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कल्याणपुर सीटः 1990 के बाद कांग्रेस को नहीं मिली जीत, इस बार जदयू बचा पाएगी सीट?

कुशवाहा और भूमिहार जाति के वर्चस्व की लड़ाई के बीच कल्याणपुर विधानसभा सीट पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व उत्साहित करने वाला रहा है. कांग्रेस की उम्मीदवार रामसुकुमारी देवी 1980 में विधानसभा चुनाव जीत हासिल की थीं. 1995 के चुनाव में जनता दल से सीता सिन्हा को विधानसभा जाने का अवसर मिला था. इनके अलावा अश्वमेधा देवी कुशवाहा भी विधानसभा सदस्य चुनी गईं.

कल्याणपुर सीट पर 1990 के बाद कांग्रेस को नहीं मिली जीत (फोटो-रॉयटर्स) कल्याणपुर सीट पर 1990 के बाद कांग्रेस को नहीं मिली जीत (फोटो-रॉयटर्स)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कल्याणपुर से महिलाओं को मिला अवसर
  • 1990 के बाद कांग्रेस को नहीं मिली जीत
  • कुशवाहा और भूमिहार वोटर निर्णायक रहे

बिहार में समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कल्याणपुर विधानसभा सीट पर कुशवाहा और भूमिहार जाति के बीच चुनावी लड़ाई चलती रही है. अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित घोषित किए जाने पर 2010 के बाद इस सीट पर सियासी रूप से जातीय गुटबंदी भले ही कमजोर हुई हो, लेकिन कहा जाता है कि इसके बावजूद यहां जातिगत गोलबंदी का असर दिखता है.

महिला प्रतिनिधित्व और जाति समीकरण

कुशवाहा और भूमिहार जाति के वर्चस्व की लड़ाई के बीच कल्याणपुर विधानसभा सीट पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व उत्साहित करने वाला रहा है. कांग्रेस की उम्मीदवार रामसुकुमारी देवी 1980 में विधानसभा चुनाव जीत हासिल की थीं. 1995 के चुनाव में जनता दल से सीता सिन्हा को विधानसभा जाने का अवसर मिला था. इनके अलावा अश्वमेधा देवी कुशवाहा भी विधानसभा सदस्य चुनी गईं. चुनावी इतिहास को देखें तो पता चलता है कि यहां से सबसे अधिक कुशवाहा जाति के प्रत्याशी जीतते रहे हैं.  

कल्याणपुर विधानसभा सीट पर कुशवाहा और भूमिहार जाति के वोटर्स अहम भूमिका निभाते हैं. साथ ही अनुचित जाति के मतदाताओं का असर भी चुनाव नतीजों पर नजर आता है. इस विधानसभा सीट पर 2010 से जदयू का कब्जा बना हुआ है. पिछले चुनाव यानी 2015 के विधानसभा चुनाव में जदयू के महेश्वर हजारी ने लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के उम्मीदवार प्रिंस राज को बड़े अंतर से शिकस्त दी थी.  

इसी तरह, 2010 के विधानसभा चुनावों में जदयू के रामसेवक हजारी पासवान ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी एलजेपी के बिश्वनाथ पासवान को पराजित किया था. 2009 के उपचुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अशोक प्रसाद वर्मा ने जीत हासिल की थी. अशोक प्रसाद वर्मा कुशवाहा जाति से आते हैं. 

अक्टूबर 2005 के विधानसभा चुनाव में कल्याणपुर सीट पर जिन दो निकटतम प्रतिद्वंदियों में कड़ी टक्कर रही, वो दोनों उम्मीदवार कुशवाहा जाति के थे. जदयू की अश्वमेधा देवी कुशवाहा ने राजद के अशोक प्रसाद वर्मा को कड़ी टक्टर में शिकस्त दी थी. हालांकि इससे पहले फरवरी 2005 के चुनावों में राजद के टिकट अशोक प्रसाद जदयू की अश्वमेधा देवी कुशवाहा को हरा चुके थे. 

वर्ष 2000 में अश्वमेधा देवी कुशवाहा समता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ीं और अपने निकटतम प्रतिद्वंदी राजद के आलोक कुमार मेहता कुशवाहा को मात दी था. हालांकि बाद में आलोक कुमार मेहता कुशवाहा सांसद चुने गए.

1990 के बाद कांग्रेस को नहीं मिली जीत

कल्याणपुर विधानसभा सीट पर 1990 के बाद कांग्रेस फिर कभी अपनी जीत को नहीं दोहरा पाई. जनता दल की उम्मीदवार सीता सिन्हा कुशवाहा ने 1995 के विधानसभा चुनावों में समता पार्टी के प्रत्याशी प्रदीप महतो कुशवाहा को मात दी थी. कांग्रेस उम्मीदवार दिलीप कुमार राय ने 1990 के चुनावों में जनता दल के बशिष्ट नारायण सिंह को हराकर जीत हासिल की थी. इससे पहले 1985 के चुनावों में लोक दल के उम्मीदवार के तौर पर बशिष्ट नारायण सिंह कांग्रेस प्रत्याशी राम सुकुमारी देवी को हराकर विधानसभा पहुंचे थे. 

कांग्रेस (आई) की राम सुकुमारी देवी ने 1980 के विधानसभा चुनावों में जनता पार्टी के बशिष्ट नारायण सिंह को मात दी थी. 1977 में बशिष्ट नारायण सिंह जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े और कांग्रेस के राम नरेश त्रिवेदी को मात दे विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए. संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के ब्रह्मदेव नारायण सिंह कुशवाहा ने 1966 में कांग्रेस राम नरेश त्रिवेदी को हराया मात दी थी.

समस्तीपुर जिले में आने वाले कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र की कुल आबादी 443371 में 98.8% ग्रामीण इलाकों और 1.2% लोग शहर में रहते हैं. इनमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का अनुपात क्रमशः 20.99 और 0.03 फीसदी है. 2019 के मतदाता सूची के मुताबिक 316244 मतदाता हैं जो 318 बूथों पर वोटिंग करते हैं.

 

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