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Delhi Elections 2020: नांगलोई जाट सीट पर हैट्रिक के बाद लगातार हारती गई कांग्रेस

नांगलोई जाट विधानसभा सीट पर आम आदमी पार्टी का कब्जा है. आम आदमी पार्टी के रघुविंदर शौकीन ने बीजेपी के मनोज कुमार शौकीन को हराया था. जबकि इस सीट पर कांग्रेस हैट्रिक लगा चुकी है, लेकिन 2015 के चुनाव में तीसरे स्थान पर रही थी.

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Delhi Elections 2020ः नांगलोई जाट सीट पर जीत की हैट्रिक लगा चुकी है कांग्रेस (फाइल-REUTERS)
Delhi Elections 2020ः नांगलोई जाट सीट पर जीत की हैट्रिक लगा चुकी है कांग्रेस (फाइल-REUTERS)

  • नांगलोई जाट पर तीन दलों ने जीत हासिल की
  • 2015 में AAP ने बीजेपी से छीन ली यह सीट

नांगलोई जाट विधानसभा सीट दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा (Delhi Elections 2020) सीटों में से एक है. यह सीट दिल्ली के वेस्ट दिल्ली जिले में पड़ता है और नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली संसदीय क्षेत्र के तहत आता है. नांगलोई जाट पर कांग्रेस जीत की हैट्रिक लगा चुकी है तो सत्तारुढ़ आम आदमी पार्टी (आप) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) भी यहां से जीत का स्वाद चख चुकी है.

2015 के विधानसभा चुनाव में नांगलोई जाट विधानसभा सीट पर 2,39,139 वोटर्स थे जिसमें 1,34,438 पुरुष और 1,04,693 महिला वोटर्स थे, जबकि 8 मतदाता थर्ड जेंडर से थे. 2,39,139 वोटर्स में से 1,52,375 वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था. जबकि 517 वोटरों ने नोटा के पक्ष में वोट डाला.

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पिछले चुनाव की बात की जाए तो नांगलोई जाट विधानसभा सीट पर आम आदमी पार्टी का कब्जा है. आम आदमी पार्टी के रघुविंदर शौकीन ने बीजेपी के मनोज कुमार शौकीन को हराया था. इस चुनाव आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार रघुविंदर शौकीन ने 83,259 मत हासिल किया तो बीजेपी के मनोज कुमार को 46,235 वोट मिले. कांग्रेस के उम्मीदवार डॉक्टर बिजेंदर सिंह तीसरे स्थान पर रहे और उन्हें 15,756 मत हासिल हुए. इस चुनाव में कुल 15 उम्मीदवार मैदान में थे.

बीजेपी को 20 साल बाद मिली मिला

1993 में दिल्ली को पूर्ण विधानसभा दर्जा मिलने के बाद हुए पहले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के देविंदर सिंह ने जीत हासिल की थी. उन्होंने कांग्रेस के भरत सिंह को हराया था. हालांकि इसके बाद 1998 के चुनाव में बीजेपी को हार मिली और कांग्रेस ने पलटवार करते हुए यह सीट अपने नाम कर लिया.

1998 में प्रेम चंद के रूप में कांग्रेस ने पहली जीत हासिल करने के बाद 2003 और 2008 के चुनाव में भी कांग्रेस के टिकट पर बिजेंदर सिंह ने लगातार 2 जीत अपने नाम किया. हालांकि 2013 के चुनाव में बीजेपी ने एक बार फिर वापसी की और मनोज कुमार शौकीन ने मैदान मार लिया.

2015 में भी दिखा उतार-चढ़ाव

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2015 के विधानसभा चुनाव में फिर उतार-चढ़ाव दिखा और बीजेपी ने यह सीट आम आदमी पार्टी के रघुविंदर शौकीन के हाथों गंवा दिया. 2013 के चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी का अभ्युदय हुआ और उसने पहले ही चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया. 2015 के चुनाव में अपने प्रदर्शन को और बेहतर करते हुए जीत की संख्या को 67 तक पहुंचा दिया.

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नांगलोई जाट विधानसभा सीट से चुनाव जीतने वाले रघुविंदर शौकीन की बात करें तो 2015 के चुनाव में दाखिल हलफनामे के अनुसार उन पर कोई आपराधिक केस दर्ज नहीं है. 53 वर्षीय रघुविंदर शौकीन ग्रेजुएट हैं और उनके पास 6,22,97,490 रुपये की संपति है.

कब होगी मतगणना?

दिल्ली की पहली पूर्ण विधानसभा का गठन 1993 में हुआ था. इससे पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंत्रीपरिषद की व्यवस्था हुआ करती थी. 70 सदस्यीय विधानसभा में एक चरण में मतदान हो रहा है. 8 फरवरी को वोट डाले जाएंगे तो मतगणना 11 फरवरी को होगी. दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल 22 फरवरी 2020 को समाप्त हो रहा है.

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