जुड़ा है.