बीएस येदियुरप्पा सरकार के लिए शाम 4 बजे बेहद अहम है क्योंकि इसके अस्तित्व के लिए उन्हें फ्लोर टेस्ट में पास होना होगा. शनिवार सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हो गई और सभी की नजर नवनिर्वाचित विधायक पर लगी थी. विधायकों को आने का सिलसिला शुरू हुआ.
कांग्रेस के 76 विधायक सदन पहुंच गए, लेकिन दो नहीं पहुंचे. इनमें एक नाम आनंद सिंह का है दूसरा नाम प्रताप गौड़ा पाटिल का है. ये दोनों विधायक बीजेपी से आकर कांग्रेस का दामन थामा था. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बीजेपी ने उनके विधायकों को छिपाकर रखा है.
किसान परिवार में जन्म 63 वर्षीय प्रताप गौड़ा पाटिल हैदराबाद कर्नाटक के रायचूर जिले की मसकी विधानसभा सीट से जीतकर तीसरी बार विधायक बने हैं. इनमें दो बार कांग्रेस की टिकट पर जबकि एक बार बीजेपी से चुने गए थे.
गौड़ा पहली बार बीजेपी से 2008 में मसकी विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे. इसके बाद 2013 में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया. पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बनाया और उन्होंने 20 हजार मतों से बीजेपी उम्मीदवार को मात देकर दूसरी बार विधायक बने.
हाल ही में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने दूसरी बार उन्हें टिकट देकर मसकी सीट से उम्मीदवार बनाया था. कांग्रेस के उम्मीदों पर खरे उतरते हुए जीत हासिल की. उन्होंने बीजेपी के बसाना गौड़ा तुर्वील को हराकर लगातार तीसरी बार विधायक बने.
दिलचस्प बात यह है कि प्रताप गौड़ा पाटिल आज सदन में शपथ ग्रहण में नहीं पहुंचे. कहा जा रहा है कि बीजेपी के विधायक सोमशेखर रेड्डी ने उन्हें अपने कब्जे में ले रखा है. अब देखना है कि सदन में शक्ति परीक्षण के दौरान वो पहुंचते हैं या फिर नहीं.